शनिवार, सितम्बर 26, 2020
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भारत को खेलों में सफल बनाने में यूथ गेम्स होगा पहला कदम : अभिनव बिंद्रा

आईओए द्वारा ओलंपिक्स 2032 की मेज़बानी करने के अपने दृढ़ निश्चय के बाद, अभिनव बिंद्रा ने बयान दिया है कि यूथ गेम्स में बेहतर प्रदर्शन करना भारत के लिए अपनी ज़मीन मज़बूत करने की ओर पहला कदम होगा।

ओलम्पिक मेडलिस्ट अभिनव ने सी जी एफ को सलाह दी कि वे शूटिंग को कॉमनवेल्थ गेम्स में वापिस लाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करें।

बिंद्रा का मानना है कि यह भारतीय खेलों के लिए अच्छा समय है और देश को अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए एक बार में एक कदम उठाना चाहिए| जहाँ आईओए 2032 के ओलंपिक की मेज़बानी करना चाहता है, वहीं बिंद्रा ने कहा कि देश को तैयारी शुरू कर देनी चाहिए|

“मुझे लगता है कि हमें कदम दर कदम कोशिश करने की ज़रूरत है और यूथ गेम्स इस दिशा में पहला कदम होगा यदि हम अपना स्पोर्टिंग इकोसिस्टम, अपने खिलाड़ी और यूथ गेम्स में सफलता की उम्मीद तैयार कर पाए, तो शायद हम उस ओर भी ( ओलपिंक मेज़बानी ) देख सकें। लेकिन 2032 के ओलपिंक में अभी भी काफी समय है, यहाँ तक कि बिडिंग प्रक्रिया में भी अभी समय बचा हुआ है।”

टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए अभिनव ने बताया।

“मुझे पता नहीं कि आने वाले 10 सालों में भारतीय खेल की स्थिति क्या होगी। शायद हम तब तक तैयार हो जाएं लेकिन शायद अब हमें उस बारे में बात शुरू करने की ज़रूरत है। कॉमनवेल्थ गेम्स में शूटिंग को मुख्य खेल के रूप में वापिस लाने की ज़रूरत है।”

ज़ाहिर है कि अगले कॉमनवेल्थ गेम्स में शूटिंग को बाहर कर दिए जाने से भारत चिंतित है और इस संबंध में बिंद्रा का कहना है कि भारत को उन खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की ज़रूरत है जो अब भी कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल हैं।

“कॉमनवेल्थ गेम्स में शूटिंग एक वैकल्पिक खेल है और बिर्मिंघम 2022 में उसे नहीं चुना गया है। अब हमें उसे मुख्य खेल के रूप में वापिस लाने पर काम करने की ज़रूरत है।”

बिंद्रा ने कहा, जिन्होंने खुद भी कॉमनवेल्थ गेम्स में सात पदक जीते हैं जिनमें चार स्वर्ण पदक भी शामिल हैं।