शुक्रवार, जनवरी 22, 2021
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FIFA वर्ल्ड कप 2022 क्वालिफ़ायर्स: भारतीय फ़ुटबॉल टीम ने रचा इतिहास, AFC चैंपियन क़तर के ख़िलाफ़ अनबिटेन रही टीम इंडिया

मंगलवार रात भारतीय फ़ुटबॉल टीम ने वह कर दिखाया जिसकी उम्मीद फ़ुटबॉल पंडित ने भी नहीं की होगी। क़तर के दोहा में खेले गए FIFA वर्ल्ड कप क्वालिफ़ायर्स में भारतीय टीम ने क़तर के ख़िलाफ़ मुक़ाबला 0-0 से ड्रॉ करा लिया। ये ड्रॉ इसलिए ख़ास है क्योंकि इस साल यानी 2019 में क़तर एशियाई सरज़मीं पर इससे पहले 8 मुक़ाबलों से लगातार जीतती आ रही थी, वर्ल्ड रैंकिंग में भी टीम इंडिया क़तर के 62 नंबर के मुक़ाबले कहीं नीचे 103वें स्थान पर है। इस ड्रॉ के साथ FIFA वर्ल्ड कप 2022 क्वालिफ़ायर्स के राउंड-2 में भारतीय टीम को पहला प्वाइंट भी मिल गया।

टीम इंडिया एक झटके के साथ इस मैच में उतरी थी जब भारत के कप्तान और स्टार खिलाड़ी सुनील छेत्री तेज़ बुख़ार की वजह से मैच से बाहर हो गए थे। उनकी अनुपस्थिति में टीम की बागडोर गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधु के कंधों पर थी, और गुरप्रीत की बेहतरीन कप्तानी और चट्टान की तरह गोल पोस्ट पर खड़े रहने की ही वजह से भारत ने ये इतिहास रचा। जीत के बाद भारतीय टीम बेहद उत्साहित दिखी और फ़ैन्स का अभिवादन किया।

90 मिनट और 4 अतिरिक्त यानी कुल 94 मिनट के खेल में क़तर ने भारत के ख़िलाफ़ 27 शॉट टार्गेट की तरफ़ खेले, जिसमें से 11 बार गुरप्रीत बीच में आए और बेहतरीन सेव किया। और जैसे ही व्हिसल बजी घरेलू दर्शकों को तो जैसे सांप सूंघ गया हो और ब्लू ब्रिगेड के लिए ये ड्रॉ किसी जीत से कम नहीं था। भारत और क़तर के बीच इससे पहले सिर्फ़ एक अंतर्राष्ट्रीय मुक़ाबला 1996 में खेला गया था, जो FIFA वर्ल्ड कप क्वालिफ़ायर का राउंड-1 मुक़ाबला था और वहां भारत को 0-6 से हार का सामना करना पड़ा था।’

इतिहास रचने में सबसे बड़ा योगदान देने वाले गुरप्रीत सिंह संधु की EXCLUSIVE बातचीत देखिए यहां:

इस मैच में भारतीय कोच इगोर स्टिमैक ने ओमान से हारने वाली टीम में कुल 4 बदवाल करते हुए सहल समद, निखिल पूजारी, मंदर रॉव देसाई और मनवीर सिंह को अंतिम-11 में शामिल किया था। भारत ने न सिर्फ़ डिफ़ेंस में अच्छा प्रदर्शन किया बल्कि मैच में दो बार ऐसे भी मौक़े आए जब टीम इंडिया गोल करने के बेहद क़रीब आ गई थी। 52वें मिनट में उदान्ता और सहल ने मौक़ा बनाया तो 66वें मिनट में सहल समद का एक बेहतरीन शॉट गोल पोस्ट के क़रीब से निकल गया। लेकिन मैच के असली हीरो रहे कप्तान गुरप्रीत सिंह संधु जिन्होंने कमाल का धैर्य दिखाया और विपरित परिस्थितियों में भी शांत रहते हुए चट्टान की तरह क़तर के टार्गेट के बीच खड़े रहे।

भारतीय फ़ुटबॉल प्रेमियों के लिए ये ड्रॉ सुनहरी यादों की तरह देखा जाएगा, क्योंकि जिस टीम से किसी को उम्मीद नहीं थी उसने क़तर जैसी मज़बूत टीम को ड्रॉ पर रोक दिया। भारत के ग्रुप में ओमान, क़तर, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान की टीमें और इस ग्रुप से दो टॉप टीमें तीसरे राउंड के लिए क्वालिफ़ाई करेंगी।