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बांह कुश्ती

प्रो-पंजा लीग: गोल्डन बॉय बने परवीन डबास

एलएनयूपीआई में चल रही तीन दिवसीय प्रो-पंजा लीग के दूसरे दिन देशभर के पंजा पहलवानों ने दिखाया अपना दम

Parvin Dabas Pro Panja League
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एशियन आर्म रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष जीनबेक मुकाम्बेटोव ने प्रो-पंजा लीग के संस्थापक परवीन डबास को गोल्ड मेडल प्रदान कर सम्मनीत किया

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The Bridge Desk

Updated: 2022-08-12T14:19:48+05:30

भारतीय आर्म रेसलिंग फेडरेशन के तत्वावधान में लक्ष्मीबाई नेशनल युनिवर्सिटी ऑफ फिजिकल एजुकेशन में तीन दिवसीय प्रो-पंजा लीग का आयोजन किया जा रहा है। एशिया के सबसे बड़े रैकिंग टूर्नामेंट के दूसरे दिन देशभर के करीब सात सैकड़ा पंजा पहलवानों ने अपना दम दिखाया। इस दौरान देश में आर्म रेसलिंग को बढ़ावा देने वाले प्रो-पंजा लीग के संस्थापक को गोल्ड मेडल से नवाजा गया।

परवीन डबास का सम्मान

एशियन आर्म रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष जीनबेक मुकाम्बेटोव ने प्रो-पंजा लीग के संस्थापक परवीन डबास को गोल्ड मेडल प्रदान कर सम्मनीत किया। डबास को यह सम्मान पंजा कुश्ती को देशभर में बढ़ावा देने के लिए दिया गया। फेडरेशन द्वारा दिया जाने वाले गोल्ड मेडल के सम्मान को पूरी दुनिया में महत्वपूर्ण माना जाता है। विश्वभर में अभी तक आठ मेडल दिए गए हैं और भारत को पहली बार यह मेडल मिला है।

एशियन आर्म रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष जीनबेक मुकाम्बेटोव, भारतीय आर्म रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष हासिम रजा जवेथ एवं विश्व चैंपियन माइकल टॉड उर्फ "द मॉन्स्टर", प्रो-पंजा लीग की सह-संस्थापक प्रीति झंगियानी, ग्वालियर आर्म रेसलिंग अकेडमी के अध्यक्ष डॉ, केशव पाण्डेय ने परवीन डबास का स्वागत कर बधाई दी और प्रतियोगियों का हौंसला बढ़ाया।

पहलावानों ने दिखाया दम

टूर्नामेंट के दूसरे दिन पुरुष वर्ग में 60,70,80,90 और 100 किलो वर्ग के अलावा 100 प्लस वजन वर्ग के पहलावानों के बीच मुकाबला हुआ। जहां देशभर से जुटे पहलवानों ने मेडल अपने नाम करने के लिए जमकर दम दिखाया। हाल ही में दिल्ली में आयोजित की गई शेरू क्लासिक लीग के विजेता आकाश कुमार ने भी 70 किलोग्राम वजन वर्ग में भागीदारी की।

स्पेशल केटगिरी की धूम

लीग में स्पेशल केटगिरी के पहलावानों ने 55 और 65 किलो वजन वर्ग में अपना हुनर दिखाया। टूर्नामेंट में वे आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इनके अलावा महिला पहलवानों ने भी अपने दम-खम से दर्शकों को रोमांचित कर दिया। 65 किलो और 65 प्लस में महिलाओं के बीच जोरदार मुकाबले हुए। दो सैकड़ा से अधिक पहलावानों ने सेमीफायनल में जगह बनाने के लिए अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया। टूर्नामेंट के रेफरी इंडियन आर्म रेसलिंग फेडरेशन के कोषाध्यक्ष प्राण प्रतिम चलिहा ने विजयी प्रतियोगियों की घोषणा की।

रविवार को होगा फायनल

रैकिंग टूर्नामेंट के तीसरे दिन 24 जुलाई रविवार को फोर्ट स्थित मानसिंग पैलेस के परिसर में लीग का फायनल मुकाबला होगा। इस दौरान विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका सम्मान किया जाएगा।

आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल

आर्म रेसलिंग अकेडमी ग्वालियर के अध्यक्ष डॉ. केशव पाण्डेय ने बताया कि इस बार रैंकिंग टूर्नामेन्ट के लिए प्रो-पंजा लीग ने रोमानिया में विकसित आधुनिक टेक्नोलॉजी सॉफ्टवेयर सिस्टम 'आर्म स्कोर' को अपनाया है, जिसके द्वारा मैच के परिणामों का सटीक मूल्यांकन किया जा सकेगा।

रैंकिंग टूर्नामेन्ट के बाद आर्म रेसलर मेन लीग के लिए टीमें बनाएंगे, जिसकी शुरूआत इसी साल में होने की उम्मीद है। रैंकिंग टूर्नामेन्ट और मेन लीग के बीच, टॉप-रैंक वाले प्रो पंजा रेसलर्स के बीच मेगा मैच भी होंगे।

पंजा पहलवानों के नाम से भी जाना जाएगा ग्वालियर

प्रो-पंजा लीग के आकर्षण का केंद्र बने माइकल टॉड "द मॉन्स्टर" ने टूर्नामेंट के शुभारंभ पर कहा कि आर्म रेसलिंग पूरे विश्व में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। आर्म रेसलरों का भविष्य बेहतर होगा। इसके लिए जरूरी है कि भारत सरकार खिलाड़ियों को आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराए। ग्वालियर के आर्म रेसलर दुनिया में धूम मचाए हुए हैं। वो दिन दूर नहीं जब ग्वालियर कला-संस्कृति और संगीत की नगरी के साथ ही पंजा पहलवानों के नाम से भी जाना जाएगा। इस दौरान उन्होंने अपनी कामयाबी के मूलमंत्र के साथ-साथ रेसलरों को आर्म रेसलिंग की तकनीक और कामयाबी के गुर बताए।

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