मंगलवार, अक्टूबर 20, 2020
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इंटर कॉन्टिनेंटल कप: सीरिया के साथ ड्रा खेलकर भारत ने किया टूर्नामेंट का अंत

अहमदाबाद के ट्रांस-स्टेडिया में खेले जा रहे इंटर कॉन्टिनेंटल कप के अपने अंतिम ग्रुप मैच में भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम ने सीरिया के साथ 1-1 का ड्रा खेला। भारत के लिए एकमात्र गोल नरेंदर गेहलोत ने किया, वही सीरिया के लिए अलख़तीब ने गोल किया। फाइनल में जगह बनाने के लिए सीरिया को यह मैच जीतना बहुत ही ज़रूरी था, अपने पहले मैच में उन्होंने उत्तर कोरिया को 5-2 स हराया था वही दूसरे मैच में उन्हें ताजीकिस्तान के हाथो 2-0 से हार झेलनी पड़ी थी। वही भारत अपने दोनों मुक़ाबले हारकर इस प्रतियोगिता से बाहर हो चूका है।

उत्तर कोरिया के खिलाफ मिली हार से भारतीय कोच इगोर स्टीमक नाखुश थे और इसका प्रभाव टीम के चयन पर भी दिखा जब उन्होंने भारतीय गोल सँभालने की ज़िम्मेदारी फिर से गुरप्रीत सिंह को दी, इसके अलावा नरेंदर गेहलोत को अपना दूसरा पूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने का मौका दिया गया। सहल अब्दुल, राहुल भेके, अनिरुद्ध थापा, उदांता सिंह और लालिजुआला चांगते को भी वापस प्रथम एकादश में शामिल किया गया।

मैच के शुरुआती मिनटों में ही सीरिया ने भारत पर दबाव बनाना शुर कर दिया था, तीसरे मिनट में अलमारमोर का शॉट गोल पोस्ट से बहुत दूर निकल गया। छठे मिनट में उदांता के क्रॉस को छेत्री और सहल टच नहीं कर पाए और भारत ने एक अच्छा मौका गँवा दिया। 24वे मिनट में अलमारमोर ने भारतीय डिफेंडर को छकाते हुए गोल की तरफ हैडर लगाया लेकिन गुरप्रीत सिंह संधू ने इसे आसानी से रोक लिया। 29वे मिनट में फिर गुरप्रीत ने अलख़तीब के शॉट को रोक कर सीरिया के एक और हमले को विफल कर दिया। इसके तुरंत बाद ही मंदार के पास पर चांगते के पास अच्छा मौका आया था लेकिन सीरिया की रक्षा पंक्ति ने उन्हें आसानी से रोक लिया। पहले हाफ के बाद इंजरी टाइम में अमरजीत सिंह ने उदांता के लिए एक अच्छा क्रॉस दिया लेकिन बॉल को लेने में हुयी गलती की वजह से सीरियाई डिफेंस को अच्छा टाइम मिला और भारत के यह हमला भी विफल रहा। मैच का पहला हाफ गोल रहित रहा।

नरेंदर गेहलोत

दूसरे हाफ के शुरू होते ही राहुल भेके और नरेंदर ने अपनी भूमिकाओं में बदलाव करते हुए न सिर्फ अच्छे बचाव किये बल्कि आगे बढ़कर टीम के लिए मौके बनाने भी शुरू किये। 50वे मिनट में छेत्री ने उदांता के लिए एक अच्छा पास किया लेकिन शॉट लेने में हुयी देरी की वजह से उन्हें आसानी से ब्लॉक कर दिया गया। 52वे मिनट में भारत को कार्नर मिला और अनिरुद्ध थापा ने बॉल को सीधे नरेंदर गेहलोत की तरफ उड़ाया, नरेंदर ने बिना किसी गलती के हैडर लगाकर बॉल सीधे नेट में डाल दी और भारत को बढ़त दिला दी और पहला अंतर्राष्ट्रीय गोल किया, ऐसा करने के साथ ही नरेंदर भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय गोल करने वाले पहले भारतीय खिलाडी बने है जिनका जन्म 21वी सदी में हुआ है। 58 वे मिनट में चांगते के पास पर छेत्री का शॉट सीरियाई गोलकीपर के हाथो में सीधा गया। इसके बाद मैच में मंदार की जगह जेरी को उतारा गया। 77वे मिनट में जेरी के अलअहमद के खिलाफ किये फ़ाउल पर सीरिया को पेनल्टी मिली और 78वे मिनट में अलख़तीब ने इसे गोल में तब्दील कर दिया। इसके बाद भारत ने नियमित अंतराल पर बदलाव किये लेकिन किसी का भी उन्हें कोई फायदा नहीं, आखिरी के दस मिनटों में सीरिया ने कई मौके बनाये लेकिन रक्षा पंक्ति में खड़े राहुल भेके और प्रीतम कोटाल ने उन्हें कोई भी मौका भुनाने नहीं दिया।

अंत में मैच 1-1 से ड्रा रहा और इसी के साथ सीरिया का फाइनल में पहुंचने का सफर भी थम गया। शुक्रवार को उत्तर कोरिया ताजीकिस्तान से फाइनल में भिड़ेगी।

भारतीय दृष्टि से यह टूर्नामेंट बहुत ही महत्वपूर्ण था, जहा शुरुआत के दो मैचों में डिफेंस भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुयी थी, लेकिन अंतिम मैच में उसमे थोड़ा सा सुधार नज़र आया, भारत के लिए मिडफ़ील्ड बहुत ही उम्दा नज़र आ रही है, कोच इगोर को डिफेंस को मज़बूत करने के साथ-साथ फॉरवर्ड पंक्ति में सुनील छेत्री का साथ देने वाले एक खिलाडी की भी आवश्यकता है।