शनिवार, सितम्बर 19, 2020
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एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप : 17 पदको के साथ भारत ने चौथे स्थान पर रहकर किया प्रतियोगिता का अंत

दोहा में चल रही एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप का अंतिम दिन बहुत ही रोमांचित रहा, भारत ने अपनी पदक तालिका में एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक को और जोड़ा।

 दिन का सबसे पहला पदक दुती चंद ने महिलाओं की 200 मीटर रेस में जीता। धीमी शुरआत करने के बाद भी दुती ने अपनी गति को नहीं खोया और अपने सीजन बेस्ट 23.24 सेकण्ड्स की टाइमिंग के साथ कांस्य पदक हासिल किया। बहरीन की एडीडीओंग ऑडिओग ने भी इसी समय के साथ रेस पूरी की थी लेकिन फोटो फिनिश में दुती को एडीडीओंग से पहले फिनिश लाइन क्रॉस करते देखा गया। 100 मीटर और 4 गुना 100 मीटर रिले में मिली निराशा के यह पदक दुती के लिए बहुत ही ज़रूरी था। बहरीन की प्रमुख धावक सलवा नसीर ने इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक चैंपियनशिप रिकॉर्ड के साथ जीता।

दुती चंद – चित्र : एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप

 महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में नवजीत ढिल्लन 57.47 मीटर के अपने बेस्ट थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रही वही उनकी साथी खिलाड़ी कमलप्रीत कौर 55.59 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ पाचवे स्थान पर रही।

 दिन की सबसे बड़ी सफलता महिलाओ की 1500 मीटर रेस में मिली जब पी यु चित्रा ने 4:14.56 सेकण्ड्स में रेस पूरी करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया, हालाँकि यह चित्रा का अपना सर्वश्रेष्ठ टाइम नहीं था लेकिन उनकी रेस कई मायनो में महत्वपूर्ण है। रेस के आखिरी क्षणों में चित्रा को बहरीन की गेशाव तिगिस्ट से कड़ा मुक़ाबला मिला लेकिन 300 मीटर शेष रहते चित्रा ने अपनी गति को बढ़ाते हुए बहरीनी धावक को पीछे रहने के लिए मज़बूर कर दिया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही चित्रा ने आगामी विश्व चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है।

स्वर्ण पदक जितने के बाद चित्रा ने कहा कि “अंतिम क्षणों में मैं थोड़ा चिंतित हो गयी थी जब मैंने देखा कि बहरीन की खिलाड़ी मेरे बराबरी से दौड़ रही है, उन्ही ने मुझे एशियाई खेलो में तीसरे स्थान पे हराया था। मुझे आखिरी के कुछ मीटरों में सचमुच कुछ ज़्यादा ही पुश करना पड़ा।”

 चित्रा के स्वर्ण पदक जितने के कुछ देर बाद ही अजय कुमार सरोज ने पुरुषो की 1500 मीटर फाइनल में 3:43.18 सेकण्ड्स का समय निकलते हुए रजत पदक अपने नाम किया। अजय ने क़तर के मुसाब अली को कुछ माइक्रो सेकण्ड्स से पीछे छोड़ते हुए यह पदक अपने नाम किया।

 पुरुषो की 5000 मीटर रेस में भारत को बिना पदक के ही संतोष करना पड़ा, मुरली कुमार गवित ने अपने पर्सनल बेस्ट टाइमिंग 13:48.99 सेकण्ड्स के पांचवा स्थान हासिल किया वही अभिषेक पाल 13:56.09 सेकण्ड्स के अपने सीजन बेस्ट टाइमिंग के साथ छठे स्थान पर रहे।

 हिमा दास अपनी चोट की वजह से 4 गुना 400 मीटर रिले के फाइनल का हिस्सा नहीं बन पायी । प्राची, एम आर पूवम्मा, सरिताबेन गायकवाड़ और वी के विस्मया को टीम की मुख्या धावकों के तौर पे चुना गया। स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही भारतीय टीम ने तीसरे लेग तक बढ़त बनाये रखी थी, लेकिन आखिरी लेग में बहरीन की सलवा नसीर ने पूरी रेस का सर्वश्रेष्ठ समय निकाल कर स्वर्ण पदक भारत के हाथो से छीन लिया। भारतीय टीम ने यह रेस 3:32.21 सेकण्ड्स में पूरी की वही बहरीन ने 3:32.10 के साथ स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाला। पहला लेग प्राची ने 55.2 सेकण्ड्स में पूरा किया लेकिन दूसरे लेग में पूवम्मा ने 52.4 सेकण्ड्स का समय निकलते हुए भारत को बढ़त दी, सरिताबेन ने तीसरे लेग में 52.33 सेकण्ड्स के समय के साथ बढ़त को बरक़रार रखा लेकिन चौथे और अंतिम लेग में विस्मया का 52.16 सेकण्ड्स का समय नसीर के 49.70 सेकण्ड्स के आगे कमज़ोर पड़ गया।

 चैंपियनशिप के अंतिम इवेंट यानि पुरुषो की 4 गुना 400 मीटर रिले फाइनल में भारतीय टीम से सभी को बहुत उम्मीदे थी और पी कुंहु मोहम्मद, के एस जीवन, मुहम्मद अनस याहिया और अरोकिया राजीव ने बिना निराश करते हुए 3:03.28 सेकण्ड्स के साथ रजत पदक अपने नाम किया। रेस ख़त्म होने के तुरंत बाद ही चीन ने प्रोटेस्ट करते हुए IAAF competition rule 16.32 (किसी खिलाड़ी को गलत तरीके से बाधित करना ) के तहत भारतीय टीम के खिलाफ अपील की जिसे जूरी ने स्वीकार कर लिया और भारतीय टीम को रेस से डिसक्वालिफाई कर दिया गया। भारत ने चीन की अपील के खिलाफ एक काउंटर अपील दायर की थी जिसे जूरी ने अस्वीकृत कर दिया ।

 चैंपियनशिप का अंत भारत ने 3 स्वर्ण, 7 रजत और 7 कांस्य पदको के साथ चौथे स्थान पर रहते हुए किया। बहरीन 11 स्वर्ण, 7 रजत और 4 कांस्य पदको के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर रही वही, चीन 10 स्वर्ण, 13 रजत और 7 कांस्य पदको के साथ दूसरे स्थान पर रही। चैंपियनशिप के आखिरी दिन अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर जापान ने 5 स्वर्ण, 4 रजत और 9 कांस्य पदक जीतते हुए तीसरा स्थान हासिल किया।

 भारत 2017 में भुबनेश्वर में हुयी पिछली एशियाई चैंपियनशिप में 29 पदको के साथ (12 स्वर्ण, 5 रजत, 12 कांस्य) के साथ शीर्ष पर रही थी। 2015 में भारत ने 4 स्वर्ण, 5 रजत और 4 कांस्य पदको के साथ तीसरा स्थान हासिल किया था।