सोमवार, सितम्बर 28, 2020
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टेनिस सिंगल्स रैंकिंग में बेस्ट रैंक हासिल करने वाले टॉप-5 भारतीय

अपनी अच्छी फॉर्म को बरकरार रखते हुए इंडियन टेनिस स्टार प्रजनेश गुनेश्वरन ने सोमवार को जारी हुई ताजा ATP रैंकिंग्स में करियर बेस्ट 80वां नंबर हासिल कर लिया है। चेन्नई के रहने वाले 29 साल के प्रजनेश ने इसी साल फरवरी में ATP रैंकिंग में टॉप-100 में एंट्री की थी। ताजा रैंकिंग में दो स्थानों की छलांग के साथ प्रजनेश सिंगल्स रैंकिंग में छठे हाईएस्ट इंडियन बन गए हैं। आइए आपको बताते हैं सिंगल्स रैंकिंग में अब तक के टॉप-5 भारतीय टेनिस प्लेयर्स…

1- रामानाथन कृष्णन
आजादी के शुरुआती दशकों में रामानाथन ना सिर्फ भारत बल्कि दुनिया के बेस्ट टेनिस प्लेयर्स में से एक थे। 50 और 60 के दशक में अपनी टेनिस से लोगों को दीवाना करने वाले रामानाथन वर्ल्ड रैंकिंग के टॉप-10 में एंट्री करने वाले इकलौते भारतीय हैं। गौरतलब है कि उस वक्त रैंकिंग ब्रिटिश जर्नलिस्ट लांस टिंगे करते थे। रामानाथन के नाम एक और खास रिकॉर्ड है, वह किसी सिंगल्स ग्रैंडस्लैम के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले इकलौते भारतीय टेनिस प्लेयर हैं। रामानाथन ने 1960 और 1961 में विम्बलडन के सेमी-फाइनल में जबकि 1962 में फ्रेंच ओपन के क्वॉर्टर-फाइनल में जगह बनाई थी।

2- विजय अमृतराज
विजय अमृतराज को भारत में टेनिस पॉपुलर करने का काफी श्रेय जाता है। बिना कोई ग्रैंड स्लैम जीते ही विजय ने 70-80 के दशक में लाखों लोगों को टेनिस का फैन बनाया। 18 में से 14वां ATP टूर टाइटल जीतने के बाद विजय साल 1980 में अपनी करियर बेस्ट 16वीं रैंक पर पहुंचे थे। करियर बेस्ट रैंक पर पहुंचते वक्त विजय का करियर रिकॉर्ड 390 जीत और 302 हार का था। विजय 1974 और 1987 में डेविस कप के फाइनल तक का सफर तय करने वाली भारतीय टेनिस टीम के अहम अंग थे। विजय को साल 1983 में पद्म श्री दिया गया था।

3- सानिया मिर्जा
भारतीय टेनिस इतिहास की सबसे ग्लैमरस और सबसे सफल विमिंस प्लेयर सानिया मिर्जा के जिक्र के बिना इस लिस्ट का पूरा होना संभव ही नहीं था। जब भई हम भारत के सबसे सफल टेनिस प्लेयर्स की बात करेंगे, उसमें सानिया का जिक्र जरूर आएगा। साल 2003 से लेकर 2013 में सिंगल्स से रिटायर होते वक्त तक सानिया मिर्जा देश की नंबर वन टेनिस प्लेयर थीं। सिंगल्स में साइना का 271 जीत और 161 हार का बेहतरीन रिकॉर्ड रहा है। सानिया ने अपने सिंगल्स करियर में मार्टिना हिंगिस, स्वेतलाना कुज़नेत्सोवा, विक्टोरिया अज़ारेंका जैसी सुपरस्टार्स को हराया है। सिंगल्स में सानिया की बेस्ट रैंक 27 थी जो कि 2007 में आई थी। सिंगल्स से रिटायर होने के बाद सानिया ने डबल्स खेलना शुरू किया और इसमें उन्होंने 5 से ज्यादा ग्रैंडस्लैम जीते हैं। सानिया डबल्स में वर्ल्ड नंबर 1 भी रह चुकी हैं।

4- सोमदेव देववर्मन
साल 2017 में प्रोफेशनल टेनिस से रिटायर होने वाले सोमदेव की करियर हाईएस्ट रैंक 62 थी जो कि साल 2011 में आई थी। सोमदेव सबसे पहले चर्चा में उस वक्त आए थे जब उन्होंने लगातार तीन बार NCAA के फाइनल्स में जगह बनाई है। ऐसा करने वाले वह इकलौते कॉलेजियट प्लेयर हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया के अपने दिनों में उन्होंने जूनियर और सीनियर लेवल पर लगातार फाइनल्स जीते थे। साल 1950 से अब तक सिर्फ तीन प्लेयर्स ऐसा कर पाए हैं। NCAA में साल 2008 का उनका 44-1 का अभूतपूर्व रिकॉर्ड रहा है। सोमदेव साल 2009 में वाइल्ड कार्ड एंट्री के तौर चेन्नई ओपन के फाइनल में भी पहुंच चुके हैं। साल 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट सोमदेव को टेनिस में उनकी उपलब्धियों के लिए अर्जुन अवॉर्ड और पद्म श्री से नवाजा जा चुका है।

5- लिएंडर पेस
प्रो प्लेयर बनने के बाद से ही लिएंडर पेस इंडियन टेनिस का चेहरा बने हुए हैं। लगभग 30 साल लंबे करियर में पेस ने बहुत सारी उपलब्धियां अपने नाम की हैं। भारत के अब तक के सबसे सफल टेनिस प्लेयर्स में शुमार पेस ने 1996 अटलांटा ओलंपिक्स में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता था, ऐसा करने वाले वह इकलौते भारतीय टेनिस प्लेयर हैं। साल 1998 में पेस ने सिंगल्स में 73वीं रैंकिंग हासिल की थी जो कि उनकी बेस्ट सिंगल्स रैंक है। पेस सिंगल्स से कहीं ज्यादा डबल्स और मिक्स्ड डबल्स में सफल रहे जहां उन्होंने क्रमशः 8 और 10 ग्रैंडस्लैम अपने नाम किए हैं। महेश भूपति के साथ उनकी डबल्स जोड़ी ने 1998 से 2002 तक टेनिस जगह पर एकछत्र राज किया था। पेस को अर्जुन अवॉर्ड, राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड, पद्म श्री और पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है।