सोमवार, सितम्बर 28, 2020
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पेशेवर लीग से बदलेगी भारतीय बास्केटबाल की तकदीर: जीना स्कारिया

भारतीय महिला बास्केटबॅाल टीम में अगर कुछ खिलाड़ियों के बारे में बात करें तो वो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन वहीं टीम के बारे में बात करें तो इंडियन टीम का उम्मीदजनक प्रदर्शन निकलकर सामने नहीं आ पाया है। एक समय ऐसा होता था जब भारतीय महिला बास्केटबॅाल टीम की गिनती टॅाप -5 एशियन टीम में होती थी लेकिन आज हम मलेशिया जैसी टीम को भी नहीं हरा सकते। हाल ही में भारतीय महिला टीम साउथ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक के साथ वापस लौटी है। जिसके बाद इंडियन टीम की कप्तान जीना स्कारिया को ये भरोसा है कि भारतीय टीम जल्द ही अपने पुराने लय में वापस लौटेगी। द ब्रिज के साथ खास बातचीत में केरल की युवा खिलाड़ी ने कई मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी औऱ टीम के आगे के योजना के बारे में बताई।

1) द ब्रिज:साउथ एशियन गेम्स में भारतीय महिला टीम के प्रदर्शन के बारे में क्या कहना चाहेंगी?

जीना स्कारिया: देश के लिए मेडल जीतने से बड़ी कोई बात नहीं होती औऱ मुझे खुशी है कि मेरी कप्तानी में टीम स्वर्ण पदक के साथ वापस लौटी। हम अगस्त से ही लगातार इंडियन कैंप में थे और कई प्रतियोगिताएँ खेली जिससे हमें साउथ एशियन गेम्स में अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिली।

2) द ब्रिज: फिबा एशिया और प्री ओलंपिक क्वालीफाइर्स में भारतीय टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पायी इसके बारे में क्या कहना चाहेंगे?

जीना स्कारिया: टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पायी इस बात पर मैं सहमत हूं लेकिन एक नई टीम को बनने में समय लगता है और भारतीय बास्केटबाल टीम के साथ भी कुछ ऐसा है। 2013 में हमने एशिया में बेस्ट रैंकिंग प्राप्त की थी लेकिन मौजूदा समय में हमारा वैसा प्रदर्शन नहीं रहा। भारती बास्केटबाल संघ महिलाओं के लिए पेशेवर लीग ला रहा है जिससे उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले दिनों में टीम के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिलें।

3) द ब्रिज: आस्ट्रेलिया के खिलाफ रिंगवुड हाक्स क्लब के साथ खेलने के अनुभव के बारे में क्या कहना चाहेंगे?

जीना स्कारिया: रिंगवुड क्लब के साथ खेलने का अनुभव काफी अच्छा रहा। वहां पर हर हफ्ते में मुकाबले खेलने को मिलते हैं। जो भारत में भी होना चाहिए और उम्मीद करती हूं कि आने वाले दिनों में ये चीज हमारे देश में भी होगी। क्योंकि अभी हम ज्यादातर मुकाबले अपने देश के खिलाड़ियों के बीच खेलते हैं। कुछ अच्छी चीजें भारतीय बास्केटबाल को लेकर ये हुई हैं कि इंडिया कैंप की समय सीमा बढ़ा दी गई है। जिस वजह से बतौर एक टीम हमें एक दूसरे के साथ ज्यादा अभ्यास करने का मौका मिलता है। जितना ज्यादा खिलाड़ी प्रैक्टिस करेंगे उतना बेहतर परिणाम हमें कोर्ट पर देखने को मिलेगा।

4) द ब्रिज: आने वाले युवाओं को आप क्या संदेश देना चाहेंगी?

जीना स्कारिया: मेहनत करते रहिये सफलता अपने आप आएगी। कभी मेहनत से कतराइए मत क्योंकि जितनी भी बड़े खिलाड़ी बने हैं उनके पीछे उनकी दिन रात कि कड़ी मेहनत और कभी हार ना मानने का जज्बा था।