शनिवार, सितम्बर 26, 2020
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ओलंपिक क्वॉलिफायर्स के दूसरे राउंड से बाहर होकर भी भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने जगाई उम्मीदें

भारतीय महिला फुटबॉल टीम ओलंपिक क्वॉलिफायर्स के दूसरे चरण से ही बाहर हो गई है। ओलंपिक क्वॉलिफायर्स के सेकंड राउंड के अपने आखिरी मैच में भारत को हर हाल में जीतना ही था लेकिन टीम, रैंकिंग में अपने से ऊपर की टीम म्यांमार को हराने में नाकाम रही।

भारत ने म्यांमार के खिलाफ हुआ यह मैच 3-3 से ड्रॉ खेला और हमें गोल अंतर के आधार पर बाहर होना पड़ा। फीफा रैंकिंग में 62वें नंबर की टीम इंडिया ने 42वें नंबर की म्यांमार के खिलाफ जीत भले ना दर्ज की हो लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से भविष्य के लिए उम्मीदें जरूर जगा दीं।

भारत ने ओलंपिक क्वॉलिफायर्स के सेकंड राउंड के अपने तीन मैचों में म्यांमार के बराबर, 7 पॉइंट्स बनाए लेकिन गोल अंतर के आधार पर टीम म्यांमार के (+8) से पीछे (+4 पर) ही रह गई। इससे पहले इस मैच में भारत ने तेज शुरुआत की और संध्या ने 10वें मिनट में ही टीम को को लीड दिला दी, लेकिन म्यांमार की विन तुन ने 17वें मिनट में स्कोर 1-1 कर दिया। विन तुन ने 21वें मिनट में एक और गोल दाग म्यांमार को 2-1 की लीड दिला।

इसके बाद संजू ने 32वें मिनट में स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। रतनबाला द्वारा मैच के 64वें मिनट में दागे गए गोल के बाद लगा था कि टीम इंडिया मैच से पूरे तीन पॉइंट निकाल लेगी लेकिन विन तुन ने 72वें मिनट में अपनी हैटट्रिक पूरी करते हुए इस उम्मीद को ध्वस्त कर दिया।

इस पूरे टूर्नामेंट की बात करें तो भारतीय टीम ने संतोषजनक प्रदर्शन किया। टीम ने इस टूर्नामेंट में नेपाल और इंडोनेशिया को आसानी से हराया। इंडोनेशिया के खिलाफ मैच में टीम शानदार प्रदर्शन किया। गोल करने से लेकर मौके बनाने तक टीम हर क्षेत्र में इंडोनेशिया को बैकफुट पर रखा। पूरे मैच में एक बार को भी भारत ने इंडोनेशिया को ग्रो होने का मौका नहीं दिया।

अपने दूसरे मैच में भारत ने नेपाल को 3-1 से धोया और अगले राउंड में जाने की अपनी उम्मीदें और बढ़ाईं। नेपाल के खिलाफ मिली इस जीत का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इस टूर्नामेंट से ठीक पहले भारत में हुए हीरो विमिंस गोल्ड कप में नेपाल ने भारत को हराया था। उस मैच में नेपाल ने पहले 10 मिनट में ही दो गोल्स मारकर भारत को बैकफुट पर धकेल दिया था और टीम इंडिया अंत तक इन झटकों से उबर नहीं पाई। रतनबाला देवी ने मैच के 84वें मिनट में गोल तो किया लेकिन यह इंडिया को हार से बचाने के लिए काफी नहीं था।

नेपाल के खिलाफ अपने ही घर में मिली हार के कुछ ही हफ्तों के बाद विदेश में उन्हें इस तरीके से हराने ने निश्चित तौर पर फैंस के मन में ओलंपिक क्वॉलिफायर्स में और आगे जाने की उम्मीद जगाई थी। भले ही हालिया तौर पर यह उम्मीद पूरी ना हो पाई हो लेकिन फरवरी में म्यांमार के खिलाफ अपने घर में 2-0 से हारने के बाद उन्हीं के घर में उनको 3-3 के ड्रॉ पर रोकना निश्चित तौर पर भविष्य के लिए उम्मीदें बढ़ाने वाला है।