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मुक्केबाजी

महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत का विजयक्रम जारी, परवीन, निकहत और मनीषा ने दर्ज की प्रभावशाली जीत

जैस्मीन, अनामिका और शिक्षा गुरुवार को अपने अभियान की शुरुआत करेंगी

Nikhat Zareen Boxing
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निकहत जरीन

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The Bridge Desk

Updated: 2022-05-12T01:16:35+05:30

तुर्की के इस्तांबुल में जारी आईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के 12वें संस्करण में बुधवार का दिन भारत के लिए काफी अच्छा रहा। इस दिन भारत की दो मुक्केबाजों-परवीन और निकहत जरीन ने प्रभावशाली जीत दर्ज कर अगले दौर में प्रवेश किया। इसके अलावा मनीषा (57 किग्रा) भी विजयी बनकर उभरीं।

परवीन ने जहां शक्तिशाली प्रदर्शन के साथ एकतरफा अंदाज में यूक्रेन की मारिया बोवा को हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया वहीं तेलंगाना की निकहत ने 52 किग्रा भार वर्ग के शुरुआती दौर के मैच में मेक्सिको की हेरेरा अल्वारेज के खिलाफ 5-0 से एकतरफा जीत दर्ज की।

इस साल फरवरी में स्ट्रैंड्जा टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाली 25 वर्षीय निकहत ने पहले राउंड में अपनी प्रतिभा के अनुरुप खेल दिखाया। वह जितनी आक्रामक थीं, उतनी ही डिफेंसिव भी थी। विपक्षी खिलाड़ी के हर एक हमले से बचते हुए निकहत ने कुछ सटीक प्रहार किए और इस राउंड में सभी जजों को प्रभावित करते हुए पूरे अंक हासिल किए। दूसरे राउंड में भी निकहत ने अपना प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रखा और अपने मुक्कों के प्रहार से एक बार फिर सभी जजों को प्रभावित कर पूरे अंक बटोरे। तीसरे राउंड में भी निकहत ने शुरुआत से अंत तक कई शक्तिशाली मुक्के अपनी प्रतिद्वंद्वी पर बरसाए और विजेता बनकर उभरीं।

इससे पहले, रोहतक की मुक्केबाज परवीन 63 किग्रा भार वर्ग के शुरुआती दौर के मुकाबले में पूरी तरह से हावी रहीं और प्रभावशाली जीत दर्ज की। परवीन ने शुरुआत से आक्रमक रुख बनाए रखा था। उन्होंने न केवल सटीकता से मुक्के बरसाए बल्कि अपने डिफेंस के बूते बोवा को हावी होने का मौका नहीं दिया। परवीन ने तेज रिफ्लेक्स दिखाते हुए अपनी प्रतिद्वंद्वी पर कुछ करारे घूंसे मारे। परवीन के लगातार हमलों ने उनकी यूक्रेनी प्रतिद्वंद्वी सहज नहीं होने दिया और अंततः वह एकतरफा जीत दर्ज करने में सफल रहीं। अपने अभियान की प्रभावशाली शुरुआत के बाद परवीन रविवार को प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पूर्व यूथ ओलंपिक चैंपियन अमेरिका की जजैरा गोंजालेज से भिड़ेंगी।

इसी तरह, पहले राउंड में बाई हासिल करने वाली मनीषा (57 किग्रा) ने नेपाल की काला थापा को 5-0 से हराकर भारत का विजयीक्रम जारी रखा। भारत की पांच मुक्केबाज अब तक जीत हासिल कर चुकी हैं। इस टूर्नामेंट में इस साल दुनिया भर के 73 देशों के रिकॉर्ड 310 मुक्केबाज हिस्सा ले रहे हैं।20 मई तक चलने वाला इस साल का आयोजन आईबीए महिला विश्व चैंपियनशिप की 20वी वर्षगांठ का प्रतीक है।

2021 एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली जैस्मीन, अनामिका और शिक्षा गुरुवार को अंतिम-32 दौर में अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। जैस्मिन को 60 किग्रा वर्ग में दो बार की यूथ एशियन चैंपियन थाईलैंड की पोर्नटिप बुआपा से चुनौती मिलेगी जबकि अनामिका (50 किग्रा) रोमानिया की यूजेनिया एंजेल से भिड़ेंगी। शुरूआती दौर में बाई हासिल करने वाली शिक्षा 54 किग्रा भार वर्ग के मैच में अर्जेंटीना के हेरेरा मिलाग्रोस रोसारियो से भिड़ेगी।

आईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप का पिछला संस्करण 2019 में रूस में आयोजित किया गया था। उस समय भारतीय मुक्केबाजों ने एक रजत और तीन कांस्य पदक जीते थे। भारतीय खिलाड़ियों ने इस प्रतिष्ठित वैश्विक आयोजन के 11 संस्करणों में अब तक नौ स्वर्ण, आठ रजत और 19 कांस्य सहित 36 पदक हासिल किए हैं। रूस (60) और चीन (50) के बाद के नाम सबसे अधिक पदक हैं।

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