गुरूवार, अक्टूबर 1, 2020
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नेशनल टीम्स के लिए प्रोफेशनल सपोर्ट स्टाफ नियुक्त करेगा WFI

आने वाले टोक्यो 2020 ओलंपिक्स को देखते हुए रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) ने इंडियन नेशनल रेसलिंग टीम्स के लिए सपोर्ट स्टाफ के कई पदों पर आवेदन मांगे हैं। WFI मेंटल कंडिशनिंग कोच, फिजियो और न्यूट्रीशियन जैसी पोस्ट्स पर नई नियुक्तियां करना चाहता है। WFI ने टोक्यो 2020 ओलंपिक्स की तैयारियों को मद्देनजर रखने हुए मेंस फ्रीस्टाइल, ग्रीको रोमन और विमिंस टीम, तीनों के लिए यह नियुक्तियां करने का फैसला किया है।

WFI की प्रेस रिलीज के मुताबिक, ‘WFI ने अपनी तीनों टीम्स के लिए फिजियो, न्यूट्रीशनिस्ट, डाइटीशियन, मसाजर और मेंटल कंडिशनिंग कोच की पोस्ट्स के लिए आवेदन मांगे हैं। इसके साथ ही WFI नेशनल टीम के लिए एक मैनेजर भी नियुक्त करेगा।’

आपको बता दें कि WFI पहले से ही सभी एज कैटिगरी के अपने मुख्य रेसलर्स को सालाना कॉन्ट्रैक्ट ऑफर कर चुका है। इसके साथ ही संस्था कुछ चुने हुए जूनियर एथलीट्स को भत्ते भी देता है।

नेशनल टीम्स के लिए इन प्रोफेशनल्स की नियुक्ति के बारे में बोलते हुए WFI प्रेसिडेंट बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, ‘इन नियुक्तियों का लक्ष्य टोक्यो 2020 पर फोकस रखते हुए प्लेयर्स को तैयार करना है। यह कुशल लोग ओलंपिक की तैयारी वाले कैंप्स में प्लेयर्स के साथ नजदीक से काम करेंगे। अनुभवी फिजियोथेरेपिस्ट, बायोमैकेनिक्स कोच, मेंटल कंडिशनिंग ट्रेनर और न्यूट्रीशनिस्ट प्लेयर्स के साथ तैयारी के लिए विदेशी दौरों पर भी जाएंगे जिससे हर इंडियन रेसलर को विश्वस्तरीय तैयारी मिलनी पक्की हो जाए।’

आपको बता दें कि WFI ने पहले ही नेशनल टीम्स के लिए विदेशी कोच की नियुक्ति कर दी है। ईरान के हुसैन करीमी जहां फ्रीस्टाइल टीम के साथ काम कर रहे हैं वहीं अमेरिकी एंड्रयू कुक विमिंस टीम को कोच कर रहे हैं जबकि जॉर्जिया के तेमो कज़ाराश्विली के जिम्मे ग्रीको रोमन टीम की बेहतरीन की जिम्मेदारी है।

इंडियन रेसलर्स ने पिछले तीन ओलंपिक्स गेम्स में लगातार रेसलिंग में मेडल्स जीते हैं और रियो 2016 ओलंपिक्स में इस सिलसिले को जारी रखने वाली ब्रॉन्ज मेडलिस्ट साक्षी मलिक ने फेडरेशन के इस फैसले का स्वागत किया है।

साक्षी ने इस बारे में बात करते हुए कहा, ‘नए कोच पहले ही हमारे साथ काम कर रहे हैं और अब नए प्रोफेशनल सपोर्ट स्टाफ का शामिल किया जाना एक बड़ा कदम है। यह आगे बढ़ने और बिना किसी व्यवधान के ट्रेनिंग करने का बेहद जरूरी हिस्सा है। मुझे खुशी है कि उनकी मदद से हमें चोट से जल्दी उबरने में मदद मिलेगी और इससे हम ज्यादा वैज्ञानिक तरीकों से ट्रेनिंग कर पाएंगे।’