शनिवार, दिसम्बर 5, 2020
होम खेलो इंडिया यूथ गेम्स चोट के बावजूद चंडीगढ़ की वेटलिफ्टर वीरजीत कौर ने जीता गोल्ड

चोट के बावजूद चंडीगढ़ की वेटलिफ्टर वीरजीत कौर ने जीता गोल्ड

19 वर्षीय वीरजीत कौर पिछले एक महीने से जांघ की चोट से जूझ रही थीं

गुवाहाटी में खेले जा रहे तीसरे खेलो इंडिया यूथ गेम्स में चंडीगढ़ की वेटलिफ्टर वीरजीत कौर ने गोल्ड मेडल जीता। 19 वर्षीय वीरजीत कौर पिछले एक महीने से जांघ की चोट से जूझ रही थीं, इसके बावजूद उन्होंने अंडर-21 श्रेणी में सर्वाधिक वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया।

मूल रूप से हरियाणा के सिरसा जिले के रोरी गांव की रहने वाली वीरजीत कौर ने 49 किग्रा भारवर्ग में खिताब हासिल करने के लिए स्नैच में 62 किग्रा और क्लीन और जर्क में 81 किग्रा सहित कुल 143 किग्रा वजन उठाया। असम की गीताश्री सोनोवाल को इस स्पर्धा का रजत मिला जबकि मणिपुर की नोमिता देवी ने कांस्य पदक हासिल किया।

वीरजीत का मानना है कि उनका इस पदक से आत्मविश्वास बढ़ेगा। उन्होंने कहा,“मैं पिछले एक महीने से अपनी जांघ की चोट से जूझ रही हूँ। खेलो इंडिया यूथ गेम्स में प्रतिस्पर्धा करना इस वर्ष के लिए मेरा एक लक्ष्य था और चोट के बावजूद स्वर्ण पदक जीतना मेरे लिए एक विशेष पल है। भले ही मेरे द्वारा यहां उठाया गया वजन जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उठाए गए वजन की तुलना में कम था, लेकिन यह प्रदर्शन मेरे लिए इस वर्ष के लिए नया लक्ष्य निर्धारित करेगा। मैं अब सीनियर हो गयी हूं और अंडर-21 श्रेणी में स्वर्ण पदक जीतने से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है।

वीरजीत कौर कोच करनबीर सिंह बुट्टर की देखरेख में ट्रेनिंग करती हैं। इससे पहले वह 2016 में चंडीगढ़ में जूनियर चैंपियन बनीं थी। उसके बाद उन्होंने साल 2018 में नागपुर में जूनियर नेशनल वेटलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता था। बोधगया में 49 किग्रा वर्ग में वह जूनियर चैम्पियनशिप बनी थी, जहाँ उन्होंने स्नैच में 70 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 90 किग्रा के साथ कुल 160 किग्रा वजन उठाया था। गुवाहाटी में खेले जा रहे खेलो इंडिया यूथ गेम्स में चोट के कारण वह कुल 143 किग्रा वजन उठा सकी थी। उनके कोच का मानना है कि सीनियर वर्ग में अब उनकी चुनौती और कठिन रहने वाली है।