मंगलवार, अक्टूबर 20, 2020
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वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप: विनेश फ़ोगाट ने दिलाया पहला पदक, अब गुरुवार को पूजा रच सकती हैं इतिहास

वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में विनेश फ़ोगाट ने मिले दूसरे मौक़े को रेपेचेज के ज़रिए शानदार तरीक़े से भुनाते हुए भारत को पहला पदक दिला दिया। विनेश फ़ोगाट ने रेपेचेज राउंड के कांस्य पदक मुक़ाबले में ग्रीस की मारिया प्रेवोलाराकी को हराते हुए कांस्य पदक जीता, देश को इस गैपलर से सबसे ज़्यादा उम्मीदें थी और उस पर विनेश पूरी तरह से खरी उतरीं। वर्ल्ड चैंपियनशिप में विनेश भारत की ओर से पदक जीतने वाली पांचवीं महिला पहलवान हैं। साथ ही साथ 59 किग्रा वर्ग में पूजा ढांडा ने भी कमाल का प्रदर्शन करते हुए सेमीफ़ाइनल तक पहुंची जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन गुरुवार को उनके पास भी कांस्य पदक जीतने का मौक़ा होगा।

रियो ओलंपिक 2016 में विनेश फ़ोगाट को मैट पर चोट लगी थी और फिर वह टूर्नामेंट से बाहर हो गईं थी। इसके बाद उन्होंने चोट से वापसी करते हुए वर्ल़् चैंपियनशिप में पदक जीता जो, उनके जज़्बे को सलाम है।

विनेश के जज़्बे को सलाम

इससे पहले कज़ाख़स्तान के नूर-सुल्तान में चल रही वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के पांचवें दिन सभी की नज़र विनेश फ़ोगाट और सीमा बिसला पर थीं, जिन्हें रेपेचेज राउंड में मौक़ा मिला था। विनेश फ़ोगाट को रेपेचेज के ज़रिए कांस्य पदक जीतने के लिए लगातार तीन मुक़ाबले जीतने थे। विनेश ने रेपेचेज राउंड के पहले मुक़ाबले में ही यूक्रेन की ख़ावालज़ी को 5-0 से शिकस्त दे दी। रेपेचेज राउंड 2 में विनेश ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता अमेरिका की साराह हिल्देब्रांट को 8-2 से हराते हुए टोक्यो ओलंपिक के लिए भी क्वालिफ़ाई कर लिया ।

विनेश फ़ोगाट के बाद भारत की रेपेचेज में दूसरी उम्मीद सीमा बसला ने भी कमाल का प्रदर्शन करते हुए नाइजीरिया की जेनेसिस एम को 9-9 के कांटे की टक्कर से मात दी। इस जीत के साथ ही सीमा भी कांस्य पदक की ओर क़दम बढ़ा चुकी हैं और एक जीत दूर हैं टोक्यो ओलंपिक में क्वालिफ़ाई करने के लिए। सीमा का रेपेचेज राउंड-2 में मुक़ाबला रूस की पॉलेशचुक को 3-11 से हार गईं, इसी के साथ सीमा की आगे जाने की उम्मीदों पर भी ब्रेक लग गया और अब उन्हें टोक्यो ओलंपिक में क्वालिफ़ाई करने के लिए इंतज़ार करना होगा।

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इसके अलावा भारत की 4 और पहलवानों की चुनौती बुधवार को थी, जिसमें विमेंस फ़्री स्टाइल में पूजा ढांढा (59 किग्रा), सरिता (57 किग्रा), नवजोत (65 किग्रा) और किरण (76 किग्रा) की चुनौती होगी। इसमें पहली चुनौती में 57 किग्रा वर्ग में भारत की सरिता को हार का सामना करना पड़ा, उन्हें मोल्डोवा की निचिता ने 5-1 से शिकस्त दे दी, अब सरिता को उम्मीद करनी थी कि निचिता फ़ाइनल तक का सफ़र तय करें ताकि उन्हें रेपेचेज राउंड में मौक़ा मिले। लेकिन निचिता क्वार्टर फ़ाइनल में जापान की पहलवान कवई आर से 5-0 से हार गईं और इस तरह से सरिता का वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में सफ़र यहीं थम गया।

अब मैट पर 76 किग्रा वर्ग में नज़रें थी किरण पर जिनके सामने थीं जर्मनी की रॉकर फ़ोके, जिनके ख़िलाफ़ किरण ने धमाकेदार अंदाज़ में 4-0 की बढ़त ले ली थी लेकिन इस बढ़त को वह आख़िर तक नहीं क़ायम रख पाईं और मुक़ाबला 4-5 से गंवा दिया। अब रेपेचेज राउंड में ही किरण की को उम्मीद रखनी होगी। ये उम्मीद और तब बढ़ गई जब रॉकर फ़ोके ने अपना अगला मुक़ाबला जीतते हुए सेमीफ़ाइनल में जगह बना ली थी, यानी रॉकर फ़ोके की एक और जीत किरेण को रेपेचेज राउंड का टिकट दिला देती। लेकिन सेमीफ़ाइनल में जर्मनी की रॉकर फ़ोके को अमेरिका की ग्रे ने रोमांचक मुक़ाबले में शिकस्त देकर सारी उम्मीदें ख़त्म कर दीं।

भारतीय महिला पहलवान पूजा ढांडा अब मैट पर पहुंची थी, जहां उनके सामने थीं बुल्गारिया की हांचर यानू, यानू को दो मिनट के अंदर ही पूजा ने चारों ख़ाने चित कर दिया। पूजा ने ये मुक़ाबला 12-2 से अपने नाम किया और क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बना ली थी और वह यहीं नहीं रुकी क्वार्टर फ़ाइनल में उन्होंने जापान की पहलवान इनागाकी को ज़बर्दस्त मुक़ाबले में मात दी। इस मैच में एक समय पूजा ढांडा 0-5 से पीछे थीं और फिर धमाकेदार अंदाज़ में उन्होंने वापसी करते हुए 11-8 से मुक़ाबला जीत लिया। पूजा ढांडा अब पदक से बस एक जीत दूर थीं। लेकिन सेमीफ़ाइनल में पूजा ढांडा को रूस की पहलवान ल्यूबोव ओवचारोवा ने एकतरफ़ा मुक़ाबला में 10-0 से शिकस्त दे दी।

अब मैट पर थीं भारत की नवजोत कौर जो 65 किग्रा वर्ग में चुनौती दे रहीं थीं, लेकिन उन्हें अज़रबईजान की पहलवान मोनोलोवा ई ने 5-0 से हरा दिया। नवजोत को भी अब उम्मीद करनी होगी कि मोनोलोवा फ़ाइनल तक का सफ़र तय करें ताकि उन्हें रेपेचेज राउंड में मोक़ा मिल सके। मोनोलोवा ई ने अपना अगला मुक़ाबला भी जीत लिया और सेमीफ़ाइनल में पहुंच गई थी, यानी मोनोलोवा की एक और जीत नवजोत को रेपेचेज राउंड में पहुंचा देती, लेकिन ऐसा हो न सका क्योंकि सेमीफ़ाइनल में मोनोलोवा को हार मिली। और इस तरह से नवजोत का सफ़र भी यहीं थम गया।

इसके बाद मेंस फ़्रीस्टाइल के मुक़ाबले 20 सितंबर से शुरू होंगे जिसमें बजंरग पुनिया के साथ साथ वापसी कर रहे सुशील कुमार पर सभी की निगाहें होंगी।