शनिवार, दिसम्बर 5, 2020
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वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप: 14 साल बाद पुरुष रिकर्व टीम फाइनल में

ओलम्पिक के लिए अपना कोटा पक्का कर चुकी भारतीय पुरुष रिकर्व टीम विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंच गयी है, अतानु दास, तरुणदीप राय और प्रवीण रमेश जाधव की तिकड़ी ने सेमी फाइनल में दूसरी वरीय नेदरलैंड्स को कड़े मुक़ाबले में 5-4 से हराया। पहला सेट नेदरलैंड्स ने 56-54 से अपने नाम करते हुए 2-0 की बढ़त ली, जिसके बाद भारत ने दूसरा सेट 52-49 से जीतकर स्कोर लाइन 2-2 कर दी, तीसरे सेट में फिर नेदरलैंड्स ने 57-56 के साथ स्कोर 4-2 से अपने नाम किया, चौथे और अंतिम सेट में 57-55 का स्कोर करते हुए स्कोर भारत ने मैच को 4-4 की बराबरी में ला दिया और मैच को टाई ब्रेकर शूट ऑफ में ले गए। टाई ब्रेकर में भारत ने जहा 29 अंक बटोरे वही नेदरलैंड्स 28 अंक जोड़ पायी और मैच भारत के पक्ष में गया। इससे पूर्व क्वार्टर फाइनल में भारत ने तीसरी वरीय चीनी ताइपे की टीम को सीधे सेटों में 6-0 हराया था।

भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने 14 साल बाद विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनायीं है, इससे पूर्व भारत 2005 में मेड्रिड में हुयी विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पंहुचा था जहा उसे दक्षिण कोरिया से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। दिलचस्प बात यह है की तरुणदीप उस समय भी भारतीय टीम का हिस्सा थे, तरुणदीप के अलावा जयंत तालुकदार और गौतम सिंह ने भारत का प्रतिनिधित्व करा था। रविवार को फाइनल में भारत का मुक़ाबला पांचवी वरीय चीन से होगा जिन्होंने अन्य सेमी फाइनल में शीर्ष वरीय दक्षिण कोरिया को 6-2 से हराया।

मुस्कान किरार, राज कौर और ज्योति सुरेखा वेनम की तीसरी वरीय कंपाउंड महिला टीम ने क्वार्टर फाइनल में छठी वरीय नेदरलैंड्स को 219-213 से हराते हुए सेमी फाइनल में जगह बनायीं थी, लेकिन वहां उन्हें नज़दीकी मुक़ाबले में सातवी वरीय अमेरिका से 226-227 से शिकस्त झेलनी पड़ी। 2 सेट पुरे हो जाने तक भारत 110-111 से पीछे चल रही थी, तीसरे सेट में  उन्होंने 169-169 के स्कोर से मैच को बराबरी पर ला दिया लेकिन अंतिम सेट जहा अमेरिका ने 58 बटोरे वही भारतीय टीम सिर्फ 57 अंक ही बटोर सकी। अब कांस्य पदक मुक़ाबले में भारतीय टीम चौथी वरीय टर्की के खिलाफ खेलेगी।

मिश्रित युगल के प्री क्वार्टर फाइनल में मुस्कान और अभिषेक की आठवीं वरीय जोड़ी ने नौवीं वरीय जर्मनी के जेनिन मिस्सनेर और मार्सेल ट्राशेल को 153-148 से हराया लेकिन क्वार्टर फाइनल में उन्हें शीर्ष वरीय दक्षिण कोरिया के सो चाईवोन और किम जोंगहो ने 156-155 से हराया।

व्यक्तिगत मुक़बालो में भारतीय खिलाड़ियों का निराशाजनक प्रदर्शन बरक़रार रहा।

महिलाओ कीरिकर्व स्पर्धा में तीसरे राउंड में दीपिका कुमारी को 11वी वरीय मेक्सिको की अलेजैन्ड्रा वैलेंसिया ने 6-4 (30, 27, 28, 27, 27-25, 27, 28, 27, 27)  से पराजित किया, इसी के साथ अब दीपिका को आगामी ओलम्पिक खेलो के लिए क्वालीफाई करने के लिए अगले टूर्नामेंट का इंतज़ार करना होगा। या तो वह एशियाई चैंपियनशिप से व्यक्तिगत कोटा हासिल कर सकती है या अगले साल होने वाले अंतिम क्वालिफिकेशन इवेंट में टीम स्पर्धा में भाग लेकर टीम और अन्य साथियो के साथ व्यक्तिगत कोटा हासिल कर सकती है।

पुरुष रिकर्व स्पर्धा में प्रवीण दूसरी वरीय अमेरिका के ब्रैडी एलिसन के विरुद्ध तीसरे राउंड में  कड़े मुक़ाबले में टाई ब्रेकर शूट ऑफ में 9-10 से हार गए। पाँचो सेट पुरे होने तक दोनों खिलाडी 5-5 (28, 28, 29, 29, 26-27, 28, 29, 29, 30) की बराबरी पर थे। तीसरे ही राउंड में तरुणदीप ने जापान के तोमोआकि क़ुराया को 7-1 (28, 27, 29, 30-25, 26, 29, 27) से हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनायीं थी जहा उन्हें दूसरी वरीय नेदरलैंड्स के स्जेफ वैन डेन बर्ग ने 7-3 (28, 27, 30, 28, 30-27, 28, 28, 28, 29) हराया।

सबसे बड़ी निराशा भारत को कंपाउंड पुरुष वर्ग में हुयी जहा तीनो भारतीय खिलाड़ी तीसरे राउंड में हार कर बाहर हो गए। अभिषेक को चौथी वरीय प्यूर्टो रिको के जीन पिज़्ज़ारो ने 149-148 से, भगवान दास को तीसरी वरीय अमेरिका के ब्रैंडन ग्लेनथिएन ने 149-147 से और रजत को आठवीं वरीय दक्षिण कोरिया के चोई योंगही ने 147-144 से हराया।

कंपाउंड महिला वर्ग में तीसरे राउंड में ज्योति ने 16वी वरीय दक्षिण कोरिया की चोई बोमिन 146-143 से और मुस्कान ने नॉर्वे की रूना ग्रीडलैंड को 145-142 से हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। प्री क्वार्टर फाइनल्स में मुस्कान ने दक्षिण अफ्रीका की डेनेल वेंटजेल को 145-141 को हराया, ज्योति ने कड़े मुक़ाबले शीर्ष वरीय डेनमार्क की तांजा जेन्सेन को दूसरे टाई ब्रेकर में 10-9 से हराया। सारे सेट के ख़त्म हो जाने के बाद दोनों खिलाड़ी 146-146 की बराबरी पर थी। इसके बाद हुए टाई ब्रेकर में दोनों खिलाड़ियों ने परफेक्ट (10) स्कोर किया, इसके बाद मैच दूसरे टाई ब्रेकर में गया जहा ज्योति ने परफेक्ट स्कोर किया वही तांजा सिर्फ 9 ही स्कोर कर पायी और इस तरह से ज्योति ने भी क्वार्टर फाइनल में जगह बनायीं।

क्वार्टर फाइनल में मुस्कान को 15वी वरीय टर्की की येसिम बोस्टन से 145-147 शिकस्त झेलनी पड़ी। वही ज्योति ने उलटफेर करते हुए आठवीं वरीय बेल्जियम की साराह प्रियल्स को 147-141 से हराकर अंतिम चार में जगह बनायीं, जहा उन्हें 20वी अमेरिका की पैगे पेअर्स ने 143-140 से हराया। ज्योति अब कांस्य पदक मुक़ाबले में शनिवार को टर्की की येसिम बोस्टन के विरुद्ध खेलेगी।

भारत ने 2015 विश्व चैंपियनशिप में 2 रजत पदक हासिल किए। रजत चौहान ने कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग में और महिला रिकर्व टीम ने यह पदक हासिल किये थे।