शनिवार, सितम्बर 26, 2020
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भारतीय महिला मुक्केबाजों ने ‘गोल्डन गर्ल चैंपियनशिप’ में छह गोल्ड जीते

रविवार को स्वीडन के बोरस में खेली गई गोल्डन गर्ल चैंपियनशिप में भारतीय युवा और जूनियर महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय मुक्केबाजों ने इस प्रतियोगिता में छह स्वर्ण सहित कुल 14 पदक जीते। जहाँ एक तरफ जूनियर टीम ने 5 स्वर्ण, 3 रजत और 1 कांस्य पदक समेत कुल 9 पदक जीते। दूसरी तरफ युवा टीम ने 1 स्वर्ण और 4 कांस्य सहित कुल पांच पदक जीते।

हरियाणा की प्राची धनकर (50 किग्रा) वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज का पुरस्कार मिला। उन्होंने अपने भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता। प्राची के अलावा, इथोबी चानू वांगजाम (54 किग्रा), लशु यादव (66 किग्रा) और माही राघव (80 किग्रा) ने भी अपने-अपने वर्ग में 3-0 के सर्वसम्मत फैसले के साथ स्वर्ण पदक जीते।

Prachi with her best boxer of the tournament trophy.
प्राची इस प्रतियोगिता की सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज चुनी गई। उन्होंने 50 किग्रा भारवर्ग में पूरी प्रतियोगिता के दौरान शानदार प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक जीता।

युवा वर्ग का इकलौता गोल्ड मुस्कान ने (54 किग्रा) ने जीता। इनके अलावा सान्या नेगी (57 किग्रा), दीपिका (64 किग्रा), मुस्कान (69 किग्रा) और साक्षी जाहडेल (75 किग्रा) ने कांस्य पदक जीता। जूनियर वर्ग में तीनों रजत जान्हवी चुरी (46 किग्रा), रूडी लालहिंगमुआन (66 किग्रा) और तनिष्का पाटिल (80 किग्रा) ने जीता। युवा वर्ग में सिर्फ एक कांस्य पदक देखने को मिला, जो कि दीया नेगी ने 60 किग्रा वर्ग में अपने नाम किया।

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