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EXCLUSIVE: वियातनाम के खिलाफ मुकाबला टक्कर का होगा: मेमोल रॅाकी

EXCLUSIVE: वियातनाम के खिलाफ मुकाबला टक्कर का होगा: मेमोल रॅाकी
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Deepak Mishra

Published: 2 Nov 2019 5:51 AM GMT

भारत में फुटबॅाल ने पिछले कुछ दिनों में एक ऐसी नाम और शोहरत हासिल कर ली है जो एक समय क्रिकेट के अलावा किसी और खेल को नहीं मिलती थी । भारतीय फुटबॅाल संघ और रिलायंस के करार ने इस देश में इस खेल के प्रति लोगों का नजरिया बदल दिया है । सुनील छेत्री, संदेश जींधन को अब बच्चा-बच्चा जानता है । यही हाल हमारे देश में महिला खिलाड़ियों का भी है । इन्हें देर से ही सही लेकिन जिस चीज को वो हकदार हैं वो अब उन्हें मिलना शुरू हो गया । 2019 में ही बात करें तो भारतीय महिला फुटबॅाल टीम ने हीरो गोल्ड कप से लेकर सैफ चैंपियनशिप और हाल ही में आयोजित कोटिफ कप में अपने बेहतर खेल का जौहर दिखाया है ।

किसी भी टीम के आगे बढ़ाने में उस टीम के कोच का भी अहम योगदान होता है । ऐसा इस टीम के साथ भी है । भारतीय महिला फुटबॅाल टीम के कोच मेमोल रॅाकी ने ना सिर्फ इस टीम को खड़ा किया है बल्कि इस टीम को लड़कर जीतना भी सीखाया है । भारत का अगला पड़ाव एफसी क्वालीफाइर और सैफ चैंपिंयनशिप है लेकिन इससे पहले टीम को वियातनाम में उन्हीं के खिलाफ दो प्रदर्शनी मुकाबले खेलने हैं । मेजबान देश के बारे में बात करें तो वो फीफा रैंकिंग में 34वें स्थान पर वहीं मेमोल रॅाकी की प्रशिक्षण वाली भारतीय टीम 58वें स्थान पर काबिज है । इस प्रतियोगिता में जानें से पहले द ब्रीज हिन्दी ने मेमोल रॅाकी से खास बातचीत करते हुए टीम की तैयारियों के बारे में जाना।

सवाल: वियतनाम के खिलाफ भारतीय महिला टीम प्रदर्शनी मुकाबला खेलने वाली है क्या कहना चाहेंगी इसके बारे में?

मेमोल रॅाकी : वियतनाम के खिलाफ मुकाबला आसान नहीं होने वाला है वो हमसे रैंकिंग के हिसाब से भी काफी अच्छी टीम है लेकिन भारतीय टीम भी कोई कसर नहीं छोड़ने वाली है । ये सारे प्रतियोगिताएं 2022 एफसी चैंपियनशिप के लिए लेकिन उससे पहले हमें क्वालीफाइर्स खेलने हैं और मुझे अपनी टीम पर पूरा भरोसा है कि वो विरोधियों के सामने घूटने नहीं टेकेंगी ।

भारतीय महिला फुटबॅाल टीम को वियतनाम के खिलाफ उन्हीं के देश में 2 प्रदर्शनी मुकाबले खेलने हैं जो वियतनाम यूथ फेस्टिवल का हिस्सा होगी । भारतीय टीम के लिए ये साल प्रतियोगिताओं से भरा रहा । अभी तक इस टीम ने हीरो गोल्ड कप,सैफ चैंपियनशिप,एफसी ओलंपिक क्वालीफाइर्स जैसे कई टूर्नामेंट में ना सिर्फ हिस्सा लिया बल्कि हर एक विरोधी टीम को कड़ी टक्कर देते हुए दिखी मेमोल रॅाकी की प्रशिक्षण वाली ये टीम ।

सवाल: आपने अभी उच्च स्तरीय टीम के बारे में बात की आप लगते है रैंकिंग का कोई असर टीम जब मुकाबले खेलने उतरती हुई उसपर पड़ता है?

मेमोल रॅाकी: रैंकिंग का असर पड़ता है । वियातनाम के बारे में बात करें तो वो फीफा रैंकिंग में 34वें स्थान पर है और हम 58वें पर लेकिन मैं आपको बताना चाहूंगी की जब हम अपने से उच्च स्तरीय रैंकिंग वाली टीम के खिलाफ उन्हीं के घर में जाकर मुकाबला खेलते हैं वो अनुभव ही अलग रहता है । मैं शुक्रगुजार हूं भारतीय फुटबॅाल संघ का जो इस तरह का पहल उठा रही है । इससे भले अभी नहीं लेकिन आने वाले साल में टीम के प्रदर्शन पर जरूर असर पड़ेगा ।

सवाल: इस तरह के प्रदर्शनी मुकाबले किस तरह से टीम को आगे बढ़ने में सहायता करने वाले हैं ?

मेमोल रॅाकी: इस टीम के बारे में बात करें तो ये पूरा दल युवा खिलाड़ियों से लैस है जिनकी औसतन आयु 18 से 22 साल की है । यही खिलाड़ी आगे जाकर उस टीम का हिस्सा होंगो जो एक बेहतर परिणाम विरोधियों के सामने पेश करेगा व ।

सवाल: दालीमा छीबर जैसे खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी टीम के प्रदर्शन पर कुछ असर डालेगी ?

मेमोल रॅाकी: बिल्कुल नहीं,दालीमा एक अच्छी खिलाड़ी है लेकिन हमारे पास हर खिलाड़ी का बैकअप रहता है । टीम एक खिलाड़ी से ना जीतता है और ना ही हारती है । दालीमा अच्छी खिलाड़ी हैं और हम उम्मीद करेंगी की वो जल्द ही टीम में वापसी करें ।

दालीमा छीबर का नाम उस समय चर्चा का विषय बना जब उन्होंने सैफ चैंपियनशिप के फाइनल में नेपाल के खिलाफ काफी दूर से गोल किया था । ये गोल आज भी भारतीय फुटबॅल प्रशंसक के जेहन में आज भी ताजा है । दालीमा इस और कई प्रतियोगिता में अभी भारतीय टीम का हिस्सा नहीं रहेंगी क्योंकि वो कनाडा गई हुई हैं स्पोर्टस मनोविज्ञान के बारे में पढ़ाई करने के लिए । कुछ महीने पहले इस युवा खिलाड़ी ने ट्वीटर पर एक विडियो पोस्ट करते हुए इस बाच की जानकारी अपने प्रशंसकों दी थी । इस पहले छीबर ने एक साक्षात्कार में कहा था की वो स्पोर्टस मनोविज्ञान की पढ़ाई अपने खेल को बेहतर करने के लिए कर रही हैं ।

सवाल: भारतीय महिला फुटबॅाल टीम के बारे में बात करें तो ये टीम काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही है । कुछ महत्वपूर्ण खिलाड़ी जिसके बारे में आप बात करना चाहेंगी ?

मेमोल रॅाकी: मेरे लिए टीम की प्रथमिकता ज्यादा है । किसी खिलाड़ी का नाम नहीं लेना चाहूंगी । मेरे लिए ग्राउंड में खेलने वाले 11 खिलाड़ी ही उतने ही जरूरी हैं जितने बेंच पर बैठे खिलाड़ी हैं । हर खिलाड़ी की अपनी अलग पहचाना है । हर एक प्लेयर्स के पास हर परिस्तिथि में खेलने का अनुभव है ।

सवाल: अंडर-17 महिला विश्व कप का आयोजन 2020 में भारत होने वाले हैं उसके बारे में क्या कहना चाहेंगी?

मेमोल रॅाकी: विश्व शब्द अपने बारे में बहुत कुछ कहता है । ये प्रतियोगिता भारत में महिला फुटबॅाल के प्रति लोगों के नजरइया बदलेगा । यही खिलाड़ी आगे जाकर सीनियर टीम में खेलेंगे । इस उम्र में ही इस प्रकार का एक्सपोजर काफी अच्छे संकते हैं भारतीय टीम के लिए । विश्वकप से पहले भारत 100 मुकाबला खेलेगा । ये प्रतियोगिता ना सिर्फ खिलाड़ी बल्कि माता-पिता के लिए भी एक अच्छा उदाहरण बनके साबित होगा । अंडर-17 महिला विश्वकप से पहले पुरूषों के विश्वकप का आयोजन 2017 में हो चुका है । इस प्रतियोगिता ने कई खिलाड़ियों को एक विशेष पहचान दी और ऐसे में हम उम्मीद कर सकते हैं कि महिला टीम को वहीं सब कुछ बराबरी को मिलेगा । जिस राह पर भारतीय फुटबॅाल है । उससे हम उम्मीद कर सकते हैं कि इस देश में इस खेल का भविष्य बेहतर होगा ।

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