रविवार, सितम्बर 27, 2020
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युवा खिलाड़ियों के जोश की वजह से अजलान शाह कप जीतेगा भारत-मोहम्मद नईम 

भारतीय हॉकी टीम के लिए साल 2018 काफी निराशाजनक रहा था। राष्ट्रमंडल खेलों के बाद एशियाई खेलों और वर्ल्ड कप में टीम उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर सकी और इसकी वजह से टीम के कोच हरेंद्र सिंह को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। भारतीय हॉकी टीम के लिए 2019 काफी अहम है। सुल्तान अजलान शाह कप में इस वक्त भारतीय टीम अपने खेल का जौहर दिखा रही है। जापान के बाद मलेशिया के खिलाफ शानदार जीत इस टीम के लगातार आगे बढ़ने की ओर इशारा करता है। इसके बाद कनाडा और पौलेंड के खिलाफ जीत इस युवा टीम की ताकत का अहसास कराती है। वहीं इस जीत से भारतीय हॉकी प्रशंसको के चेहरे पर भी मुस्कान दिखती है। हालांकि मुख्य कोच के बिना इस टीम में थोड़ी बहुत कमजोरी की झलक अभी भी दिखाई दे रही है। सुल्तान अजलान शाह कप में डिफेंसिव जापान के खिलाफ जीत हासिल करने के बाद मनप्रीत की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने कोरिया के सामने अंतिम मिनट में गोल खाकर अपनी पुरानी कमजोरी को फिर से उजागर किया। हालांकि इसके बाद मेजबान मलेशिया के खिलाफ टीम ने जबरदस्त वापसी करते हुए 4-2 से जीत हासिल की। वहीं कनाडा और पोलैंड के खिलाफ एकतरफा मिली जीत से भारतीय खेमे को बड़ा आत्मविश्वास मिला। मलेशिया के खिलाफ मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार हॉकी का उदाहरण देते हुए शांति से खेल खेला। युवा खिलाड़ी हार्दिक सिंह और फॉरवर्ड सुमित कुमार ने बेहतरीन हॉकी की झलक दिखाई। वैसे तो मलेशिया के खिलाफ भारत का पलड़ा हमेशा से भारी रहा है। लेकिन हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल और उससे पहले ग्वांग्झू एशियाई खेलों में मलेशिया से हारने के बाद भारत इस टीम को हल्के में नहीं ले सकती थी। इसके बाद कनाडा और पोलैंड के खिलाफ टीम ने एकतरफा जीत हासिल की। मंदीप सिंह जैसे खिलाड़ी का प्रदर्शन इस टीम के ताकत में चार चांद लगाता है।

मंदीप सिंह

 दरअसल भारतीय टीम मलेशिया में अजलान शाह कप में बिना किसी कोच के साथ खेल रही है। टीम के हाई पर्फार्मेंस डायरेक्टर डेविड जॉन के हाथों में टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी है। हालांकि टीम ने बिना कोच के भी शानदार प्रदर्शन किया और अजलान शाह कप के लीग मैचों में 10 अंक बटोरें। पूर्व भारतीय ओलंपियन हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद नईम ने द ब्रिज के साथ बातचीत करते हुए कहा कि “कोच के टीम में होने से ब्रेक के समय सिर्फ रणनीति तय की जाती है। लेकिन खेल के दौरान खिलाड़ियों को सारी जिम्मेदारी लेनी होती है और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होता है। यह युवा खिलाड़ी किसी स्कूल या अकादमी के खिलाड़ी नहीं है। यह खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे है। इन्हें किसी कोच की जरूरत नहीं दिखाई पड़ रही है। इसलिए अगर भारतीय टीम को अच्छा प्रदर्शन करना है तो इसके खिलाड़ियों को अच्छा खेल दिखाना होगा।” हालांकि बिना कोच के साथ भारतीय हॉकी टीम ने पहली बार किसी अंतराष्ट्रीय टूर्नामेंट में कदम रखा है, जो अपने आप में एक अलग तरह का इतिहास है।

 अजलान शाह कप से टीम के कई सीनियर खिलाड़ियों को चोटिल होने की वजह से आराम दिया गया है। इस टीम में तमाम युवा खिलाड़ी मौजूद है। जो अपने खेल से सबका ध्यान आकर्षित करना चाहते है। सुमित कुमार, हार्दिक और वरूण कुमार जैसे युवा खिलाड़ी लगातार अच्छा पदर्शन कर रहे है। भारतीय टीम के अच्छे प्रदर्शन के बाद टीम के कोच डेविड जॉन ने कहा कि “जिस तरह से युवा खिलाड़ियों ने दबाव के अंदर प्रदर्शन किया उसकी वजह से मै काफी खुश हूं। मेजबान टीम के खिलाफ इतना अच्छा प्रदर्शन करना आसान नहीं था। लेकिन जिस तरह से युवा खिलाड़ियों ने खेल दिखाया और जीत में अपना हिस्सा दिया वो काफी सराहनीय है।” वहीं टीम के युवा खिलाड़ी वरूण कुमार के जापान के खिलाफ प्रदर्शन को देखकर मोहम्मद नईम का मानना है कि अगर यह खिलाड़ी इसी तरह से प्रदर्शन करते रहा और इसका मार्गदर्शन सही रहा तो भारतीय टीम में ड्रैगफ्लिकर की समस्या खत्म हो सकती है।

वरूण कुमार

 साफ है अनुभवी खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में युवा खिलाड़ियो का प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में काफी शानदार रहा है। इस बारे में बात करते हुए मोहम्मद नईम ने कहा कि “अभी इस टीम के काफी युवा खिलाड़ी है और इनके लिए यह काफी मुख्य टूर्नामेंट है। इसलिए यह खिलाड़ी अभी काफी जोश से खेल रहे है। अगर यह आगे भी इसी तरह से जोश से खेलते है तो आगामी समय में यह टीम इन खिलाड़ियों के साथ कुछ भी कर सकती है और किसी भी तरह का खिताब जीत सकती है।”

 जाहिर है अभी तक बिना किसी कोच और युवा खिलाड़ियों के साथ भारतीय हॉकी टीम का प्रदर्शन अजलान शाह कप में शानदार रहा है। टीम ने जापान,मलेशिया, कनाडा और पोलैंड को रौंद कर अपने हौंसलों को उड़ान दी है। वहीं पूर्व ओलंपियन मोहम्मद नईम का भी मानना है कि इस टूर्नामेंट में टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। अगर टीम इंडिया इसी तरह का प्रदर्शन फाइनल में जारी रखती है, तो हम यह टूर्नामेंट जीत सकते हैं।

 गौरतलब है कि भारतीय हॉकी टीम का प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में काफी शांत और सराहनीय रहा है। टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह को कंधों पर इस जीत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी वहीं फाइनल में लीग मैचों के प्रदर्शन को दोहराना होगा। यह टीम खिताब जीतकर देशवासियों को खुशिया देना चाहेगी वहीं जून में होने वाले ओलंपिक क्वालीफायर से पहले अपना आत्मविश्वास और तैयारियों को पुख्ता भी करेगी।