गुरूवार, सितम्बर 24, 2020
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पहले से काफी बेहतर हुई है इंडियन फुटबॉल टीम : वेंकटेश षणमुगम

हाल के सालों में इंडियन फुटबॉल टीम ने फीफा रैंकिंग में लंबी छलांग लगाई है। टीम ने इस दौरान रैंकिंग में 70 स्थानों का सुधार किया है। इस दौरान टीम के साथ रहे असिस्टेंट कोच वेंकटेश षणमुगम ने इस दौर को काफी करीब से देखा है।

इस बारे में AIFF से बात करते हुए वेंकटेश कहते हैं, ‘हमारी टीम ने काफी सुधार किया है। लेकिन यह सब सिर्फ और सिर्फ मेहनत और करीने से की गई प्लानिंस से संभाव हो पाया है।’

टीम इंडिया की कप्तानी कर चुके वेंकटेश को प्लेयर्स वेंकी भाई के नाम से बुलाते हैं और एक प्लेयर और कोच दोनों तरीके से ड्रेसिंग रूम में लंबा वक्त बिता चुके वेंकटेश कहते हैं, ‘अलग-अलग पीढ़ियों के प्लेयर्स की क्वॉलिटी की तुलना करना गलत होगा। मैं मानता हूं कि हमारे पास क्वॉलिटी हमेशा से थी। लेकिन अब जो बदलाव आ रहा है उसके पीछे क्वॉलिटी को विकसित करने और मैचडे पर फुटबॉलर से उसका शत-प्रतिशत निकालने का तरीका जिम्मेदार है।’

वेंकटेश आगे कहते हैं, ‘अंत में आपके पास स्क्वॉड में अपने देश के बेस्ट 23 प्लेयर्स होते हैं। इससे फर्क नहीं पड़ता कि हम किस दौर में खेल रहे हैं। इसकी जगह जरूरी यह है कि कैसे सपोर्ट स्टाफ उन्हें मैचों के लिए तैयार करता है।’

वेंकटेश का मानना है कि इंटरनेशनल फुटबॉल में ज्यादा मौके और बेहतर सुविधाएं मिलने का असर टीम के प्रदर्शन पर दिख रहा है। साल 2015 में फीफा रैंकिंग में 173वें नंबर पर रही टीम इंडिया ने हाल के अपने दमदार प्रदर्शन के दम पर टॉप-100 में एंट्री कर ली थी। अभी टीम 101वें नंबर पर है।

इस साल की शुरुआत में टीम पहली बार AFC एशियन कप के नॉकआउट राउंड में जगह बनाने के करीब पहुंच गयी थी लेकिन बहरीन के खिलाफ टीम के ढीले प्रदर्शन ने इस सपने को तोड़ दिया। पिछले चार साल में टीम ने चीन, जॉर्डन, ओमान, प्यूर्तो रिको, सेंट किट्स एवं नेविस, न्यूजीलैंड और कीनिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ मैच खेले हैं।

इस पर वेंकटेश ने कहा, ‘चीन, जॉर्डन, ओमान, प्यूर्तो रिको, सेंट किट्स एवं नेविस, न्यूजीलैंड, कीनिया जैसी टीमों के खिलाफ खेलने से टीम को इस साल हुए AFC एशियन कप 2019 में काफी मदद मिली। एक फुटबॉलर के तौर पर ऐसे कंपटिटिव मैचों से आपको विभिन्न परिस्थितियों से निपटने की सीख मिलती है। इसलिए जब आप बड़े टूर्नामेंट में खेलते है तो आप हार नहीं मानते।’

वेंकटेश के मुताबिक आज के प्लेयर्स को पहले से ज्यादा सुविधाएं मिल रही है जिससे उनके खेल में काफी सुधार आया है। उन्होंने कहा, ‘लगभग 15 साल पहले ऐसा नहीं था, प्लेयर्स के पास ऐसी सुविधाएं नहीं थी जिससे उनके खेल का स्तर सुधारा जा सके। लेकिन अब फुटबॉलर्स के पास वर्ल्ड क्लास सुविधाएं है।’