बुधवार, अक्टूबर 28, 2020
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मैरीकॉम-निकहत जरीन विवाद पर खेल मंत्री रिजिजू बोले-देश के हित में फैसला करने के लिए कहूंगा

महिलाओं के 51 किग्रा भारवर्ग में भारतीय मुक्केबाज निकहत जरीन ने मैरी कॉम के खिलाफ ट्रायल करवाने की मांग थी और इस सम्बंध में उन्होंने खेल मंत्री किरन रिजिजू को एक पत्र भी लिखा। अब प्रतिक्रिया में खेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि वह बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया(बीएफआई) से केवल देश और खिलाड़ियों के हित में सर्वश्रेष्ठ फैसला करने के लिए कह सकते हैं।

निकहत जरीन के पत्र के जवाब में खेलमंत्री किरन रिजिजू ने ट्वीट किया, “मैं निश्चित रूप से मुक्केबाजी महासंघ को राष्ट्र, खेल और एथलीटों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए सर्वश्रेष्ठ निर्णय लेने के लिए कहूंगा। हालांकि, मंत्री को खिलाड़ियों के चयन में शामिल नहीं होना चाहिए।”

इससे पहले जरीन ने गुरुवार को किरन रिजिजू को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने यह मांग रखी कि अगले साल चीन में होने वाले ओलंपिक क्वालीफायर के लिए भारतीय टीम में चयन से पहले उन्हें मैरी कॉम के खिलाफ ट्रायल बाउट दिया जाए।

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दूसरी तरफ विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली मैरी कॉम ने पहले ही स्पष्ट किया था कि वह बीएफआई द्वारा लिए गए फैसले से आगे बढ़ेंगी, जिसमें पहले कहा गया था कि विश्व प्रतियोगिता के स्वर्ण और रजत विजेताओं को ओलंपिक क्वालीफायर के लिए सीधे चयन दिया जाएगा।बीएफआई ने विश्व चैंपियनशिप से पहले जरीन के ट्रायल बाउट से इनकार कर दिया था और मैरी कॉम के नाम पर मुहर लगाई थी, क्योंकि मैरी ने प्रेसिडेंट कप और इंडिया ओपन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीते थे।

बीएफआई ने पिछले साल अंको के आधार पर चयन प्रणाली शुरू की, जिसके तहत मुक्केबाजों को अब विभिन्न ग्रेडेड टूर्नामेंटों और राष्ट्रीय शिविरों में उनके प्रदर्शन के आधार पर चुना जा रहा है। ट्रायल मुकाबले उन भारवर्ग में कोच और चयनकर्ताओं के द्वारा करवाये जाते हैं, जिनमें दो प्रतिद्वंद्वी(बॉक्सर) एक ही स्तर के होते हैं, या जिनके बीच कड़ा मुकाबला होता है

हाल ही में जरीन की मांग का समर्थन ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता पूर्व निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने भी किया है।