शनिवार, सितम्बर 26, 2020
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सिक्किम के खिलाड़ी संतोष ट्रॉफ़ी का करेंगे बहिष्कार, रांज्य संघ से हैं नाराज़

संतोष ट्रॉफ़ी में चयनित सिक्कम के फ़ुटबॉल खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में खेलने से मना कर दिया है। पश्चिम बंगाल के कल्याणी में इस बार संतोष ट्रॉफ़ की प्रतियोगिता होनी है, उन्होंने ऐसा करने के पीछे चयन प्रक्रिया में हुई धांधली को वजह बताया है।

सिक्किम फ़ुटबॉल संघ (SFA) की चयनित प्रक्रिया से नाराज़ होकर फ़ुटबॉल प्लेयर्स एसोसिएशन ऑफ़ सिक्किम (FPAS) ने ट्रेनिंग सत्र का भी बहिष्कार कर दिया है और आने वाले संतोष ट्रॉफ़ी टूर्नामेंट का भी बहिष्कार करने का एलान कर दिया है।

इससे पहले SFA ने 10 सितंबर से 10 दिन चलने वाला अभ्यास सत्र शुरू किया था, जो सिक्कमि के पलजोर स्टेडियम में शुरू होना था।

मंगलवार को मीडिया से मुख़ातिब होते हुए FPAS के सदस्यों ने साफ़ अल्फ़ाज़ों में कहा कि सिक्किम फ़ुटबॉल संघ राज्य में खेल को बढ़ावा देने और बेहतरी के लिए कुछ नहीं कर रही है।

‘’सिक्किम फ़ुटबॉल इस वक़्त अब तक के सबसे ख़राब दौर से गुज़र रहा है, और यही वजह है कि हम ट्रेनिंग कैंप और टूर्नामेंट का बहिष्कार कर रहे हैं। इस बहिष्कार में हमारे साथ सिक्किम के कुछ बड़े खिलाड़ी भी शामिल हैं जिनमें ISL और आई लीग में खेलने वाले संजू प्रधान (मिनेरवा पंजाब), बिकाश जैरू (जमशेदपुर एफ़ सी), रॉबिन गुरुंग (जमशेदपुर एफ़ सी) और कुन्ज़ांग लेपचा (चर्चिल ब्रदर्स) भी शामिल हैं।“ : FPAS

संतोष ट्रॉफ़ी में सिक्किम की कमान SFA ने गोवा एफ़ सी के मशहूर डिफ़ेंडर निर्मल छेत्री को दी थी, और निर्मल छेत्री ख़ुद FPAS के अध्यक्ष भी हैं।

‘’कुल 41 खिलाड़ियों को डीविज़न-ए क्लब्स से ट्रेनिंग कैंप्स के लिए चयनित किया गया है। ये वही खिलाड़ी हैं जो सिक्किम प्रीमियर लीग में सिक्किम आक्रमण एफ़ सी, सिक्किम हिमालयन, सिक्किम पुलिस और कुमार स्पोर्टिंग क्लब में भी खेलते हैं। इसके बाद भी SFA ने खिलाड़ियों को आदेश दिया कि उन्हें कैंप में शामिल होना है, जबकि चैंपियनशिप अभी पूरे शबाब पर चल रही है। ट्रेनिंग कैंप के लिए SFA की तरफ़ से नोटिस बिल्कुल आख़िरी समय में आई है।‘’ : ईस्ट मोजो के साथ बातचीत में निर्मल छेत्री ने ये बाते कहीं

निर्मल छेत्री, डिफ़ेंडर, गोवा एफ़ सी

छेत्री ने ये भी कहा कि सिक्किम में कैंप बेहद अव्यवस्थित तरीक़े से चल रहा है, और इस तरह से कभी भी सकारात्मक नतीजे नहीं आ सकते। इस बहिष्कार के बाद SFA अब इन खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ कार्यवाई करने की शुरुआत कर चुका है। SFA ने सिक्किम प्रीमियर लीग की एक टीम के ख़िलाफ़ FIR भी दर्ज कर चुका है और उसके खिलाड़ियों पर एक साल का प्रतिबंध लगाने का आदेश पारित कर चुका है।

अब देखना है कि सिक्क्म फ़ुटबॉल संघ के ख़िलाफ़ खिलाड़ियों की ये नाराज़गी और बहिष्कार का असर संतोष ट्रॉफ़ी और खिलाड़ियों के भविष्य पर कितना पड़ता है।