बुधवार, जनवरी 27, 2021
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वेटलिफ्टर अजय सिंह फटे पासपोर्ट के कारण ओलंपिक क्वालीफायर में हिस्सा नहीं ले सके

भारतीय वेटलिफ्टर अजय सिंह को दोहा में खेले जा रहे ओलंपिक क्वालिफायर वेटलिफ्टिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेना था। लेकिन फटे पासपोर्ट के कारण उन्हें प्लेन में बोर्डिंग नहीं करने दिया गया और एयरपोर्ट में ही रोक दिया गया। ऐसे में वह बेहद महत्वपूर्ण प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से चूक गये। इस टूर्नामेंट में उनका मुकाबला रविवार को था जहाँ उन्हें 81 किलो भार वर्ग में हिस्सा लेना था। हालांकि ओलंपिक से पहले फरवरी में ताशकंद में एक क्वालिफायर टूनामेंट होना बाकि है।

अमर उजाला में छपी खबर के अनुसार दोहा में खेले जा रहे ओलंपिक क्वालिफायर वेटलिफ्टिंग टूर्नामेंट में अजय सिंह को फटे हुए पासपोर्ट के चलते फ्लाइट पर नहीं चढने दिया गया। मजबूरी में उन्हें इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से वापस लौटना पड़ा। ऐसे में निश्चित ही यह अजय कुमार की उम्मीदों पर बड़ा झटका है। इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ने दक्षिण एशियाई खेलों के ओलंपिक क्वालिफायर से हटने के बाद दोहा टूर्नामेंट के लिए ओलंपिक खेलने के दावेदार मीराबाई चानू, जेरमी लालरिनुनगा, राखी हलधर और अजय सिंह का चयन किया था। 19 दिसंबर को पूरी टीम इस टूर्नामेंट में खेलने के लिए रवाना हुई थी।

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इससे पहले इमिग्रेशन ने भी अजय के पासपोर्ट पर आपत्ति जताई, लेकिन उन्होंने ओलंपिक क्वालिफिकेशन और देश के लिए खेलने का हवाला देते हुए जाने की गुहार लगाई। यहां उनका निवेदन स्वीकार कर लिया गया लेकिन जब फ्लाइट पर चढने के लिए बोर्डिंग पास लेने की बारी आई तो एक विदेशी एयरलाइंस के क्रू सदस्यों ने उन्हें पास देने से इंकार कर दिया। उन्होंने साफ किया कि उनका पासपोर्ट ठीक नहीं है। इस पर वह सफर करने की इजाजत नहीं दे सकते हैं।

अजय के अलावा टीम के कोच और अन्य सदस्यों ने भी ओलंपिक क्वालिफायर का हवाला देते हुए उन्हें पास देने की अपील की, लेकिन उन्होंने अजय को पास नहीं दिया। ऐसी स्थिति में टीम के बाकी सदस्य दोहा के लिए रवाना हो गए पर अजय को वापस लौटना पड़ा। फेडरेशन ने शुक्रवार को उनका दूसरा पासपोर्ट बनवाने की कोशिश की लेकिन इतनी जल्दबाजी में यह संभव नहीं हो सका।