शनिवार, सितम्बर 26, 2020
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आलोचकों के लिए जवाब है मेरा पदक : दुति चंद

हाल ही में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में 100 मीटर रेस में गोल्ड जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय स्प्रिंटर दुति चंद ने कहा कि यह जीत उस आलोचना का नतीजा है जिसका सामना उन्हें इसीलिए करना पड़ा क्योंकि उन्होंने अपने समलैंगिक संबंध की बात उजागर कर दी।

10 जुलाई को 23 वर्षीय दुति ने 11.32 सेकेंड्स में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में गोल्ड हासिल किया था और इस तरह वे हिमा दास के बाद अंतर्राष्ट्रीय खेल में गोल्ड हासिल करने वाली दूसरी भारतीय स्प्रिंटर बन गईं।

“2014 से मेरे जीवन में बहुत विवाद रहें। लोगों ने मेरे विरुद्ध जो भी कहा, उसका जवाब मैंने रियो ओलंपिक में अपने प्रदर्शन से दिया। अभी भी वे कह रहे हैं कि मैं अपने गेम पर फोकस नहीं कर रही हूँ पर मेरे पदक ने उन्हें जवाब दे दिया है। मेरा फोकस सिर्फ अपने गेम पर है।”

19 मई को दुति अपने समलैंगिक संबंध को उजागर करने वाली पहली भारतीय एथलीट बन गई थी। उनके परिवार ने उनके संबंध का जमकर विरोध किया था।

हालांकि, जब दुति से वर्तमान में उनके घर के हालात के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसपर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।

“वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स और ओलम्पिक लगभग समान हैं क्योंकि प्रतियोगिता बहुत कड़ी होती है। दुनिया के सबसे बेहतर एथलीट्स वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में हिस्सा लेते हैं जो उसे और भी मुश्किल बना देता है। मुझे अभी भी ओलम्पिक क्वालीफाइंग मार्क तक पहुंचना है जो कि 11.5 सेकेंड्स है। लेकिन मेरे पास 6 – 7 महीनों का समय है और मुझे उम्मीद है कि लगातार सहयोग से मैं इसे हासिल कर लूंगी।”

दुति ने आगे कहा,

“हमेशा से मेरा विश्वास देश के बाहर ट्रेनिंग करने में है। मुझे अच्छी डाइट और न्यूट्रिशन की ज़रूरत है जिसकी कमी हो रही है। अगर यह सब सही से होता है तो मैं ज़रूर बेहतर परफॉर्म कर सकती हूँ और टोक्यो गेम्स के लिए क्वालीफाई कर सकती हूँ।”

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके गृह राज्य ओडिशा की सरकार ने उन्हें भरपूर सहयोग दिया है।