शनिवार, सितम्बर 26, 2020
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अंडर-23 रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप: भारत के रविंदर की फ़ाइनल में हार, रजत पदक जीतते हुए रचा इतिहास

बुधवार की रात मंगोलिया के उलानबतार में वर्ल्ड रेसलिंग अंडर-23 चैंपियनशिप में भारत के रविंदर ने रजत पदक जीतते हुए इतिहास रच डाला। हालांकि फ़ाइनल मुक़ाबले में भारत के इस युवा पहलवान को कीर्गिस्तान के उलुकबेक ज़ोलदोशबेकोव के हाथों 3-5 से शिकस्त झेलनी पड़ी। लेकिन रविंदर इस साल इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में दूसरा स्थान हासिल करने वाले पहले भारतीय बन गए। जबकि इतिहास में वह ऐसा करने वाले सिर्फ़ पांचवें भारतीय पहलवान हैं।

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रविंदर ने बुधवार की रात हुए 61 किग्रा वर्ग के इस ख़िताबी मुक़ाबले में दोनों ही पहलवानों ने संभल कर शुरुआत की थी। पहले राउंड के बाद भारत के रविंदर को कीर्गिस्तानी पहलवान पर बढ़त हासिल हो चुकी थी।

दूसरे राउंड में कुछ देर के लिए तब खेल रोकना पड़ा जब कीर्गिस्तानी पहलवान ज़ोलदोशबेकोव को मेडिकल उपचार की ज़रूरत पड़ी। लेकिन इसके बाद कीर्गिस्तान के गैपलर ने बेहतरीन अंदाज़ में रविंदर पर बढ़त बना ली थी, ज़ोलदोशबेकोव ने 4 प्वाइंट्स वाला मूव खेलते हुए रविंदर पर 4-1 यानी 3 अंकों की अहम बढ़त हासिल कर ली थी।

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तीसरे और आख़िरी राउंड में दोनों ही पहलवानों के बीच बेहद रोमांचक जंग देखने को मिली, जहां रविंदर 1-4 से पीछे होने के बावजूद वापसी के लिए बेक़रार थे। जैसे जैसे मैच ख़त्म होने की ओर बढ़ रहा था, मुक़ाबला काफ़ी तनावपूर्ण होता जा रहा था। जब कुछ सेकंड्स का ही वक़्त बचा था तो भारतीय पहलवान ने दो अंक हासिल करते हुए इसे 3-4 तक ले आए थे।

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इसके बाद रविंदर ने एक चैलेंज भी लिया और वह भारत के पक्ष में नहीं गया, लिहाज़ा रविंदर को एक और अंक गंवाना पड़ा और कीर्गिस्तानी पहलवान ने 5-3 से मुक़ाबला और चैंपियनशिप अपने नाम कर ली।

ज्योति भी दिला सकती हैं भारत को पदक

इससे पहले महिलाओं के 50 किग्रा वर्ग में भारत की ज्योति को भी सेमीफ़ाइनल में हार का सामना करना पड़ा। ज्योति ने सेमीफ़ाइनल में जगह बेहद धमाकेदार अंदाज़ में बनाई थी, जब उन्होंने मोलदोवा की मारिया ल्योर्डा को 12-1 से करारी शिकस्त दी थी। लेकिन सेमीफ़ाइनल में उन्हें जापान की पहलवान किका कगाटा के हाथों 4-15 से हार झेलनी पड़ी। इस मैच में भी ज्योति ने जापान की किका पर 4-0 की बढ़त बना रखी थी, लेकिन जापानी पहलवान ने इसके बाद लगातार 15 अंक बटोरते हुए ज्योति को मात दे दी। हालांकि ज्योति के पास अभी पदक का एक और मौक़ा होगा, जब वह गुरुवार को कांस्य पदक के मुक़ाबले के लिए उतरेंगी।