सोमवार, सितम्बर 28, 2020
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वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप: भारत के लिए शानदार रहा 9वां दिन, सभी के सभी 4 मुक्केबाज़ जीत के साथ क्वार्टर फ़ाइनल में पहुंचे

भारत के लिए रूस के एकाटेरिनबर्ग में चल रहे AIBA वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप 9वां दिन शायद भारतीय इतिहास के सबसे शानदार पलों में से एक होगा, क्योंकि एक साथ 4 भारतीय मुक्केबाज़ों (अमित पंघल, मनीष कौषिक, कविंदर सिंह बिष्ठ और सनजीत) ने क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बना ली है। यानी भारत अब 4 पदकों से बस एक क़दम दूर खड़ा है।

मंगलवार को पहली जीत लाइट मेंस कैटेगिरी में अमित पंघल को मिली जब उन्होंने तुर्की के मुक्केबाज़ सितफ़ी बतुहान को 5-0 से मात देकर पदक के क़रीब पहुंच गए हैं। उन्होंने ये मुक़ाबला 30-27, 30-27, 30-27, 30-27 से अपने नाम किया।

भारत का ये स्टार मुक्केबाज़ जीत के बाद काफ़ी उत्साहित दिखा, देखिए उन्होंने किस तरह से इस जीत का जश्न मनाया, और देश को पदक दिलाने का भरोसा भी दिया।

अमित पंघल ने जीत की बोहनी कर दी थी और अब रिंग में अगला नंबर था मनीष कौषिक का जिनके सामने थी मंगोलिया के दिग्गज मुक्केबाज़ बातरसुख चिनज़ोरिग की चुनौती। मंगोलियाई मुक्केबाज़ को इस टूर्नामेंट में चौथी वरीयता हासिल थी और उन्होंने 2018 एशियन गेम्स में रजत पदक भी जीता था। लेकिन मनीष कौषिक ने सभी को चौंकाते हुए मंगोलियाई मुक्केबाज़ को एकतरफ़ा मुक़ाबले में 5-0 से मात देकर भारत की झोली मंगल की दूसरी क़ामयाबी डाल दी थी।

लगातार दो जीतों के बाद भारतीय फ़ैंस का ख़ुशी से ठिकाना नहीं था लेकिन ये ख़ुशी अभी कहां ख़त्म होने वाली थी, क्योंकि जीत की हैट्रिक दिलाई वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पहली बार उतरने वाले रोहतक के युवा मुक्केबाज़ सनजीत ने। सनजीत ने नंबर-2 सीडेड तुर्सनोव संजर को 4-1 से हराते हुए क्वार्टर फ़ाइनल में पहुंचने वाले तीसरे भारतीय बन गए।

मंगलवार को भारत का आख़िरी मुक़ाबला था कविंदर सिंह बिष्ठ का, जिनसे सभी को उम्मीदें थी। और कविंदर ने उन उम्मीदों को पूरी तरह से सार्थक साबित करते हुए अर्सलान खातेव को 3-1 से मात दी। इस मैच के दौरान कविंदर के सिर में चोट भी आई थी, लेकिन उससे कविंदर के हौसले में कोई फ़र्क़ नहीं आया।

भारत के ये सभी मुक्केबाज़ अब क्वार्टर फ़ाइनल में पहुंच गए हैं, यानी बस एक और जीत उनका पदक पक्का कर देगी। मुक्केबाज़ी में सेमीफ़ाइनल में पहुंचते ही कांस्य पक्का हो जाता है जो हारने वाले को हासिल होता है।