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FIFA World Cup: कौन ले जायेगा इस बार का 'गोल्डन बूट अवार्ड', 1930 से 2018 तक के विजेताओं की जानें पूरी लिस्ट

गोल्डेन बूट अवार्ड की रेस में सबसे ऊपर अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी और फ़्रांस के काइलियन एम्बाप्पे का नाम आता हैं।

FIFA World Cup: कौन ले जायेगा इस बार का गोल्डन बूट अवार्ड, 1930 से 2018 तक के विजेताओं की जानें पूरी लिस्ट
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Pratyaksha Asthana

Updated: 2022-12-18T18:33:58+05:30

कतर में आयोजित फीफा फुटबॉल विश्व कप अपने आखिरी पड़ाव में पहुंच गया हैं। विश्व कप का फाइनल मुकाबला आज अर्जेंटीना और फ्रांस के बीच होने वाला है, जहां दोनों टीमें पूरी ताकत के 2022 का खिताब जीतने के लिए अपना खेल खेलेंगी। विश्व कप की ट्राफी के साथ साथ किस खिलाड़ी को गोल्डन बूट अवार्ड मिलेगा उसका भी दर्शकों को बेसब्री से इंतजार हैं।

गोल्डेन बूट अवार्ड की रेस में सबसे ऊपर अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी और फ़्रांस के फॉरवर्ड काइलियन एम्बाप्पे का नाम आता हैं। जो 5-5 गोल के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। वहीं इसके बाद दूसरे स्थान पर भी एक अर्जेंटीना और एक फ्रांस का खिलाड़ी ही हैं। फ्रांस के ओलिवियर गिराउड और अर्जेंटीना के जूलियन अल्वारेज दोनों ने इस टूर्नामेंट में अभी तक 4-4 गोल दागे हैं। और ये दोनों भी इस अवार्ड के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। ऐसे में गोल्डन बूट के लिए टक्कर काटें की होने वाली हैं।

क्या होता है गोल्डन बूट अवार्ड-

गोल्डेन बूट अवार्ड एक अहम अवार्ड होता है जो टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल करने वाले फुटबॉलर को मिलता है। इस अवार्ड की शुरुआत 1930 से हुई थी और तब से हर साल यह विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को दी जाती है। बता दें 2006 तक इसे "गोल्डन शू" के नाम से जाना जाता था।

किसे मिलता है गोल्डन बूट का अवॉर्ड-

टूर्नामेंट में सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को गोल्डन बूट का अवॉर्ड दिया जाता है जबकि दूसरे नंबर पर रहने वाले खिलाड़ी को सिल्वर और तीसरे नंबर पर रहने वाले खिलाड़ी को ब्रोंज बूट के अवॉर्ड से नवाजा जाता है।

अब तक किसने किसने जीता गोल्डन बूट अवार्ड-

1930 - गिलर्मो स्टेबल (अर्जेंटीना) - 8 गोल

1934 - ओल्डरिच नेजेडली (चेकोस्लोवाकिया) - 5 गोल

1938 - लियोनिदास (ब्राजील) - 7 गोल

1950 - अडेमिर (ब्राजील) - 9 गोल

1954 - सांडोर कॉक्सिस (हंगरी) - 11 गोल

1958 - जस्ट फॉनटेन (फ्रांस) - 13 गोल

1962 - फ्लोरियन अल्बर्ट (हंगरी), वैलेन्टिन इवानोव (सोवियत संघ), गैरिंचा (ब्राजील), वावा (ब्राजील), ड्रैजन जेरकोविक (यूगोस्लाविया), लियोनेल सांचेज (चिली) - 4 गोल

1966 - यूसेबियो (पुर्तगाल) - 9 गोल

1970 - गर्ड मुलर (पश्चिम जर्मनी) - 10 गोल

1974 - ग्रेजगोर्ज लेटो (पोलैंड) - 7 गोल

1978 - मारियो केम्पेस (अर्जेंटीना) - 6 गोल

1982 - पाओलो रॉसी (इटली) - 6 गोल

1986 - गैरी लाइनकर (इंग्लैंड) - 6 गोल

1990 - सल्वाटोर शिलासी (इटली) - 6 गोल

1994 - ओलेग सालेंको (रूस), हिस्टो स्टोइकोव (बुल्गारिया) - 6 गोल

1998 - डावर सुकर (क्रोएशिया) - 6 गोल

2002 - रोनाल्डो (ब्राजील) - 8 गोल

2006 - मिरोस्लाव क्लोज (जर्मनी) - 5 गोल

2010 - थॉमस मुलर (जर्मनी), वेस्ले स्नेजिडर (नीदरलैंड), डेविड विला (स्पेन), डिएगो फोर्लान (उरुग्वे) - 5 गोल

2014 - जेम्स रोड्रिग्ज (कोलंबिया) - 6 गोल

2018 - हैरी केन (इंग्लैंड) - 6 गोल

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