गुरूवार, अक्टूबर 1, 2020
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खेल बजट 2019 : राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड के गठन का प्रस्ताव पेश किया गया

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में अपना पहला आम बजट पेश करते हुए, राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड का गठन करने की घोषणा की। इसके तहत सरकार की प्रमुख खेल योजना ‘खेलो इंडिया’ का विस्तार होगा।

हालांकि, खेलों के लिए अंतरिम आवंटन में की गई व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

इस वर्ष फरवरी में तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल द्वारा पेश किए गए अंतरिम बजट के आवंटन में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया।

बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा,“अक्टूबर 2017 में लॉन्च की गई खेलो इंडिया योजना ने पूरे देश में स्वास्थ्य के अभिन्न हिस्से के तौर पर खेलों को लेकर जागरुकता फैलाने का काम किया है।”

सरकार खेलो इंडिया योजना का विस्तार करने और हर आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

सभी स्तरों पर खेलों को लोकप्रिय बनाने के लिये खेलो इंडिया योजना के तहत खिलाड़ियों के विकास के लिए राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड का गठन किया जाएगा।”

खेल मंत्री किरण रीजिजू ने खेलों के लिये नवीन बजट प्रस्तावों का स्वागत करते हुए ट्वीट किया,‘‘भारत के पूरे खेल 
समुदाय की ओर से मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारणम का बजट 2019 में खेलो 
इंडिया के तहत, खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड के गठन की घोषणा करने के लिए आभारव्यक्त
करता हूं।’’
 
खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय के लिए फरवरी में पेश किए गए अंतरिम बजट में 214.2 करोड़ रुपए की 
वृद्धि की गई थी। आवंटित राशि में पिछले साल के 2002.72 करोड़ रुपए की तुलना में 2216.92 करोड़ रुपए 
किया गया था। 
भारतीय खेल प्राधिकरण को पिछले साल संशोधित बजट में 395 करोड रुपए आवंटित किए गए थे जिसमें 
55 करोड़ रूपये की बढोतरी की गई थी।
 
साइ को 2019-20 के बजट में 450 करोड़ रूपये आवंटित किए गए थे। खेलो इंडिया योजना के लिए बजट 
550.69 करोड़ रुपए (संशोधित अनुमान) से बढ़ाकर 601.00 करोड़ रुपए कर दिया गया है। खिलाड़ियों को 
प्रोत्साहन और पुरस्कार की राशि पिछले बजट के संशोधित अनुमान में 316.93 करोड़ और 2017 – 18 में 
299.27 करोड़ रुपए थी जो बढ़ाकर 411 करोड़ रुपए कर दी गई है। इसमें खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि 
63 करोड़ रुपए से बढाकर 89 करोड़ रुपए और राष्ट्रीय खेल विकास कोष को आवंटन दो करोड़ रुपए से 
बढ़ाकर 68 करोड़ रुपए कर दिया गया है। राष्ट्रीय खेल महासंघों को दी जाने वाली सहायता राशि में कोई 
बदलाव नहीं है। पिछले बजट में एनएसएफ को 245.13 करोड़ रुपए दिये गए थे जिन्हें अब 245 करोड़ रुपए 
आवंटित किए गए हैं।