बुधवार, सितम्बर 30, 2020
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वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप: तीसरे दिन नवीन को मिला क़िस्मत का सहारा, रेपेचेज राउंड में मिला मौक़ा

कज़ाख़स्तान के नूर-सुल्तान में खेले जा रहे वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के तीसरे दिन ग्रेको रोमन इवेंट में भारत के पहलवानों ने शुरुआत जीत के साथ की थी जब 77 किग्रा वर्ग में गुरप्रीत और 60 किग्रा वर्ग में मनीष की जीत हुई थी। लेकिन इसके बाद दोनों ही अपना मुक़ाबला हार गए और जिनसे हारे थे वह भी आगे जाकर अपना मैच हार गए इसलिए गुरप्रीत और मनीष की रेपेचेज राउंड की भी संभावनाएं ख़त्म हो गईं।

लेकिन भारत के एक और पहलवान नवीन जो 130 किग्रा वर्ग में अपना पहला ही मैच हार गए थे, उन्हें रेपेचेज राउंड में मौक़ा मिल गया है। क्योंकि नवीन को हराने वाले क्यूबा के हाइंड्स फ़ाइनल में पहुंच गए हैं। यानी अब मंगलवार को नवीन भारत के लिए कांस्य की उम्मीद के साथ रेपेचेज राउंड में उतरेंगे, नवीन को इसके लिए पहले दो मैच जीतकर कांस्य पदक मैच के लिए क्वालिफ़ाई करना होगा। अगर वह कांस्य पदक मुक़ाबले के लिए क्वालिफ़ाई कर जाते हैं तो उनके लिए ये ओलंपिक क्वालिफ़ाई भी होगा।

सोमवार की सुबह पहले मुक़ाबले में भारत की शुरुआत जीत के साथ 77 किग्रा में गुरप्रीत सिंह ने की, उन्होंने क्वालिफ़िकेशन राउंड में ऑस्ट्रिया के एम वैग्नर को 6-0 से शिकस्त दी।

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इस जीत के साथ ही गुरप्रीत ने अंतिम-32 में जगह बना ली थी। जहां उनका मुक़ाबला सर्बिया के विक्टर नेमेस के ख़िलाफ़ हुआ, लेकिन गुरप्रीत को नेमेस के हाथों 0-9 से हार का सामना करना पड़ा। गुरप्रीत को भी अब रेपेचेज राउंड की ही उम्मीद बची थी, लेकिन वह भी तब समाप्त हो गई जब नेमेस को भी क्वार्टर फ़ाइनल में हार का सामना करना पड़ा।

इसके बाद भारत की दूसरी चुनौती थी 130 किग्रा में, जहां नवीन के सामने थे क्यूबा के पाइनो हाइंड्स लेकिन इस मुक़ाबले में भारत को हार का सामना करना पड़ा। हाइंड्स ने नवीन को एकतरफ़ा मुक़ाबले में 9-0 से मात दे दी। अब नवीन और भारतीय खेल प्रेमियों की नज़र हाइंड्स पर ही थी, कि अगर हाइंड्स फ़ाइनल में पहुंच जाते हैं तो फिर रेपेचेज राउंड में नवीन को एक मौक़ा मिल सकता था। और नवीन की क़िस्मत अच्छी रही क्योंकि हाइंड्स फ़ाइनल में पहुंच गए हैं। यानी अब मंगलवार को नवीन रेपेचेज राउंड के ज़रिए भारत को एक पदक दिलाने की कोशिश करेंगे।

भारत की तीसरी चुनौती सोमवार को 60 किग्रा ग्रेको रोमन में मनीष के रूप में थी जहां मनीष के सामने थे फ़िनलैंड के एल मेहोनेन, मेहोनेन ने शुरुआत अच्छी करते हुए मनीष पर 3-0 की बढ़त बना ली थी। लेकिन इसके बाद भारतीय पहलवान ने कमाल की वापसी करते हुए मुक़ाबला 11-3 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही मनीष अब आख़िरी 16 में पहुंच गए थे। लेकिन आख़िरी 16 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और इसी के साथ उनकी उम्मीद भी सीधे पदक लाने की ख़त्म हो गई। अब मनीष को रेपेचेज राउंड का ही सहारा था और वह भी तब ख़त्म हो गया जब उन्हें हराने वाले मोल्दोवा के विक्टर कियोबानो अपना मुक़ाबला क्वार्टर फ़ाइनल में हार गए।

वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत के लिए कैसा रहा था पहला दिन ?

ग्रेको रोमन के बाद भारतीय चुनौती 17 सितंबर से विमेंस रेसलिंग में शुरू होगी जबकि मेंस फ़्रीस्टाइल के मुक़ाबलों की शुरुआत 20 सितंबर से होगी। विमेंस रेसलिंग में जहां सभी की उम्मीदें विनेश फ़ोगाट और साक्षी मलिक से हैं तो मेंस फ़्रीस्टाइल में बजंरग पुनिया के साथ साथ वापसी कर रहे सुशील कुमार पर भी निगाहें होंगी।