सोमवार, सितम्बर 21, 2020
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लोकसभा चुनावो में अपनी किस्मत आजमाएंगे गौतम गंभीर और विजेंदर सिंह

भारत में खेल और राजनीती हमेशा से एक-दूसरे के पूरक रहे है। कई नामचीन खिलाड़ियों ने क्षेत्रीय और राष्ट्रिय राजनीती में अपना नाम बनाया है। वर्तमान में हो रहे लोकसभा चुनावो में भी कई खिलाड़ी अपना भाग्य आजमा रहे है, जिसमे सबसे दिलचस्प है जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र जहा वर्तमान खेल मंत्री और ओलिंपिक रजत पदक विजेता राज्यवर्धन सिंह राठौर और कामनवेल्थ खेलो में एथलेटिक्स में  स्वर्ण पदक जितने वाली प्रथम भारतीय महिला कृष्णा पूनिया आमने सामने है।

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इसी कड़ी में दो और नए सामने आये। 2007 T20 और 2011 ODI क्रिकेट विश्व कप के हीरो गौतम गंभीर और ओलिंपिक एवं विश्व चैंपियनशिप के ब्रोंज मेडलिस्ट विजेंदर सिंह भी लोकसभा चुनाव में अपनी-अपनी पार्टियों का प्रतिनिधित्व करेंगे।

सत्ता में स्थापित भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली ईस्ट से गौतम गंभीर को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। गत मार्च में ही गौतम ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। तब उन्होंने कहा था कि “वे प्रधानमंत्री मोदी के विचारो एवं उद्देश्य से बहुत प्रभावित है।”

क्रिकेट में सक्रिय करियर के बाद दिसंबर 2018 में उन्होंने सन्यास ले लिया था। अर्जुन अवार्ड से सम्मानित गौतम ने 8 बार भारतीय टीम की कप्तानी की है। अपने क्रिकेट करियर में 10000 से ज़्यादा रन बना चुके गौतम को लोग दो विश्व कपो में उनकी शानदार पारियो के लिए याद रखते है। 2007 T20 विश्व कप के फाइनल में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 57 गेंदों में 75 रन की पारी खेली थी जिसकी मदद से भारतीय टीम एक सशक्त स्कोर सेट करने में सफल हुयी थी। 2011 ODI विश्व कप के फाइनल में शुरुआती विकेट गिरने के बाद गंभीर ने 122 गेंदों में 97 रन स्कोर किये थे जो की टीम को निर्णायक जीत दिलाने में बहुत ही मददगार हुए थे। वर्ष 2019 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया था । अपने क्रिकेट करियर के समय से ही गौतम अपने आक्रामक और गंभीर स्वाभाव के लिए जाने जाते है, क्रिकेट से सन्यास के बाद गौतम गंभीर अपनी वाक्पटुता के लिए बहुत जाने जाते है, कई बार वे राष्ट्रीय मुद्दों पर सोशल मीडिया और पब्लिक फ़ोरम्स पर अपने विचार प्रकट करते हुए दिखे है ।

दूसरी ओर देश की सबसे पुरानी राजनैतिक पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ओलिंपिक मेडलिस्ट विजेंदर सिंह को दिल्ली साउथ से अपना उम्मीदवार घोषित किया है। विजेंदर सिंह के राजनीती में आने के कयास तब से लगाए जा रहे थे जब उन्होंने हरियाणा पुलिस में अपने DSP पद से इस्तीफा दिया था, कल उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया जिसके बाद पार्टी ने उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित किया।

अपने नाम की घोषणा के बाद विजेंदर ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स पर लिखा कि “अपने 20 साल के बॉक्सिंग करियर में मैंने बॉक्सिंग रिंग में अपने देश के नाम को गौरवान्वित किया है। अब समय है अपने देशवासियो के लिए कुछ करने का और उनकी सेवा करने का। मैं इस अवसर को स्वीकार करना चाहता हूं और कांग्रेस, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को धन्यवाद देता हूं।”

विजेंदर सिंह को भारतीय मुक्केबाज़ी को विश्व पटल पर ले जाने का द्योतक मन जाता है। उन्होंने 2008 बीजिंग ओलिंपिक में मिडिल वेट केटेगरी में कांस्य पदक जीता था जो कि बॉक्सिंग में देश का पहला ओलिंपिक पदक था, इसके अलावा  2009 विश्व चैंपियनशिप में भी उन्होंने मिडिल वेट केटेगरी में कांस्य पदक जीता था। भारत सरकार ने विजेंदर को 2006 में अर्जुन अवार्ड, 2009 में राजीव गाँधी खेल रत्न और 2010 में पद्म श्री से सम्मानित कर चुकी है। वर्ष 2015 में विजेंदर ने प्रोफेशनल बॉक्सिंग की और रुख किया। 2016 में उन्होंने WBO एशिया पसिफ़िक सुपर मिडिल वेट का ख़िताब अपने नाम किया था।

गौतम गंभीर की ही तरह विजेंदर भी वाक्पटुता के लिए बहुत जाने जाते है, कई बार वो राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए दिखे है।

यह पहली बार नहीं है कि कोई खिलाड़ी चुनावो में अपनी किस्मत आजमा रहा है, इससे पूर्व भी कई नामी खिलाड़ी जैसे क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू, कीर्ति आज़ाद, फुटबॉलर प्रसून बनर्जी, शूटर नवीन जिंदल, हॉकी प्लेयर असलम शेर खान ने लोकसभा और राज्यसभा में अपने क्षेत्रो का प्रतिनिधित्व किया है।

पिछले लोकसभा चुनाव में क्रिकेटर मोहम्मद कैफ और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया ने भी चुनाव लड़ा था।

क्रिकेट के भगवान् कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को 2012 में राष्ट्रपति ने राज्यसभा सदस्य मनोनीत किया था। 6 बार कि विश्व चैंपियन एंड ओलिंपिक ब्रोंज मेडलिस्ट एम सी मैरी कॉम भी वर्त्तमान में राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत राज्यसभा सदस्य है।