गुरूवार, सितम्बर 24, 2020
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“सभी योग्य खिलाड़ियों को भारत में अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओ में भाग लेने की अनुमति”- भारत सरकार

भारत सरकार ने मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय ओलिंपिक कमिटी (IOC) और भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) को चिट्ठी लिख कर आश्वस्त किया है कि देश में होने वाले समस्त अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओ में भाग लेने वाले विश्व के सारे योग्य खिलाड़ियों को भारत सरकार अनुमति देगी। भारत सरकार के इस कदम से कयास लगाए जा रहे है कि IOC द्वारा फरवरी में भारत में किसी भी अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित न करने के निर्णय को जल्द ही ख़त्म किया जा सकता है।

ज्ञात हो कि पुलवामा में CRPF जवानो पर हुए आतंकवादी हमले के बाद, फरवरी में नई दिल्ली में हुए शूटिंग वर्ल्ड कप में भारत सरकार ने पाकिस्तान के दो निशानेबाज़ों को वीसा देने से मना कर दिया था। इसके बाद IOC ने निर्णय लेते हुए विज्ञप्ति ज़ारी की थी कि भविष्य में भी प्रकार की विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओ के आयोजन की मेज़बानी करने के लिए भारत के साथ “सभी चर्चाओं को स्थगित करने” का फैसला किया था। इसके पूर्व भी गत वर्ष भी दिल्ली में हुयी महिला मुक्केबाज़ी विश्व चैंपियनशिप के लिए कोसोवो की मुक्केबाज़ डोन्जेता सादिकु को भारत सरकार ने वीसा देने से मना कर दिया था, क्योकि भारत सरकार कोसोवो को एक राष्ट्र के तौर पर मान्यता नहीं देता।

खेल मंत्रालय के सचिव राधे श्याम जुलानिया ने IOA के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा को पत्र लिख कर अवगत कराया कि “यह सरकार की नीति है कि भारत अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करेगा और IOC द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (NOC) या किसी भी राष्ट्रीय महासंघ से संबंधित सभी योग्य एथलीटों को भाग लेने की अनुमति देगा। एथलीटों की इस तरह की भागीदारी हमारे राजसी पदों और अन्य राजनीतिक मामलों पर हमारी नीतियों में पक्षपात किए बिना होगी, जिनमें अंतर्राष्ट्रीय मान्यता या खिलाड़ियों के देश से सम्बंधित मुद्दे शामिल हैं। भारत सरकार की यह नीति IOC के तत्वावधान में भारत में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में सभी योग्य एथलीटों, खिलाड़ियों और अधिकारियों की भागीदारी की गारंटी देती है। भारत सरकार की यह प्रतिबद्धिता ‘वसुदेव कुटुंबकम’ या ‘सम्पूर्ण विश्व को अपना परिवार मानने’ के हमारे वैश्विक विचार से उपजा है, जो कि कही न कही अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक आंदोलन की भावना के पीछे भी कारण है। “

इसके आगे उन्होंने लिखा कि “हम भारत द्वारा अंतर्राष्ट्रीय खेलो के आयोजनों की मेजबानी पर हमारी किसी भी सुचना को हल करने के लिए IOC के साथ सहयोग करने के लिए तत्पर हैं।”

भारत सरकार के इस निर्णय से पाकिस्तानी एवं अन्य देश जिन्हे भारत सरकार ने राष्ट्र का दर्ज़ा नहीं दिया है उनके खिलाड़ियों को भारत में अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिस्पर्धा करने का रास्ता साफ हो गया है।

इस फैसले पर IOA अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा कि “बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय सिंह को पूर्ण सहयोग प्रदान करने के लिए मेरा बहुत-बहुत धन्यवाद। इसके साथ ही समस्त पदाधिकारियों, कार्यकारी मंडल और IOA के सभी सदस्यों को उनके  बिना किसी शर्त के समर्थन करने और मुझ पर विश्वास जताने के लिए भी बहुत-बहुत धन्यवाद, जिसने मुझे इस मामले को हल करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया।” उन्होंने आगे कहा कि “माननीय खेल मंत्री और सचिव इस समस्या के समाधान के लिए बेहद सकारात्मक और सहायक थे।”

भारत सरकार के इस कदम से भारत के दोबारा अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेज़बानी करने की सम्भावनाओ को एक सकारात्मक दिशा मिली है।