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डेविस कप: क्रोएशिया के खिलाफ उलटफेर के इरादे से उतरेगा भारत

डेविस कप: क्रोएशिया के खिलाफ उलटफेर के इरादे से उतरेगा भारत
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Press Trust of India

Updated: 2022-04-22T01:14:06+05:30

सुमित नागल और प्रजनेश गुणेश्वरन की अगुआई वाली भारतीय टीम शुक्रवार से शुरू होने वाले डेविस कप क्वालीफायर में क्रोएशिया के खिलाफ उलटफेर भरी जीत दर्ज करने की कोशिश करेगी। मेजबान टीम की अगुआई दुनिया के 37वें नंबर के खिलाड़ी मारिन सिलिच करेंगे और 2014 अमेरिकी ओपन चैम्पियन उनकी टीम में शामिल एकमात्र शीर्ष-50 एकल खिलाड़ी है। उनकी टीम के सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग के खिलाड़ी बोर्ना कोरिच (33) की अनुपस्थिति का मतलब है कि नागल और प्रजनेश उनके दूसरे एकल खिलाड़ी बोर्ना गोजो को पराजित कर सकते हैं जिन्होंने अभी तक तक डेविस कप में अपना एक भी मैच नहीं जीता है।

मेहमानों के लिये गोजो पर जीत से दो अंक जुटाना संभव है जो एटीपी रैंकिंग में 277वें स्थान पर काबिज हैं और इन दोनों भारतीय एकल खिलाड़ियों से नीचे हैं। दोनों नागल (127) और प्रजनेश (132) हालांकि गोजो के खिलाफ नहीं खेले हैं लेकिन उनके लिये उन्हें हराना संभव हैं। प्रजनेश अपनी शादी के कारण पिछले मुकाबले में नहीं खेल पाये थे। उन्होंने कहा, ''हमें अपना शीर्ष खेल दिखाने की उम्मीद है। हमारे पास निश्चित रूप से बेहतर मौका है (क्योंकि बोर्ना कोरिच नहीं खेल रहे) और उम्मीद करते हैं कि हम इसका फायदा उठायेंगे। हार्ड इंडोर कोर्ट हमें रास आता है।''

रामकुमार रामनाथन के बेंच पर रहने की उम्मीद है क्योंकि लिएंडर पेस और रोहन बोपन्ना के युगल मुकाबला खेलेंगे। युगल मैच अहम होगा। इस मैच का विजेता साल के अंत में होने वाले डेविस कप फाइनल्स के लिये क्वालीफाई कर लेगा जो नवंबर में मैड्रिड में खेला जायेगा। यह 46 साल के पेस के लिये अंतिम मुकाबला हो सकता है जो कह चुके हैं कि 2020 बतौर पेशेवर उनका अंतिम सत्र होगा। वह डेविस कप को जीत से अलविदा कहना चाहेंगे, वह पहले ही टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे सफल युगल खिलाड़ी बन गये हैं। भारत ने लंबे समय से मजबूत प्रतिद्वंदी के खिलाफ जीत हासिल नहीं की है और ऐसा लगता है कि यह उनके लिये बेहतर मौका होगा।

वे सर्बिया से 2018 में, कनाडा से 2017 में हारकर विश्व ग्रुप क्वालीफिकेशन से चूक गये थे। भारत के गैर खिलाड़ी कप्तान रोहित राजपाल ने पीटीआई से कहा, ''हमारे पास निश्चित रूप से इस मैच में मौका है। अग हम शुक्रवार को एक एकल मुकाबला जीत लेते हैं तो कुछ भी हो सकता है। लेकिन वापसी करना मुश्किल होगा, अगर हम पहले दिन 0-2 से पिछड़ जाते हैं। '' पिछली बार दोनों टीमें आपस में 1995 में ग्रासकोर्ट पर एक दूसरे से भिड़ीं थी जिसमें भारत ने नयी दिल्ली में 3-2 से जीत हासिल की थी।

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