मंगलवार, अक्टूबर 20, 2020
होम ताज़ा ख़बर रिकर्व पुरुष तीरंदाजों ने कटाया ओलम्पिक का टिकट

रिकर्व पुरुष तीरंदाजों ने कटाया ओलम्पिक का टिकट

भारत के पुरुष रिकर्व तीरंदाजों ने टोक्यो 2020 ओलम्पिक खेलों के लिए व्यक्तिगत और टीम स्पर्धा के लिए कोटा हासिल कर लिया है, उन्होंने यह उपलब्धि नीदरलैंड के डेन बोश में हो रही वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप में टीम स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में पहुंच कर हासिल की।

अतानु दास, प्रवीण रमेश जाधव और तरुणदीप राय की तिकड़ी ने क्वालिफिकेशन राउंड में 2015 अंको के साथ 11वा स्थान हासिल किया था। पहले राउंड में 22वी वरीय नॉर्वे को 5-1 को हराने के बाद, प्री क्वार्टर फाइनल में भारत का मुक़ाबला छठी वरीय कनाडा से था, पहला सेट भारत ने 56-55 से जीतकर 2-0 की बढ़त बना ली, फिर दूसरे सेट को 57-56 जीतकर 4-0 की बढ़त बना ली। तीसरा सेट 54-58 से गवाने के बाद, चौथे और निर्णायक सेट में दोनों टीम 57-57 की बराबरी पर रही और भारत ने 5-1 से गेम जीत कर क्वार्टर फाइनल में जगह बनायीं जहा उनका सामना तीसरी वरीय चीनी ताइपे से होगा। क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के साथ ही भारत ने टोक्यो 2020 खेलों के लिए टीम और व्यक्तिगत स्पर्धाओं के तीनो तीरंदाजों के लिए कोटा स्थान हासिल कर लिया है।

दीपिका कुमारी, लैशराम बोम्बाल्या देवी और कोमलिका बारी की महिला रिकर्व टीम ओलम्पिक में जगह बनाने से चूक गयी, उन्हें प्री क्वार्टर फाइनल 11वी वरीय बेलारूस ने 2-6 से हराया। क्वालिफिकेशन राउंड में 1975 के स्कोर के साथ छठे स्थान पर रही भारतीय टीम को पहले राउंड में बाई मिला था। प्री क्वार्टर फाइनल में पहला सेट बेलारुस ने 52-43 से जीतकर 2-0 से बढ़त ली, भारतीय तीरंदाज़ ने अपना एक तीर टारगेट से मिस भी किया जिसका पूरा फायदा बेलारूस को मिला। दूसरे सेट में फिर बेलारूस का पलड़ा भारी रहा और उन्होंने सेट 52-44 से जीत कर 4-0 की बढ़त ली, इस बार भी भारतीय तीरंदाजों के तीर 3 और 5 की रिंग पर लगे। तीसरे सेट में भारत ने वापसी की कोशिश की और 53-51 से जीतकर स्कोर 2-4 कर दिया, चौथे और निर्णायक सेट में बेलारूस ने 53 अंक बटोरे वही भारत 51 अंक ही बटोर पाया और इसी के साथ बेलारूस ने 6-2 से गेम अपने नाम करते हुए क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया और ओलम्पिक का टिकट हासिल किया। भारतीय टीम को अब टीम स्पर्धा के लिए क्वालीफाई करने के लिए अगले वर्ष होने वाले अंतिम क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट के लिए इंतज़ार करना पड़ेगा।

कंपाउंड वर्ग ओलम्पिक में शामिल नहीं है लेकिन इस विश्व चैंपियनशिप में महिला टीम ने भी क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। मुस्कान किरार, राज कौर और ज्योति सुरेखा वेनम की टीम ने क्वार्टर फाइनल में 14वी वरीय फ्रांस को प्री क्वार्टर फाइनल में 236-226 से हराया था। भारतीय टीम ने क्वालिफिकेशन राउंड में 2099 अंको के साथ तीसरे स्थान पर रही थी और उन्हें पहले राउंड में बाई मिला था। क्वार्टर फाइनल में भारतीय टीम छठी वरीय नीदरलैंड से मुक़ाबला करेगी।

अभिषेक वर्मा, रजत चौहान और भगवान दास की पुरुष कंपाउंड टीम को प्री क्वार्टर फाइनल में तीसरी वरीय टर्की ने 238-234 से हराया। 2091 के स्कोर के साथ क्वालिफिकेशन में 14वे स्थान पर रही थी, भारतीय टीम ने पहले राउंड में 19वी वरीय स्पेन को 235-229 से हराया था।

बोम्बाल्या देवी और तरुणदीप राय की 11वी वरीय जोड़ी मिश्रित रिकर्व स्पर्धा के पहले ही राउंड में 22वी वरीय पोलैंड से 5-4 (37 37 37 37-36 37 37 35) से हारकर बाहर हो गयी।

कंपाउंड मिश्रित वर्ग में मुस्कान और अभिषेक की आठवीं वरीय जोड़ी को पहले राउंड में बाई मिला था, दूसरे राउंड में उनका मुक़ाबला नौवीं वरीय जर्मनी से होगा।

व्यक्तिगत मुक़ाबलों में क्वालिफिकेशन में भारतीय तीरंदाजों का प्रदर्शन कुछ इस प्रकार रहा:

पुरुष रिकर्व: तरुणदीप राय-676-21वा, रमेश प्रवीण जाधव-673-31वा, अतानु दास-666-50वा

महिला रिकर्व: लैशराम बोम्बाल्या देवी-664-15वा, दीपिका कुमारी-660-22वा, कोमलिका बारी-651-40वा

पुरुष कंपाउंड: अभिषेक वर्मा-702-29वा, भगवान दास-701-35वा, रजत चौहान-668-88वा

महिला कंपाउंड: मुस्कान किरार-701-7वा, राज कौर-700-9वा, ज्योति सुरेखा वेनम-698-17वा

सारे तीरंदाजों में सिर्फ मुस्कान को ही पहले दोनों राउंड में बाई मिला वह तीसरे राउंड में नॉर्वे की  रूना ग्रीडलैंड से मुक़ाबला करेगी, वही राज को पहले राउंड में बाई मिला था। ज्योति ने पहले राउंड में आइसलैंड की एवा पोलॉज़ेज़ को 141-136 से और दूसरे राउंड में ग्रेट ब्रिटैन की लैला एनीसन को 143-142 से हराया, तीसरे राउंड में उनका मुक़ाबला 16वी वरीय दक्षिण कोरिया की चोई बोमिन से होगा। राज को दूसरे राउंड में 57वी वरीय रूस की एलीजावेटा क्न्याजेवा से 141-146 से हार झेलनी पड़ी।

अभिषेक, भगवान और रजत, तीनो तीरंदाज़ तीसरे राउंड में जगह बनाने में सफल रहे। अभिषेक ने पहले राउंड में जर्मनी के मार्कस लॉबी को 148-147 से और दूसरे राउंड में स्वीडन के लिमस जोआकिन को 147-146 से हराया, तीसरे राउंड में वह चौथी वरीय प्यूर्टो रिको के जीन पिज़्ज़ारो के विरुद्ध होंगे। भगवान तीसरा राउंड तीसरी वरीय अमेरिका के ब्रैंडन ग्लेनथिएन के खिलाफ खेलेंगे, पहले और दूसरे राउंड में उन्होंने क्रमशः पुर्तगाल के क्लॉडिओ अलवास को 144-140 और इस्टोनिया के एवर्ट रेसर को 147-143 से हराया। रजत ने पहला राउंड 25वी वरीय स्पेन के विक्टर कानलजेस तेजेरो के खिलाफ 148-147 से जीता था, दूसरे राउंड में उनका मुक़ाबला इटली के सर्जिओ पगनि से था जिसे उन्होंने टाई ब्रेकर शूटऑफ में 10-9 से जीता, मैच के अंत में मुक़ाबला 146-146 की बराबरी पर था, रजत तीसरे राउंड में आठवीं वरीय दक्षिण कोरिया के चोई योंगही  के खिलाफ खेलेंगे।

पहला राउंड वेनेज़ुएला के डेनियल के खिलाफ 6-2 (28 27 30 28-26 27 25 28) जीतने के बाद अतानु को दूसरे राउंड में 15वी वरीय कज़ाख़स्तान के डेनिस गेंकिन से 6-4 (30 28 29 29 29-28 29 29 29 28) से शिकस्त मिली। तरुणदीप पहला राउंड फ़िनलैंड के एंटी ताकोनीएमी से 6-0 (30 30 26-23 29 22) और दूसरा राउंड जर्मनी के सेड्रिक रिगर से 6-2 (29 28 28 30-26 29 26 28) से जीता, तीसरे राउंड में वह जापान के तोमोआकि क़ुराया के विरुद्ध खेलेंगे। प्रवीण ने भी अपने अच्छे प्रदर्शन के दम पर पहले राउंड में मेक्सिको के एर्नेस्तो बोर्डमेन को 6-2 (29 29 25 29-28 27 28 27) और दूसरे राउंड में टर्की के फुतीह बोलजर को 7-1 (29 28 28 28-27 26 28 27) से हराया, तीसरे राउंड में वह दूसरी वरीय अमेरिका के ब्रैडी एलिसन के विरुद्ध होंगे।

कोमलिका को पहले ही राउंड में 73वी वरीय थाईलैंड की नातपत ने 6-0 (27 26 26-26 22 23) से हराया। अनुभवी बोम्बाल्या देवी को दूसरे राउंड में 50वी वरीय फ्रांस की ऑड्रे एडिसॉम ने 6-2 (28 27 27 27-26 26 27 27) से हराकर उलटफेर किया, बोम्बाल्या पहला राउंड ईरान की ज़हरा नेमती के विरुद्ध 6-0 (27 26 29-25 24 24) जीती थी। टीम की अन्य अनुभवी खिलाडी दीपिका ने पहले मुक़ाबले में कज़ाख़स्तान की इगिबायेवा गौखर को 6-0 (28 28 29-27 27 27) और दूसरा राउंड ऑस्ट्रेलिया की डोनी ब्रिडजर को 7-1 (29 27 28 27-23 26 28 25) से हराया, तीसरे राउंड में उनका मुक़ाबला 11वी वरीय मेक्सिको की अलेजैन्ड्रा वैलेंसिया से होगा, यदि दीपिका सेमी फाइनल में पहुंच जाने में सफल होती है तो टोक्यो ओलम्पिक के महिला रिकर्व वर्ग के व्यक्तिगत मुक़ाबलों के लिए भारत के लिए महत्वपूर्ण कोटा हासिल करने में भी सफल हो जाएगी।