शनिवार, दिसम्बर 5, 2020
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यूथ ओलंपिक्स और ओलंपिक्स होस्ट करना चाहता है भारतीय ओलंपिक संघ

भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने संभवतः देश में 2032 के ग्रीष्म ओलंपिक्स खेलों सहित विभिन्न खेल आयोजनों को होस्ट करने की इच्छा जताई है, हालांकि गुरुवार को खेल मंत्रालय ने सूचित किया है कि उन्हें इस सम्बन्ध में राष्ट्रीय ओलंपिक कमिटी की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है।

मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत में ओलंपिक जैसे अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों को होस्ट करने के प्रयास करने का दायित्व भारतीय ओलंपिक संघ का है और मंत्रालय के द्वारा पारित की गई गाइडलाइंस के अनुसार, ऐसे आयोजनों के लिए आईओए को सरकार से अनुमति लेना अनिवार्य है।

पिछले वर्ष अप्रैल में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक संघ के प्रेसिडेंट थॉमस बाख की भारत यात्रा के दौरान, आईओए के प्रेसिडेंट नरिंदर बत्रा ने भारत को ग्लोबल स्पोर्ट्स पॉवरहाउस बनाने की योजना के तहत 2026 में यूथ ओलंपिक्स, 2030 में एशियन गेम्स और 2032 में ओलंपिक्स होस्ट करने में अपनी रुचि बताई थी।

बत्रा को आईओसी की भारतीय सदस्य नीता अंबानी का समर्थन मिला था, वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने मुंबई को यूथ ओलंपिक्स के लिए मेज़बान शहर के रूप में प्रस्तुत किया था।

हालांकि बाख इस बात से सहमत थे कि देश में ऐसे बड़े स्तर के खेल आयोजनों की मेज़बानी करने का सामर्थ्य है लेकिन उन्होंने यह बात भी सूचित की, कि भारत के साथ अभी इन मसलों पर चर्चा करने का सही समय नहीं आया है क्योंकि वर्तमान में बिडिंग के लिए अभी कोई प्रक्रिया उपलब्ध नहीं है।

मंत्रालय ने लोकसभा सदस्य बिद्युत बरन महतो के एक प्रश्न पर यह भी बताया कि आईओसी ने 20 जून, 2019 को भारतीय द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों पर अपने प्रतिबंध हटा दिए हैं। “जैसा कि आईओए द्वारा सूचित किया गया था , आईओसी ने आईओए से भारत में भविष्य के खेल और ओलंपिक से संबंधित कार्यक्रमों की मेजबानी के लिए संभावित आवेदन पर चर्चा रोक दी थी जब तक कि सरकार से ऐसे आयोजनों में सभी प्रतिभागियों का प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट लिखित गारंटी नहीं मिलती है।”

मंत्रालय ने जवाब दिया, “मंत्रालय ने 18 जून, 2019 को आईओए और आईओसी को सूचित किया कि सरकार की घोषित नीति कोई भी राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति जो आईओसी द्वारा मान्यता प्राप्त हैं या कोई भी राष्ट्रीय महासंघ जो अंतरराष्ट्रीय महासंघ से जुड़ा हुआ, से संबंधित सभी योग्य एथलीटों को भारत में अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों में भाग लेने के लिए अनुमति देना है।”

आईओसी ने भारत के मेज़बानी करने के अधिकारों को सस्पेंड कर दिया था क्योंकि सरकार ने इस वर्ष फरवरी में दिल्ली वर्ल्ड कप के लिए पाकिस्तानी शूटिंग टीम को वीज़ा देने से इंकार कर दिया था।