मंगलवार, सितम्बर 22, 2020
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वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स जूनियर चैंपियनशिप में भारत 23 पदको के साथ दूसरे स्थान पर

स्विट्ज़रलैंड के नोटवील में 1 से 4 अगस्त के बीच में हुयी वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स जूनियर चैंपियनशिप 2019 भारतीय खिलाड़ियों ने अपना सर्वोच्च प्रदर्शन करते हुए 11 स्वर्ण 6 रजत और 6 कांस्य के साथ कूल 23 पदक अपने नाम किये और संयुक्त पदक तालिका में दूसरा स्थान हासिल किया है। भारत  U20 स्पर्धाओं में 8 स्वर्ण, 4 रजत और 3 कांस्य पदको के साथ शीर्ष पर रहा, वही U17 स्पर्धाओं में भारत 3 स्वर्ण, 2 रजत और 3 कांस्य पदको के साथ चौथे स्थान पर रहा।

U20 स्पर्धाओं में ट्रैक स्पर्धाओं में भारत का प्रदर्शन थोड़ा फीका रहा और भारतीय खिलाडी सिर्फ 2 ही स्वर्ण पदक जितने में कामयाब रहे, मुन्ना कुमार रजक ने पुरुषो की 800 मीटर T11-T13 रेस 2:09.69 मिनट में पूरी करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया, मनीष कुमार को इसी स्पर्धा में डिसक्वालिफाई होकर बाहर होना पड़ा। भारत का दूसरा स्वर्ण 1500 मीटर T11-T13 रेस में मकनहल्ली शंकरप्पा शरथ ने जीता, उन्होंने यह रेस 04:33.35 मिनट में पूरी करके जीती, भारत के ही मनीष कुमार ने 04:37.37 मिनट के साथ रजत पदक जीता।

मुन्ना कुमार रजक और मनीष कुमार ने पुरुषो की 400 मीटर T11-T13 रेस क्रमशः 00:56.81 और 00:57.52 सेकण्ड्स में पूरी करते हुए नौवे और तेहरवे स्थान पर रहे। ईशान खंडेलवाल पुरुषो की 400 मीटर T20 रेस में 01:05.38 मिनट के साथ आठवे और 1500 मीटर T20 रेस में 05:11.70 मिनट के साथ चौथे स्थान पर रहे, उन्होंने पुरुषो की ही लॉन्ग जम्प T20 में 3.13 मीटर की कूद के साथ चौथा स्थान हासिल किया। पुरुषो की 100 मीटर T45-64 रेस में प्रणव प्रशांत देसाई 00:12.44 सेकण्ड्स के साथ सातवे स्थान पर रहे, पुरुषो की 100 मीटर T11-T13 रेस में मदन ने 00:12.58 सेकण्ड्स के साथ 13वा स्थान हासिल किया, मदन ने 200 मीटर T11-T13 रेस में भी 00:25.49 सेकण्ड्स के साथ ग्याहरवे स्थान पर रहे, इसी स्पर्धा में मीत हरेश कुमार थडानी ने 00:25.77 सेकण्ड्स के साथ 14वा स्थान हासिल किया।

शैलेश कुमार

पुरुषो की हाई जम्प T45-64 में शैलेश कुमार ने 1.65 मीटर की ऊंचाई के साथ स्वर्ण पदक जीता। सागर थायत ने शॉटपुट F45-64 में 11.82 की दुरी के साथ पहला स्थान हासिल किया, उन्होंने F45-64 डिस्कस थ्रो में 29.71  मीटर के थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया था, इसी इवेंट का स्वर्ण पदक भारत के ही राजेन्द्रसिंह वदनसिंग राणा ने 38.09 मीटर से हासिल किया। पुरुषो के जेवलिन थ्रो F40-41 में नवदीप ने 35.42 मीटर की दुरी के साथ स्वर्ण पदक जीता, जेवलिन थ्रो में ही एक और स्वर्ण पुरुषो की F45-64 इवेंट में आया, पवन कुमार ने 43.03 मीटर के थ्रो के साथ यह उपलब्धि अपने नाम की, भारत के ही दीपक ने इस स्पर्धा का रजत पदक 47.08 मीटर से अपने नाम किया। दीपक ने इसके अलावा पुरुषो की लॉन्ग जम्प T45-T64 में 5.69 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता। नितिनकुमार नरसिंघभाई चौधरी ने भारत के लिए दो पदक अपने नाम किये, उन्होंने पुरुषो की शॉटपुट F32-34 में 5.81 मीटर के साथ कांस्य, डिस्कस थ्रो F32-34 में 18.73 मीटर के साथ रजत पदक जीता। नितिन की ही तरह विशव ने भी भारत के लिए दो पदक जीते, जेवलिन थ्रो F52-F57 में 17.62 मीटर के साथ उन्होंने स्वर्ण पदक जीता, शॉटपुट F52-F57 में 5.92 मीटर के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। बॉबी ने पुरुषो की F35-38 में शुरुआत नहीं की लेकिन इसके बाद उन्होंने जेवलिन थ्रो F35-38 में 46.02 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया, डिस्कस थ्रो F35-38 में 28.53 मीटर के साथ उन्होंने छठा स्थान हासिल किया।

गोविन्द कुमार

U17 स्पर्धाओं में मुहम्मद आरिफ ने देश के लिए तीन पदक अपने नाम किये, उन्होंने पुरुषो की 200 मीटर T11-T13 रेस 00:26.07 सेकण्ड्स में पूरी करके स्वर्ण पदक जीता, इसके अलावा उन्होंने 100 मीटर T11-T13 और 400 मीटर T11- T13 रेस क्रमशः 00:13.00 और 00:57.30 सेकण्ड्स में पूरी करके कांस्य पदक अपने नाम किये। गोविन्द कुमार ने पुरुषो की 1500 मीटर T11-T13 रेस 04:53.55 मिनट में पूरी करके रजत पदक जीता। महिलाओ की ट्रैक स्पर्धाओं में शालिनी चौधरी ने 400 मीटर T11-T13 रेस 01:23.86 मिनट में पूरी करके चौथे स्थान पर रही, 800 मीटर T11-T13 रेस में वह 03:09.22 मिनट समय के साथ पाचवे स्थान पर रही, 1500 मीटर T11-T13 रेस में उन्हें डिसक्वालिफाई होकर रेस से बाहर होना पड़ा। फील्ड स्पर्धाओं में गोविन्द कुमार ने पुरुषो शॉटपुट T11-T13 में 9.02 मीटर की दुरी पर गोला फेकते हुए सोने का तमगा हासिल किया, यह उनका प्रतियोगिता में दूसरा पदक था, पुरुषो की ही हाई जम्प T45-T64 में प्रवीण कुमार ने 1.75 मीटर की ऊंचाई को पार करते हुए रजत पदक जीता। विकास भाटीवाल ने पुरुषो की डिस्कस थ्रो F45-F64 में 42.61 मीटर की दुरी के साथ पहला स्थान हासिल किया, इसी स्पर्धा में भारत के ही मनीष को 32.57 मीटर की दुरी के साथ पांचवा स्थान हासिल हुआ। विकास ने इसके अलावा शॉटपुट F45-F64 में भी 8.50 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता, मनीष ने 5.24 मीटर के साथ चौथा स्थान हासिल किया।

इस प्रदर्शन के साथ भारत ने अपने पिछली वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स जूनियर चैंपियनशिप 2017 में जीते पांच पदको के रिकॉर्ड को कई गुना पीछे छोड़ दिया है, भारत उस वक़्त दो स्वर्ण और तीन रजत पदको के साथ संयुक्त पदक तालिका में 15वे स्थान  पर रहा था, भारतीय खिलाड़ियों ने यह पाँचो पदक U20 स्पर्धाओं में जीते थे, तब भारत U20 स्पर्धा की पदक तालिका में संयुक्त रूप से नौवे स्थान पर रहा था।