शुक्रवार, सितम्बर 25, 2020
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FIH सीरीज फाइनल: जापान को हराकर भारत विजेता

भारतीय महिला हॉकी टीम FIH सीरीज फाइनल के हिरोशिमा लेग की विजेता बनी है। भारत ने फाइनल में मेज़बान जापान को 3-1 से हराया।

ओलम्पिक क्वालीफ़ायर में अपना स्थान पक्का कर चुकी भारतीय टीम ने पहले ही क्वार्टर से अपने मंसूबे साफ़ कर दिए थे। तीसरे मिनट में भारत को पेनल्टी कार्नर मिला और कप्तान रानी रामपाल ने जापानी गोलकीपर आकिओ तनाका को राइट साइड से छकाते हुए भारत को बढ़त दी। नौवे मिनट में टीम को दूसरा पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन इस बार एग्जीक्यूशन में हुए फाऊल के कारण भारत ने यह मौका गवा दिया। 11वे मिनट में जापान की सकुराको ओमोटो ने 25 यार्ड की लाइन से बॉल को लेते हुए राइट साइड में बेसलाइन पर खड़ी यूरी नगाई को पास दिया और यूरी ने गोल पोस्ट के पास कैनन मोरी को क्रॉस दिया जिन्होंने बॉल को सीधे गोल पोस्ट में डाल कर जापान को बराबरी दिलाई। दिलचस्प बात यह है की जापान पुरे ही क्वार्टर में सिर्फ 2 सर्किल एंट्री ले सकी थी जिसमे से एक में उन्होंने गोल किया।

दूसरे क्वार्टर में भी भारत ने जापान पर अपनी मज़बूत पकड़ बनाये रखी थी। 18 वे मिनट में वंदना कटारिया का मोनिका के पास पर लिया शॉट गोल पोस्ट से दूर चला गया। सुशीला चानू और लिलिमा मिंज पुरे क्वार्टर में जापान के डिफेंस को परेशान करते हुए कई मौके बनाने की कोशिश की लेकिन पुरे क्वार्टर में कोई गोल नहीं हुआ और हाफ टाइम पर स्कोर 1-1 की बराबरी पर रहा।

तीसरे क्वार्टर में भी भारत ने आक्रामक रुख ही अपनाया, टीम को 35वे और 36वे मिनट में पेनल्टी कार्नर भी मिले, लेकिन दोनों टाइम टीम इस अवसर का सदुपयोग नहीं कर पायी। भारत ने जहा टोटल 8 सर्किल एंट्रीज ली वही जापान सिर्फ 2 ही ले सका। जापान पर लगातार दबाव बनाने के परिणामस्वरुप 45वे मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कार्नर मिला और इस बार गुरजीत ने बिना कोई गलती किये टॉप लेफ्ट कार्नर में बॉल को पहुंचाते हुए स्कोर लाइन 2-1 कर दी।

चौथे क्वार्टर के शुरू होते ही दो मिनट में नवनीत के पास एक अच्छा मौका था लेकिन उनका शॉट सीधे गोलकीपर के पास गया। 53वे मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन गुरजीत की फ्लिक को जापानी डिफेंडर ने आसानी से रोक लिया। 55वे और 56वे मिनट में जापान को पेनल्टी कार्नर मिले लेकिन भारतीय टीम ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। मैच में बराबरी करने के उद्देश्य से 57वे मिनट में जापान ने अपने गोलकीपर को बाहर बुला लिया, लेकिन यह रणनिति उनके खिलाफ ही गयी और आखिरी मिनट में गुरजीत ने गोल करके स्कोर को 3-1 से भारत के पक्ष में कर दिया।

मैच के बाद हुयी प्रेस कांफ्रेंस में भारतीय कोच जोर्ड मारिन ने कहा कि “हम जीतकर 500 अंकों से खुश हैं, इसने हमें घर खेलने का मौका दिया, मुझे लगता है कि हमने बहुत अच्छा बचाव किया है, हम तेज हॉकी खेलते हैं और हमारे पास एकअच्छा ड्रैगफ्लिकर है।”

भारत ने इसी जीत के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर टूर्नामेंट को जीतने के सूखे को भी ख़त्म किया। कप्तान रानी रामपाल को टूर्नामेंट के बेस्ट प्लेयर का अवार्ड मिला वही गुरजीत कौर टूर्नामेंट की टॉप स्कोरर रही। भारतीय महिला टीम ने फाइनल में पहुंचने के साथ-साथ अक्टूबर-नवंबर में होने वाले ओलम्पिक क्वालीफायर के लिए भी क्वालीफाई कर लिया था।