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भारोत्तोलन

Weightlifting World Championships: चोट के बावजूद मीराबाई चानू ने जीता रजत पदक

यह चानू का दूसरा विश्व चैंपियनशिप पदक है, इससे पहले उन्होंने 2017 में स्वर्ण पदक जीता था

Weightlifting World Championships: चोट के बावजूद मीराबाई चानू ने जीता रजत पदक
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Bikash Chand Katoch

Updated: 2022-12-07T11:28:24+05:30

ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने भारोत्तोलन विश्व चैंपियनशिप में इतिहास रच दिया। उन्होंने भारोत्तोलन विश्व चैंपियनशिप में 200 किग्रा कुल वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया। इस दौरान चीन की वेटलिफ्टर जियांग हुइहुआ ने 206 किग्रा भार उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं चीन की एक अन्य वेटलिफ्टर होऊ झिहुई ने 198 किग्रा भारत उठाकर पोडियम पर जगह बनाई। झिहुई 49 किग्रा भारवर्ग में ओलंपिक चैंपियन हैं। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में 49 किग्रा कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीता था।

क्लीन एंड जर्क में उठाया 113 किग्रा

कोलंबिया के बोगोटा में आयोजित भारोत्तोलन विश्व चैंपियनशिप में मीरा का सफर आसान नहीं रहा। वह कलाई की चोट से जूझ रही थीं। लेकिन अपने जज्बे में कोई कमी नहीं आने दी। उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 113 किग्रा भार उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। हालांकि स्नैच प्रयास के दौरान उन्होंने शानदार बचाव किया जब वह भार उठा रही थीं तो उनका संतुलन गलत हो गया था। लेकिन उन्होंने ऐसे में अपने शरीर पर काबू रखते हुए घुटनों और निचले शरीर का सहारा लिया। स्नैच में मीराबाई ने 87 किग्रा भार उठाया। इस तरह उन्होंने कुल 200 किग्रा भार उठाया।

ओलंपिक चैंपियन को दी मात

भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने भारोत्तोलन विश्व चैंपियनशिप में ओलंपिक चैंपियन होऊ झिहुई को पछाड़कर रजत पदक अपने नाम किया। झिहुई क्लीन एंड जर्क में 109 किग्रा भार उठा सकीं। वहीं स्नैच में उन्होंने 89 किग्रा भार उठाया। जबकि इंडियन वेटलिफ्टर चानू क्लीन एंड जर्क में 113 और स्नैच में 87 किग्रा भार उठाने में सफल रहीं। झिहुई तीसरे नंबर पर रहीं और उन्हें कांस्य पदक मिला। जबकि मीराबाई ने रजत पदक पक्का किया। वहीं, जियांग हुइहुआ ने क्लीन एंड जर्क में 113 किग्रा और स्नैच में 93 किग्रा भार उठाया। इस तरह उन्होंने कुल 206 किग्रा भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता।

मुख्य कोच विजय शर्मा ने कहा, ''हम इस टूर्नामेंट के लिए कोई दबाव नहीं ले रहे थे। यह वह वजन है जिसे मीरा नियमित रूप से उठाती हैं। अब से हम वजन बढ़ाना और सुधार करना शुरू करेंगे। हम (चोट के बारे में) ज्यादा कुछ नहीं कर सके क्योंकि हम विश्व चैंपियनशिप को छोड़ना नहीं चाहते थे। अब हम उनकी कलाई पर ध्यान देंगे क्योंकि हमारे पास अगले टूर्नामेंट से पहले काफी समय है।"

2017 विश्व चैंपियन चानू को सितंबर में एक प्रशिक्षण सत्र के दौरान कलाई में चोट लग गई थी। इसके बाद उन्होंने चोट के साथ ही अक्तूबर में राष्ट्रीय खेलों में भाग लिया था।

चानू जीत चुकी हैं स्वर्ण पदक

यह चानू का दूसरा विश्व चैंपियनशिप पदक है, इससे पहले उन्होंने 2017 में स्वर्ण पदक जीता था। एशियाई और विश्व चैंपियनशिप में स्नैच, क्लीन एंड जर्क और टोटल लिफ्ट के लिए अलग से पदक दिए जाते हैं। लेकिन, ओलंपिक में टोटल लिफ्ट के लिए सिर्फ एक मेडल दिया जाता है।

भारत के पास चार और लिफ्टर हैं। एस बिंदियारानी देवी (59 किग्रा), चनमबम ऋषिकांत सिंह (61 किग्रा), अचिंता श्युली (73 किग्रा) और गुरदीप सिंह (+109 किग्रा) अपने-अपने वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगे।

2024 ओलिंपिक के लिए राह आसान

2022 विश्व चैम्पियनशिप 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए पहला क्वालिफाइंग इवेंट है, जहां भारोत्तोलन स्पर्धाओं को टोक्यो खेलों में 14 से घटाकर 10 कर दिया जाएगा। हालांकि, यह अनिवार्य नहीं है। 2024 ओलंपिक योग्यता नियम के तहत, एक वेटलिफ्टर को 2023 विश्व चैंपियनशिप और 2024 विश्व कप में अनिवार्य रूप से प्रतिस्पर्धा करनी होती है।

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