मंगलवार, अक्टूबर 20, 2020
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वर्ल्ड आर्चरी ने भारतीय तीरंदाजी संघ को निलंबित किया

तीरन्दाजी खेल के अंतरराष्ट्रीय महासंघ, वर्ल्ड आर्चरी (World Archery) ने भारतीय तीरंदाजी संघ को 05 अगस्त से निलंबित कर दिया है, ऐसा होने से भारतीय तीरंदाजों के अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओ में हिस्सा लेने पर और भी खतरे के बादल मंडरा रहे है।

08 अगस्त को जारी की गयी वर्ल्ड आर्चरी की एक विज्ञप्ति के अनुसार भारतीय संघ की कार्यप्रणाली और संघ के चुनावों में हुई अनियमितता के चलते अंतरराष्ट्रीय संघ को यह कदम उठाना पड़ा है। ज्ञात हो कि 14 जून को वर्ल्ड आर्चरी के कार्यकारी बोर्ड की मीटिंग ने मध्यस्थता करने वाले वर्ल्ड आर्चरी एशिया के वाईस प्रेसिडेंट काज़ी राजीब उद्दीन अहमद चपोल की रिपोर्ट और, भारतीय संघ के जून माह में तथा उससे पूर्व हुए एक और अन्य चुनाव की रिपोर्ट्स का अध्ययन और समीक्षा की थी, जिसमे पाया गया था भारतीय संघ ने वर्ल्ड आर्चरी के संविधान और नियम के आर्टिकल 1.4.2.4 और 1.4.2.5.1 का उल्लंघन किया है, जिसमे पुष्टि हुयी थी कि हाल ही में हुए चुनावों को वर्ल्ड आर्चरी द्वारा मान्य नहीं माना गया था और किसी भी अधिकारी को भारतीय तीरंदाजी संघ का वैधानिक प्रतिनिधि नहीं माना गया था। तत्पश्चात बोर्ड ने यह निर्णय लिया था की वह भारतीय तीरन्दाज़ों को भारतीय झंडे के तले आगामी बर्लिन में होने वाले हुंडई वर्ल्ड कप के चतुर्थ चरण, टोक्यो 2020 ओलिंपिक खेलो के टेस्ट इवेंट और मेड्रिड में होने वाली 2019 वर्ल्ड आर्चरी युथ चैंपियनशिप में हिस्सा लेने की अनुमति देगा।, साथ ही उन्होंने संघ के लिए आगामी मार्ग भी स्पष्ट कर दिया था, वर्ल्ड आर्चरी ने कहा था कि वे जुलाई माह के अंत में इस मुद्दे की दोबारा समीक्षा करेंगे, तब तक भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय से भारतीय महासंघ की कानूनी स्थिति पर एक और निर्णय जारी करने की अपेक्षा की जा रही थी। वर्ल्ड आर्चरी ने यह साफ़ कर दिया था कि यदि इसके बाद भी कोई स्पष्ट समाधान प्राप्त नहीं हुआ, तो भारतीय तीरंदाजी संघ को निलंबित कर दिया जाएगा। यह निलंबन भारतीय तीरंदाजों को किसी भी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित कर देगा। तब एक मान्यता प्राप्त चुनाव की निगरानी के लिए एक व्यवस्थापक समिति बनायीं जाएगी।

चूँकि वर्ल्ड आर्चरी को कोई स्पष्ट समाधान भारत कि और से नहीं मिला इसलिए उन्होंने भारतीय संघ को निलंबित  कर दिया है, हालाँकि 19-25 अगस्त के बीच मेड्रिड में होने वाली 2019 वर्ल्ड आर्चरी युथ चैंपियनशिप में भारतीय तीरंदाज़ हिस्सा ले सकेंगे।

कार्यकारी बोर्ड की तरफ से वर्ल्ड आर्चरी के सेक्रेटरी जनरल टॉम डाईलेन ने कहा कि  “वर्ल्ड आर्चरी ने भारतीय तीरंदाजी संघ को निलंबित करने के जून में लिए गए निर्णय को लागू कर रहा है। मेड्रिड यूथ चैंपियनशिप वह आखिरी प्रतियोगिता होगी जिसमें भारतीय एथलीट भाग ले सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि “अब हम भारतीय ओलंपिक संघ और भारत सरकार के साथ मिलकर एक ट्रांसिटरी समिति स्थापित करने की कोशिश करेंगे, जिसमें सभी पक्षों के प्रतिनिधि शामिल हों, ताकि तत्काल मामलों को निपटाया जा सके।”

उन्होंने यह भी कहा कि “अगर अगस्त के अंत तक कोई ठोस समाधान नहीं मिलता है, तो कार्यकारी बोर्ड यह तय करेगा कि एशियाई चैंपियनशिप और एशियाई पैरा चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए भारतीय एथलीटों की संभावनाओं के लिए क्या किया जा सकता है। साथ ही, वर्ल्ड आर्चरी यह भी तय करेगा कि इंडोर आर्चरी वर्ल्ड सीरीज़ में व्यक्तिगत एथलीट भाग ले सकते हैं या नहीं।”

इस प्रतिबन्ध का भारतीय तीरंदाजों के ऊपर गहरा असर पड़ेगा, भारतीय तीरंदाज़ किसी भी तरह की अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओ में देश के झंडे तले हिस्सा नहीं ले पाएंगे। जहा भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने आगामी टोक्यो 2020 ओलिंपिक खेलो के क्वालीफाई कर लिया है वही भारतीय महिला तीरंदाजों को अभी तक ओलिंपिक खेलो के लिए क्वालीफाई करना है। पैरा आर्चरी में भी सिर्फ भारतीय पुरुष तीरंदाज़ ही टोक्यो 2020 पैरालम्पिक खेलो के लिए क्वालीफाई किया है। एशियाई चैंपियनशिप महिला तीरंदाजों के लिए ओलिंपिक और पैरालम्पिक खेलो के लिए क्वालीफाई करने का एक अच्छा मौका हो सकता है, यदि कोई भी ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है तो भारतीय तीरंदाजों का इन प्रतियोगिताओ में भाग लेने के अवसर बहुत कम होंगे।

इससे पूर्व भी भारतीय संघ की अनियमिताओं का शिकार खिलाड़ियों को होना पड़ा है, स्टार खिलाड़ियों से बने प्रमुख भारतीय दल, अप्रैल में कोलोम्बिया के मेडेलिन में हुए वर्ल्ड कप के पहले चरण में हिस्सा नहीं ले पाया था। संघ ने अंतिम दिनों में भारतीय दल के लिए लम्बी उड़ान की बुकिंग की थी जिसकी वजस से भारतीय तीरंदाज़  प्रतियोगिता शुरू होने के कुछ घंटो पूर्व ही मेडेलिन पहुंचने वाले थे, लेकिन भारत में ही उनकी फ्लाइट के उड़ान भरने में  में हुयी देरी की वजह से उनके विश्व कप में भाग लेने की सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया और भारतीय तीरंदाजी महासंघ ने प्रथम चरण के पुरे टूर को रद्द कर दिया था।