शुक्रवार, सितम्बर 25, 2020
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शंघाई तीरंदाजी विश्व कप में भारतीय तीरंदाजों का निराशाजनक प्रदर्शन

चीन के शहर शंघाई में हो रहे साल के दूसरे तीरंदाजी विश्व कप में भारतीय तीरंदाज बिना पदक के वापस आ रहे है, हालाँकि विश्व कप के दूसरे चरण के लिए भारत ने अपनी रिज़र्व टीम को भेजा था लेकिन कोई भी भारतीय तीरंदाज पदक के लिए होने वाले मुक़ाबलों में जगह नहीं बना पाया।

भारतीय तीरंदाजों का प्रदर्शन रैंकिंग राउंड से ही फीका नज़र आने लगा था। पुरुषों की व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में जगदीश राज, चमन सिंह, सुखचैन सिंह और वकीलराज क्रमशः 659, 655, 651 और 645  के स्कोर के साथ 24वे, 33वे, 43वे और 58वे स्थान पर रहे थे।

नॉक आउट दौर में वकीलराज ही कुछ अच्छा प्रदर्शन कर पाए, उन्हें प्री क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे के वेई चू-हेंग ने 7-3 से हराया था। वकीलराज ने पहले राउंड में ग्रेट ब्रिटैन के थॉमस बार्बर को 6-0 से, दूसरे राउंड में दसवीं रैंक वाले कज़ाख़स्तान के डेनिस गेंकिन को 6-4 से और तीसरे राउंड में अमेरिका के मैथ्यू रेका को 6-4  से हराते हुए प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनायीं थी।

सुखचैन ने पहला राउंड चेक गणराज्य के एरिक के खिलाफ आसानी से 6-0 से जीत लिया था, लेकिन दूसरे राउंड में उन्हें चीनी ताइपे के डेंग युन-चेंग ने 7-3 से हराया। जगदीश की कहानी भी सुखचैन की ही तरह दिखी, पहले राउंड में ईरान के रेज़ा शबानी को 6-4 से हराने के बाद उन्हें दूसरे राउंड में जापान के टोमोआकि कुराया ने 6-2 से हराया। चमन सिंह पहले ही राउंड की बाधा पार नहीं कर पाए, उन्हें मलेशिया के हाज़िद कमरुद्दीन से 7-3 से शिकस्त दी।

रैंकिंग राउंड समाप्त होने के बाद रिकर्व टीम (सुखचैन, चमन और जगदीश) को ग्याहरवी रैंक मिली, पहले राउंड में ईरान को 6-0 से और दूसरे राउंड में छठी रैंक वाले मलेशिया को 6-2 से हराने के बाद 14वी रैंक वाले बांग्लादेश ने भारत को क्वार्टर फाइनल में 5-1 से हराया।

महिला व्यक्तिगत रिकर्व के रैंकिंग राउंड में प्रीती 639 के स्कोर के साथ 17वे स्थान पे, साक्षी राजेंद्र शितोले   623 के स्कोर के साथ 33वे स्थान पे, अंकिता भकत 619 के स्कोर के साथ 42वे स्थान पे और संगीता 616 के स्कोर के साथ 48वे स्थान पे रही थी।

पहले राउंड में बाई मिलने के बाद साक्षी को दूसरे राउंड में ईरान की नीलोफर अलीपोर ने  6-2 से हराया, प्रीती को भी पहले राउंड में बाई मिला था और दूसरे राउंड में उन्होंने हमवतन संगीता को 6-2 से हराया, लेकिन तीसरे राउंड में उन्हें ब्रिटैन की नाओमी फोकार्ड ने 6-4 से हराया। संगीता ने पहले राउंड में रोमानिया की बीटराइस मिकलोस को 6-4 से हराया था। रैंकिंग राउंड के अपने प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए अंकिता ने पहले राउंड में मलेशिया की नूरमालिया हसीना को 7-3, दूसरे राउंड में रूस की एलेना ओसीपोवा को 7-3 और तीसरे राउंड में दसवीं रैंकिंग वाली चीन की लॉन्ग शियाओकिंग को 7-3 से हराते हुए प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनायीं थी जहा उन्हें सातवीं रैंकिंग वाली चीन की ही मेंग फान्शु से टाई ब्रेकर में 10-9 से मात खानी पड़ी, मेंग ने जहा पहला और चौथा सेट अपने नाम किया था वही अंकिता ने तीसरे और पाचवे सेट को जीता था, दूसरा सेट बराबरी पर रहा था।

अंकिता, प्रीती और साक्षी की महिला रिकर्व टीम को रैंकिंग राउंड में आठवीं रैंक मिली थी, जहा उन्हें पहले राउंड में ही नौवीं रैंकिंग वाली अमेरिका ने 6-2 से हराया।

पुरुषों के व्यक्तिगत कंपाउंड रैंकिंग राउंड में प्रवीण कुमार 704 स्कोर के साथ नौवे, लवजोत सिंह 697 के स्कोर के साथ 21वे, संगमप्रीत सिंह बिस्ला 690 स्कोर के साथ 39वे और गुरविंदर सिंह 688 स्कोर के साथ  44वे स्थान पर रहे थे।

पहले राउंड में सारे भारतीय खिलाड़ियों को बाई मिला था। प्रवीण को दूसरे राउंड में न्यूज़ीलैंड के मार्कस बर्कले ने टाई ब्रेकर में 10-9  से हराया, सारे राउंड ख़त्म होने तक दोनों तीरंदाज़ 144-144 के स्कोर पर रहे थे। संगमप्रीत सिंह दूसरे राउंड में टर्की के ऐवरन कागिरन से 145-140 से मैच हार गए। गुरविंदर और लवजोत का दूसरे राउंड में आपस में मुक़ाबला हुआ जहा गुरविंदर ने 145-143 से मैच अपने नाम किया, तीसरे राउंड में उन्हें ऑस्ट्रेलिया के डेनी ने 149-146 से हराया।

संगम, लवजोत और प्रवीण की चौथी रैंकिंग वाली कंपाउंड टीम को पहले राउंड में ही न्यूज़ीलैंड ने 223-220  से हराया।

महिलाओं के व्यक्तिगत कंपाउंड रैंकिंग राउंड में प्रवीणा, मोनाली चंद्राहर्ष जाधव, प्रिया गुर्जर 681, 678 और 678 के स्कोर के साथ  20वे, 24वे और 25वे स्थान पर रही थी।

नॉक आउट राउंड में प्रवीणा ने पहले राउंड न्यूज़ीलैंड की हेनली बेम को 141-139 से हराया लेकिन दूसरे राउंड में चीनी ताइपे की लीन मिंग-पिंग ने उन्हें 147-145 से हराया। मोनाली ने पहले राउंड में मलेशिया की फ़ातिन नूरफातेह को 145-142 से, दूसरे राउंड में साथी खिलाड़ी प्रिया को 144-141 से हराया था, लेकिन तीसरे राउंड में आठवीं रैंकिंग वाली अमेरिका की अलेक्सिस रुइज़ ने उन्हें 144-140 से हराया। प्रिया ने पहले राउंड में थाईलैंड की कन्यावी को 138-134 से हराया था।

मोनाली, प्रिया और प्रवीणा की छठी रैंकिंग वाली कंपाउंड महिला टीम ने पहले राउंड में सिंगापुर को 227-223 से हराया था, लेकिन क्वार्टर फाइनल में उन्हें तीसरी रैंकिंग वाली चीनी ताइपे ने 231-219 से हराया।

पदक की आखिरी उम्मीद बचे मिश्रित टीम स्पर्धा में भी भारत को निराशा ही हाथ लगी, रिकर्व वर्ग में ग्यारहवीं रैंकिंग वाली प्रीती और जगदीश की जोड़ी को छठी रैंकिंग वाली अमेरिकी जोड़ी ने 6-2 से हराया वही कंपाउंड वर्ग में प्रवीणा और प्रवीण की सातवी रैंकिंग वाली जोड़ी को दसवीं रैंकिंग वाले मलेशियन जोड़ी ने 155-151 से हराया था।

विश्व कप स्पर्धाओं के दो चरण पूर्ण हो जाने के बाद भारत अभी तक पदको का खाता खोलने में अमसर्थ रहा है। स्टार खिलाड़ियों से बने प्रमुख भारतीय दल कोलोम्बिया के मेडेलिन में हुए पहले चरण में हिस्सा नहीं ले पाया था। भारतीय दल प्रतियोगिता शुरू होने के कुछ घंटो पूर्व ही मेडेलिन पहुंचने वाला था, लेकिन भारत में ही उनकी फ्लाइट के उड़ान भरने में  में हुयी देरी की वजह से उनके विश्व कप में भाग लेने की सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया और भारतीय तीरंदाजी महासंघ ने प्रथम चरण के टूर को रद्द कर दिया, इसका व्यापक असर खिलाड़ियों के आगामी विश्व कप फाइनल स्पर्धा के लिए क्वालीफाई करने में भी पड़ेगा।

भारतीय तीरंदाज़ अब टर्की के अंताल्या में 20 से 26 मई के बीच होने वाले तीसरे चरण में हिस्सा लेंगे, भारतीय तीरंदाजों के लिए यह चरण जून में होने वाली विश्व चैंपियनशिप की तैयारियों के हिसाब से बहुत अहम् है, विश्व चैंपियनशिप से ही तीरंदाजों को टोक्यो ओलम्पिक के टीम एवं व्यक्तिगत स्पर्धाओं के लिए कोटा हासिल होंगे।