गुरूवार, अक्टूबर 29, 2020
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एशियाई रेसलिंग चैंपियनशिप : ग्रीको रोमन पहलवानो को 4 पदक

 एशियाई रेसलिंग चैंपियनशिप के पांचवे और छठे दिन ग्रीको रोमन पहलवानो ने अपने शानदार प्रदर्शन के साथ 4 पदक जीतते हुए भारत की पदको की संख्या को 16 कर दिया। हालाँकि कोई भी भारीतय पहलवान फाइनल में पहुंचने में असमर्थ रहे, लेकिन भारतीय पहलवानो का प्रदर्शन संतोषजनक माना जा रहा है। भारत के लिए गुरप्रीत सिंह (77 किलोग्राम), हरप्रीत सिंह (82 किलोग्राम) और सुनील कुमार (87 किलोग्राम) ने रजत पदक जीते, वही 60 किलोग्राम में ज्ञानेंद्र सिंह ने कांस्य पदक अपने नाम किया।

 चैंपियनशिप के पांचवे दिन 55 किलोग्राम के क्वार्टर फाइनल में मंजीत को कीर्गिस्तान के असन सुलैमानोव ने 5-3 से हराया। मैच के पहले डेढ़ मिनट में ही असन ने मंजीत पर 5-0 से बढ़त ले ली थी और पहले राउंड की समाप्ति तक उन्होंने इस बढ़त को बरक़रार रखा। दूसरे राउंड में मंजीत ने अच्छे दांव लगते हुए स्कोर को 5-3 पर ला दिया लेकिन इसके बाद वो कोई अच्छा मूव नहीं बना पाए और किर्गिस पहलवान ने यह मैच आसानी से जीत लिया। बाद में असन को सेमी फाइनल में हार झेलनी पड़ी और मंजीत को चैंपियनशिप से बिना पदक के लौटना पड़ा।

 63 किलोग्राम में भी कहानी कुछ इस तरह से ही रही जब विक्रम क़ुराड़े को दक्षिण कोरिया के जिनवूंग जुंग से क्वार्टर फाइनल में 8-0 से शिकस्त झेलनी पड़ी, बाद में कोरियाई पहलवान को सेमी फाइनल में हार का सामना करना पड़ा और इस भारवर्ग में भी भारत को कोई पदक हासिल नहीं हुआ।

 देश को दिन का सबसे पहला पदक 77 किलोग्राम में हासिल हुआ जब, फाइनल में गुरप्रीत सिंह को 2018 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता, दक्षिण कोरिया के किम ह्येवू ने 8-0 से हराया। किम 2012 ओलिंपिक खेलो के 66 किलोग्राम स्पर्धा के स्वर्ण पदक विजेता और 2016 खेलो के 75 किलोग्राम स्पर्धा के कांस्य पदक विजेता भी है। क्वार्टर फाइनल में बखीर शरीफ को 10-0 और सेमी फाइनल में कज़ाख़स्तान के तमेरियन शादुकायेव को कड़े मुक़ाबले में 6-5 से हराने के बाद, फाइनल में गुरप्रीत कोरियाई पहलवान के सामने थोड़े कमज़ोर दिखे। किम ने पहले ही मिनट में 1-0 से बढ़त बना ली थी, पहले राउंड में 30 सेकण्ड्स शेष रहते किम ने यह बढ़त 7-0 कर ली थी, भारत ने कोरियाई खिलाडी के दांव के खिलाफ अपील की जिसका नतीजा भारत के विरुद्ध गया और कोरिया को एक और अतिरिक्त पॉइंट मिला, इस तरह पहले ही राउंड में 8-0 के स्कोर के साथ टेक्निकल सुपेरिओरिटी के आधार पर किम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

गुरप्रीत सिंह चित्र : वर्ल्ड रेसलिंग फेडरेशन

 87 किलोग्राम में सुनील कुमार ने क्वार्टर फाइनल में ताजीकिस्तान के तोखिरदजों ऑखोनोव को 14-7 और सेमी फाइनल में कज़ाख़स्तान के अज़मत कुसटोबायेव को 6-6 के स्कोर के बाद फॉल से हराकर फाइनल में जगह बनायीं थी। सुनील और कज़ाक पहलवान के बिच सेमी फाइनल मुक़ाबला बहुत ही रोमांचित रहा, सुनील ने 1-0 से बढ़त लेकर सेमी फाइनल की शुरुआत की, लेकिन थोड़ी देर बाद ही कज़ाक पहलवान ने 2 अंक लेकर 2-1 से बढ़त बना ली, पहले राउंड में 36 सेकण्ड्स शेष रहते यह बढ़त 6-1 हो गयी थी, लेकिन इसके तुरंत बाद ही सुनील ने अपने दांव पर 4 अंक बटोरते हुए स्कोर को 6-5 कर दिया और रेफ़री ने इसे फॉल मानते हुए मैच सुनील के पक्ष में कर दिया, कज़ाख़स्तान ने सुनील के खिलाफ अपील भी की लेकिन फैसला भारत के पक्ष में गया और मैच 6-6 के स्कोर के साथ सुनील के नाम रहा। फाइनल में भी सुनील से ऐसे ही कड़े मुक़ाबले की ही उम्मीद की जा रही थी जहां उनका मुक़ाबला 2017 और 2018 के एशियाई चैंपियनशिप और 2018 एशियाई गेम्स के विजेता, ईरान के होसैन अमहद नूरी से था। सुनील ने होसैन को अच्छी टक्कर देने की कोशिश की लेकिन पहले ही मिनट में वो होसैन 2-0 की बढ़त दे बैठे, इसके बाद पुरे राउंड में दोनों पहलवान कोई अंक नहीं बटोर पाए। दूसरे राउंड में सुनील ने खुलकर हमले करने की कोशिश भी की लेकिन ईरानी पहलवान ने उनके सरे दानवो को एक के बाद एक विफल करते रहे और 2-0 के साथ ही एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदकों की अपनी हैटट्रिक पूरी की।

सुनील कुमार

 130 किलोग्राम में क्वार्टर फाइनल में प्रेम को उज़्बेकिस्तान के मुमिनजोन अब्दुल्लाएव के हाथो 8-0 से शिकस्त झेलनी पड़ी, उज़बेक पहलवान के फाइनल में पहुंचने के साथ प्रेम को कांस्य पदक मुक़ाबला खेलने का मौका मिला जहा कज़ाख़स्तान के दामिर कुज़म्बाएव ने उन्हें 5-0 के स्कोर के साथ फॉल से हराया।

 भारत ने पांचवे दिन का अंत 2 रजत पदको के साथ किया। अब पदको की सारी उम्मेदे छठे और आखिरी दिन मेट पर उतरने वाले पहलवानो से थी।

 67 किलोग्राम के क्वालिफिकेशन राउंड में रविंदर को ईरान के मुबीनजोन अखमीदोव ने 5-4 से हराया, ईरानी पहलवान के क्वार्टर फाइनल में हार के साथ ही रविंदर का सफर चैंपियनशिप में यही थम गया।

 97 किलोग्राम के क्वार्टर फाइनल में हरदीप को चीन के दी जिआओ ने 6-3 से हराया, जिआओ के सेमी फाइनल में हरने से हरदीप को कांस्य पदक मैच खेलने का मौका भी चूक गया।

 60 किलोग्राम भारवर्ग के क्वार्टर फाइनल में ज्ञानेंदर ने जॉर्डन के अली आबेद अलनासिर अली अबूसेफ़ को 9-1 से हराते हुए सेमी फाइनल में जगह बनायीं, जहाँ उन्हें उज़्बेकिस्तान के इस्लामजोन बखरामोव ने 9-0 से हराया। कांस्य पदक के लिए होने वाले मुक़ाबले में उनका सामना चीनी ताइपे के जुई शी हुआंग से था, ज्ञानेंदर ने आसानी से यह मुक़ाबला 9-0 से जीतते हुए ग्रीको रोमन स्पर्धा का पहला कांस्य पदक अपने नाम किया।

 72 किलोग्राम के कांस्य पदक मुक़ाबले में योगेश को कीर्गिस्तान के रुस्लान टसरेव ने 8-0 से हराया। किर्गीज़ पहलवान ने एक मिनट और 15 सेकण्ड्स में आठ अंक जोड़ते हुए टेक्निकल सुपेरिओरिटी के आधार पर मैच जीत लिया। इससे पूर्व योगेश को क्वार्टर फाइनल में चीन के हुन्जुन झांग से 9-0 से हार झेलनी पड़ी थी, चीनी खिलाडी के फाइनल में पहुंचने के कारण योगेश को कांस्य पदक मुक़ाबले में जगह मिली थी।

82 किलोग्राम में अपना क्वार्टर फाइनल कीर्गिस्तान के बुर्जो बैशालिएव से 5-1 से और सेमी फाइनल में चीन के हेताओ किआन को 10-1 के शानदार स्कोर से हराने के बाद, हरप्रीत सिंह का सामना फाइनल में ईरान के सैयद मोराद अब्दवली से था, सैयद ने इससे पहले 2016 ओलंपिक्स में 75 किलोग्राम में कांस्य पदक जीता था, इसके अलावा वह 2011 विश्व चैंपियनशिप में 66 किलोग्राम में स्वर्ण और 2011 विश्व चैंपियनशिप में 75 किलोग्राम में कांस्य पदक जीत चुके है। दोनों ही पहलवान अपने पहले एशियाई चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक की तलाश में थे। हरप्रीत की चैंपियनशिप में अभी तक की परफॉरमेंस देख के लग रहा था की मुक़ाबला थोड़ा टक्कर का होगा लेकिन ईरानी पहलवान ने हरप्रीत को कोई मौका नहीं दिया और पहले राउंड की समाप्ति पर स्कोर 6-0 से करके मैच को लगभग अपने पक्ष में कर लिया था। दूसरे राउंड के शुरू होते ही 55 सेकण्ड्स में सैयद ने 2 और अंक जोड़ते हुए टेक्निकल सुपेरिओरिटी के आधार पर मैच और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

हरप्रीत सिंह

 ग्रीको रोमन स्पर्धा का अंत भारत ने 3 रजत और 1 कांस्य पदक के साथ किया, टीम रैंकिंग में भारत 111 अंको के साथ पांचवे स्थान पर रहा, ईरान 165 अंको के साथ ग्रीको रोमन स्पर्धा में भी शीर्ष पर रहा।

  भारत ने इस एशियाई चैंपियनशिप का अंत 1 स्वर्ण 6 रजत और 9 कांस्य पदको के साथ सातवे स्थान पर किया। चैंपियनशिप का एकमात्र स्वर्ण पदक 65 किलोग्राम में बजरंग पुनिया ने जीता।

भारतीय पुरष फ्रीस्टाइल पहलवानो ने जहा 1 स्वर्ण 3 रजत और 4 कांस्य पदक जीते, वही महिला फ्रीस्टाइल पहलवान 4 कांस्य पदक जितने में समर्थ रही।

 2018 एशियाई चैंपियनशिप में भारतीय पहलवान 1 स्वर्ण, 1 रजत और 6 कांस्य पदक जितने में सफल हुए थे।