सोमवार, सितम्बर 28, 2020
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टोक्यो खेलों के स्थगन से दीपा करमाकर की ओलंपिक की उम्मीद जगी

टोक्यो ओलंपिक के स्थगित होने से चोटों से परेशान भारतीय जिमनास्ट दीपा करमाकर के लिये उम्मीद की किरण जगी है जो ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने के मौके का फायदा उठाने की तैयारी में जुटी हैं। दीपा घुटने की चोट के कारण कट में प्रवेश करने का मौका चूक गयीं थीं। 2016 रियो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहने वाली दीपा ने 2017 में घुटने की सर्जरी करायी और 2018 में उनकी वापसी थोड़े समय तक ही रही क्योंकि पिछले साल बाकू में कलात्मक जिमनास्टिक्स विश्व कप में इस चोट ने उन्हें फिर परेशान करना शुरू कर दिया।

उन्हें दोहा विश्व से भी हटना पड़ा और 2019 में अक्टूबर में हुई विश्व कलात्मक जिमनास्टिक्स चैम्पियनशिप के लिये समय पर उबर नहीं सकीं। दीपा ने पीटीआई से कहा, ‘‘आठ विश्व कप थे लेकिन अब केवल दो ही बचे हैं जिन्हें मार्च में कराया जाना था लेकिन कोरोना वायरस के कारण अब इन्हें जून तक स्थगित कर दिया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा हालात को देखते हुए ये शायद अगले साल होंगे। इससे मुझे उबरने के लिये और इन दो टूर्नामेंट की तैयारी करने के लिये काफी समय मिल जायेगा।’’ कोविड-19 के कारण पिछले हफ्ते टोक्यो ओलंपिक खेलों को अगले साल तक स्थगित करना पड़ा था।

दीपा ने कहा, ‘‘मैं फार्म में वापसी के लिये अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगी और उम्मीद है कि मैं अच्छा करके क्वालीफाई कर सकती हूं। लेकिन इस समय सबसे अहम है कि हम इस कोरोना वायरस को हरा दें, यही पहली प्राथमिकता है।’’ दीपा के कोच बिश्वेश्वर नंदी ने भी कहा कि ओलंपिक स्थगित होने से उम्मीद की किरण जागी है। द्रोणाचार्य पुरस्कार हासिल कर चुके कोच ने कहा, ‘‘वह अब फिट है। वह चोट से पूरी तरह से उबर चुकी है लेकिन जिमनास्टिक्स में आपको ट्रेनिंग की प्रक्रिया धीरे धीरे शुरू करनी होती है और दीपा ने पिछले महीने से अपना अभ्यास शुरू कर दिया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह तीन-चार महीने में वापसी कर लेगी। अभी दो टूर्नामेंट बचे हैं तो हम ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने का मौका हासिल कर सकते हैं। देखिये जिमनास्टिक में काफी चोटें लगती हैं लेकिन मुझे उम्मीद है कि वह इसे चुनौती की तरह लेगी।’’