शुक्रवार, फ़रवरी 26, 2021
होम ताज़ा ख़बर एशियाई स्क्वाश चैंपियनशिप : जोशना, सौरव के ख़िताब से भारत को दोहरी...

एशियाई स्क्वाश चैंपियनशिप : जोशना, सौरव के ख़िताब से भारत को दोहरी सफलता

मलेशिया के कुआलालम्पुर में हुयी एशियाई व्यक्तिगत स्क्वाश चैंपियनशिप (Asian Individual Squash Championship) के फाइनल में भारत के सौरव घोषाल और जोशना चिन्नप्पा ने इतिहास रचा है, रविवार को खेले गए फाइनल मुक़ाबलों में दोनों खिलाड़ियों ने पुरुष और महिला एकल का ख़िताब अपने नाम किया।

अपने ख़िताब का बचाव करने उतरी दूसरी वरीयता प्राप्त जोशना ने महिला एकल के फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त होन्ग कोंग की एनी अउ को 11-5, 8-11, 11-6, 11-6 से हराया।

जोशना के लिए ख़िताब बचाने के साथ-साथ यह जीत बहुत महत्वपूर्ण थी, गत माह ही मकाउ ओपन में होन्ग कोंग की खिलाड़ी ने जोशना को सीधे गेमों में हराया था, एनी की जोशना के खिलाफ खेले गए 20 मैचों यह बाहरवीं जीत थी।

जोशना के पहला गेम आसानी से जीतने के बाद, एनी ने दूसरे गेम को अपने नाम करते हुए वापसी की कोशिश की, लेकिन इसके बाद जोशना ने दोनों गेम आसानी से जीतते हुए 42 मिनट में ख़िताब को भारत को झोली में डाल दिया। एनी ने इससे पूर्व 2013 में यह ख़िताब जीता था, वही 2011 और 2015 में उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था।

चित्र : मलेशिया स्क्वैश रैकेट्स एसोसिएशन

जीत के बाद जोशना ने कहा कि “मुझे लगता है कि मैंने बहुत अच्छा मैच खेला है, मै इससे पूर्व कई बार फाइनल में एनी से हार चुकी थी, इसलिए इस बार पूरी तैयारी के साथ आयी थी, कोर्ट और परिस्थितयो ने भी आज मेरा साथ दिया ।”

जोशना की जीत के बाद ही भारत को जश्न मनाने का मौका दोबारा मिला जब शीर्ष वरीयता प्राप्त सौरव घोषाल ने चौथी वरीयता प्राप्त होन्ग कोंग के लियो अउ चुन मिंग को सीधे गेमों में 11-9, 11-2, 11-8 से हराते हुए पुरुष एकल का ख़िताब अपने नाम किया।

लियो के खिलाफ अपना पांचवा मैच खेल रहे सौरव ने फाइनल में अपने प्रतिद्वंदी को जीत का कोई मौका नहीं दिया। पहले गेम में लियो ने कई बार बढ़त लेने की कोशिश की, लेकिन सौरव ने अपने कुशल खेल की बदौलत गेम को अपने नाम कर लिया, दूसरे गेम में सौरव के आगे लियो टिक ही नहीं पाए, तीसरे गेम में लियो ने फिर से वापसी कुछ कोशिश की लेकिन सौरव ने बिना कोई गलती किये नियमित अंतराल से पॉइंट्स बटोरते हुए गेम और ख़िताब अपने नाम कर लिया। सौरव को भी फाइनल जीतने में 42 मिनट का समय लगा। इससे पूर्व दोनों खिलाड़ी 4 बार आमने सामने हुए है और दोनों को 2-2 बार सफलता मिली थी। लियो ने इससे पूर्व 2015 संस्करण में ख़िताब अपने नाम किया था।

चित्र : मलेशिया स्क्वैश रैकेट्स एसोसिएशन

ख़िताब जितने के बाद सौरव ने कहा कि “अपना पहला एशियाई ख़िताब जितने से मै बहुत खुश हूँ, पिछली बार ख़िताब के बहुत नज़दीक आकर भी नहीं जीत पाया था, इसीलिए भारत के लिए यह ख़िताब जीतकर संतुष्ट हूँ, स्क्वाश के हिसाब मेरे लिए यह एक यादगार हफ्ता रहा, आज का दिन भारत के लिए बहुत ही खास है और मै उम्मीद करता हूँ कि आज कि जीत भविष्य में और जीत दिलाने में मददगार होगी।”

सौरव यह ख़िताब जितने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने है, इससे पूर्व उन्हें 2017 संस्करण में चेन्नई में खेले गए फाइनल में होन्ग कोंग के मैक्स ली से हार का सामना करना पड़ा था। जोशना का यह दूसरा ख़िताब, वह यह ख़िताब जितने वाली इकलौती भारतीय महिला खिलाड़ी है, 2017 में उन्होंने साथी खिलाड़ी दीपिका पल्लीकल को हराया था। जोशना, दीपिका और सौरव के अलावा इस चैंपियनशिप का फाइनल खेलने वाली एक और भारतीय खिलाड़ी मिशा ग्रेवाल थी, जिन्हे 1996 के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था।