शुक्रवार, सितम्बर 25, 2020
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निशानेबाज़ी : म्यूनिख विश्व कप में अपूर्वी, सौरभ और राही का सोने पे निशाना

जर्मनी के म्यूनिख में हो रहे साल के तीसरे राइफल/पिस्टल विश्व कप में भारतीय निशानेबाज़ों ने अच्छी शुरुआत की है, प्रतियोगिता के 2 दिन पुरे हो जाने तक भारत ने 3 स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिए है।

 देश का पहला पदक महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में अपूर्वी चंदेला ने दिलाया, उन्होंने 251.0 के स्कोर के साथ फाइनल जीता, इसी स्पर्धा में भारत की एल्वेनिल वलारिवान 208.3 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर रही । क्वालिफिकेशन राउंड में 633.0 और 632.7 के स्कोर के साथ पहले और दूसरे स्थान पर रहने के बाद, फाइनल में एलिमिनेशन शुरू होते ही अपूर्वी और एल्वेनिल पदक के लिए अपनी चुनौती को मज़बूत करके रखने लग गयी थी, लेकिन दूसरी सीरीज में 9.7 के शॉट की वजह से एल्वेनिल को थोड़ा रैंकिंग में निचे आना पड़ा, बाद में उन्होंने अच्छे शॉट्स की बदौलत वापसी की लेकिन चीन की शु होन्ग से उन्हें 0.1 के स्कोर से मात खानी पड़ी और बिना पदक के संतोष करना पड़ा। अपूर्वी ने शुरुआती क्षणों से ही शीर्ष 3 में रह रही थी, अंतिम क्षणों में बिना लय खोते हुए उन्होंने चीन की ही वांग लुयाओ को 0.2 के अन्तर से पीछे रखते हुए इस सीजन का दूसरा विश्व कप पदक अपने नाम किया। अपूर्वी ने इससे पूर्व दिल्ली में हुए विश्व कप में भी इसी स्पर्धा का स्वर्ण अपने नाम किया था। अन्य भारतीयों में अंजुम मौदगिल 628.9 के स्कोर के क्वालिफिकेशन राउंड में ग्याहरवे स्थान पर रही और फाइनल में जगह बनाने में असफल रही।

 पुरुषो की 50 मीटर 3 पोजीशन में कोई भी निशानेबाज़ फाइनल में जगह नहीं बना पाया, क्वालिफिकेशन राउंड में चैन सिंह 1171 के स्कोर के साथ 41 वे और पारुल कुमार 1167 के स्कोर के साथ 52 वे स्थान पर रहे। संजीव राजपूत एलिमिनेशन रिले में ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए थे।

 भारत को दूसरा स्वर्ण पदक पुरुषो की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में आया, युवा निशानेबाज़ सौरभ चौधरी ने अपने ही विश्व कीर्तिमान को ध्वस्त करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल में सौरभ ने 246.3 का स्कोर बनाया जो की दिल्ली विश्व कप में बनाये गए उनके विश्व कीर्तिमान 245.0 से बेहतर था । इसी के साथ सौरभ ने जूनियर वर्ग का भी विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया। फाइनल के शुरुआत से ही सौरभ ने बढ़त बना ली थी, हर सीरीज के साथ सौरभ अन्य निशानेबाज़ों के लिए स्वर्ण पदक से दुरी बनाये जा रहे थे और अंत में 2.5 अंको के अंतर के साथ उन्होंने रूस के अर्टेम शेर्नोसाव को पीछे छोड़ते सोने का तमगा अपने नाम किया। सौरभ का भी इस सीजन का यह दूसरा स्वर्ण पदक है इससे पूर्व उन्होंने दिल्ली विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता था। भारत के ही शहज़ार रिज़वी 177.6 के साथ पाचवे स्थान पर रहे। बीजिंग विश्व कप के स्वर्ण पदक विजेता अभिषेक वर्मा 577 के स्कोर के साथ क्वालिफिकेशन राउंड में 32 वे स्थान पर रहे और फाइनल में जगह नहीं बना पाए। सौरभ और शहज़ार ने क्वालिफिकेशन राउंड में 586 और 583 के स्कोर के साथ दूसरे और पाचवे स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था।

 महिलाओं की 25 पिस्टल स्पर्धा में राही सरनोबत और मनु भाकर ने 586 और 585 के स्कोर के साथ चौथे और पाचवे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनायीं थी, पदक के साथ-साथ दोनों निशानेबाज़ों के पास एक और ज़िम्मेदारी थी भारत के लिए ओलिंपिक कोटा हासिल करना। उम्मीदों के अनुरूप दोनों खिलाड़ियों ने अच्छी शुरुआत की। जब प्रतियोगिता में 5 निशानेबाज़ शेष रह गए थे तब तक दोनों निशानेबाज़ 21 शॉट्स के साथ शीर्ष पर बनी हुयी थी, पदक और ओलिंपिक कोटा लगभग भारत के लिए ही निश्चित हो चूका था, लेकिन सातवीं सीरीज में मनु की स्पोर्ट पिस्टल के जाम हो जाने की वजह से उन्हें फाइनल को बीच में ही छोड़ना पड़ा और 21 शॉट्स के स्कोर के साथ पाचवे स्थान से संतोष करना पड़ा, इसके बाद राही ने अपनी लय को नहीं खोया और 37 शॉट्स के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चिंकी यादव 571 के स्कोर के साथ क्वालिफिकेशन में 56 वे स्थान पर रही और फाइनल के क्वालीफाई करने में असमर्थ रही।

 इसी के साथ राही टोक्यो 2020 ओलंपिक्स के लिए कोटा जितने वाली सातवीं भारतीय खिलाडी बन गयी। भारत का निशानेबाज़ी में यह छठा कोटा है, इससे पूर्व भारतीय निशानेबाज़ महिलाओ की 10 मीटर एयर राइफल में 2, पुरुषो की 10 मीटर एयर पिस्टल में 2, पुरुषो की 10 मीटर एयर राइफल में 1 कोटा स्थान हासिल कर चुके है।

 विश्व कप में भारत अभी 3 स्वर्ण पदको के साथ शीर्ष पर बना हुआ है। चीन एक स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य पदको के साथ दूसरे स्थान पर है।