रविवार, सितम्बर 27, 2020
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वेटलिफ्टर सीमा पर लगा चार साल का बैन, डोप टेस्ट में हुई थी फेल

कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप की रजत पदक विजेता भारतीय वेटलिफ्टर सीमा पर नाडा ने चार साल का प्रतिबंध लगाया है। उन पर यह प्रतिबंध डोपिंग रोधि नियम उल्लंघन करने के कारण लगा है। नाडा ने अपने एक बयान में कहा है कि उनके सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ पाए जाने के कारण उन पर यह कार्यवाई की गई है।

सीमा का डोप सैंपल इसी साल विशाखापट्टनम में हुए 34वीं महिला राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप के दौरान लिया गया था। नाडा के बयान के अनुसार सीमा के नमूने में हाइड्रोक्सी 4 मिथॉक्सी टेमोक्सीफेन, सलेक्टिव एस्ट्रोजन रिसेप्टर मॉड्यूलर मेटेनोलोन, एनाबोलिक स्टेरॉयड ओस्टारीन, सलेक्टिव एंड्रोजन रिसेप्टर मॉड्यूलर मौजूद थे।


वाडा की 2019 सूचि में यह सभी पदार्थ प्रतिबंधित हैं। इसीलिए सीमा को नाडा के डोपिंग रोधी अनुशासनात्मक पैनल ने सुनवाई के बाद चार साल के लिए निलंबित किया है। उल्लेखनीय है कि सीमा ने 2017 राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। इसके अलावा वह 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ खेलों में महिला 75 किग्रा वर्ग में छठे स्थान पर रही थीं।

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हाल ही में एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता मुक्केबाज सुमित सांगवान पर भी एक साल का प्रतिबंध लगा है। उन पर यह प्रतिबंध नाडा ने डोप टेस्ट में फेल होने के कारण लगाया है। ऐसे में उनका टोक्यो ओलंपिक में जाने का सपना अब टूट गया है। निलंबन के कारण वह अब पुरुषों के ओलिंपिक क्वॉलिफायर्स के नैशनल ट्रायल्स में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। गौरतलब है कि सुमित सांगवान लंदन ओलंपिक 2012 में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।