मंगलवार, सितम्बर 29, 2020
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पैरा रोइंग वर्ल्ड कप में भारत को कांस्य पदक

भारत के कुलदीप सिंह और नारायणा कोंगनपल्ली ने पोलैंड के पॉज़्नान शहर में हो रहे साल के दूसरे पैरा रोइंग वर्ल्ड कप में भारत के लिए कांस्य पदक जीता है। उन्होंने यह उपलब्धि पुरुषो की पेयर PR3 केटेगरी में हासिल की।

टेस्ट रेस में 07:39.580 के समय के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने तीसरा स्थान हासिल किया था। 2000 मीटर की इस रेस में भारतीय नौकायान 1500 मीटर तक दूसरे स्थान पर चल रहे थे, लेकिन आखिरी 500 मीटर में धीमी गति की वजह से टीम को तीसरे स्थान पर रहना पड़ा। फ्रांस के जेरोम हेमलिन और लॉरेंट वियला की टीम 7:15.05 के समय के साथ शीर्ष पर रही, वही यूक्रेन के मैक्सिम ज़्हुक और एंड्री सीवीख ने 07:34.690 के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, 07:52.600 के समय के साथ जर्मनी के डोमिनिक सीमेंरोथ और मार्क लैम्बेक चौथे स्थान पर रहे। चारो ही टीम ने फाइनल में जगह बनायीं।

फाइनल में भी स्थिति टेस्ट रेस के समान ही रही। फ्रांस ने 07:35.940 के साथ स्वर्ण पदक जीता वही, यूक्रेन ने 07:49.820 के साथ रजत पदक हासिल किया, भारतीय टीम ने 07:55.630 के साथ तीसरे स्थान पर रही और कांस्य पदक पर कब्ज़ा किया, जर्मनी ने 08:11.680 के साथ चौथा स्थान हासिल किया। फ्रांस ने शुरुआती क्षणों से ही बढ़त लेना हासिल कर लिया था, उन्होंने 500 मीटर की प्रत्येक दुरी को क्रमशः 1:50.52, 1:57.54, 1:54.85, 1:53.03 समय के साथ पूरा किया, वही भारतीय टीम ने यह दुरी 1:55.70, 1:59.56, 2:00.18, 2:00.19 समय में तय की।

भारत का किसी भी बड़ी अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिता में यह पहला पदक है।  पैरा रोइंग की PR3 केटेगरी को इस तरह से परिभाषित किया गया है:

“इसमें वे नाविक होते है जो अपने पैरों, धड़ और बाहों का उपयोग कर सकते हैं, जो स्लाइडिंग सीट का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा उनमे किसी तरह की शारीरिक दिव्यांगता या फिर दृष्टि बाध्यता हो सकती है।

– अंगो का शरीर से अलग हो जाना या शारीरिक कमजोर होना, कम से कम एक हाथ की तीन उंगलियों का पूर्ण विच्छेदन या फिर कम से कम पैर के टखने की मेटाटार्सल का विच्छेदन।

– मांसपेशियों की ताकत का नुकसान, उदाहरण स्वरुप: अपूर्ण S1 रीढ़ की हड्डी की चोट।

– न्यूनतम अटैक्सिया (Ataxia), अथेतोसिस (Athetosis), हाइपरटोनिया (Hypertonia). उदाहरण स्वरुप: सेरिब्रल पाल्सी, ब्रेन इंजरी और स्ट्रोक।” – (स्रोत, वर्ल्ड रोइंग क्लासिफिकेशन गाइड लाइन)