सोमवार, सितम्बर 28, 2020
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शेफाली वर्मा के नाम एक और बड़ी उपलब्धि, टी20 विश्वकप में सबसे युवा ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनी

भारतीय महिला टीम ने अपने टी20 विश्व कप अभियान की शानदार शुरुआत की है। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारत ने अपने पहले मैच में गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराया तो दूसरे मैच में बांग्लादेश को हराकर अपनी जीत की लय को बरकरार रखा है। दोनों मैच में एक बात जो एक जैसी रही, वो शेफाली वर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी। विश्व कप के दोनों मैचों में दाएं हाथ की आक्रामक बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने भारतीय टीम को अच्छी तेज शुरुआत दिलवाई थी।

टी20 विश्व कप में सबसे युवा प्लेयर ऑफ द मैच:

ग्रुप A का छटवां मैच भारत और बांग्लादेश के बीच पर्थ में खेला गया, जिसमें शेफाली वर्मा ने 17 गेंदों में 39 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 2 चौके और 4 छक्के लगाये। अपनी इस शानदार पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ़ द मैच भी चुना गया। इसके साथ ही इस आक्रामक शैली की बल्लेबाज ने एक और उपलब्धि अपने नाम कर ली है। वह टी20 विश्व कप क्रिकेट में प्लेयर ऑफ द मैच चुने जाने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बन गई हैं। उन्हें 16 साल 27 दिन की उम्र में यह पुरस्कार मिला।

दक्षिण अफ्रीका की डेन वैन नीकर्क एकदिवसीय विश्व कप मैच में प्लेयर ऑफ द मैच बनने वाली सबसे युवा खिलाड़ी हैं। उन्होंने 15 साल 304 दिन की उम्र में साल 2009 में यह उपलब्धि हासिल की थी।

जब सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर चर्चा में आई थी शेफाली वर्मा:

युवा शेफाली वर्मा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवाई थी जब उन्होंने सचिन तेंदुलकर का तीस साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था। भारतीय सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सेंट लूसिया में खेले गये पहले टी20 मुकाबले में अर्धशतकीय पारी खेली। इसके साथ ही वह अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक लगाने वाली सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी बन गई थी।

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शेफाली ने यह उपलब्धि 15 साल और 285 दिनों में हासिल की है जबकि सचिन ने अपना पहला अर्धशतक 16 साल और 214 दिनों की उम्र में लगाया था। सचिन का पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक टेस्ट क्रिकेट में आया था, जो उन्होंने 24 अक्टूबर 1989 को पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद में लगाया था।