शनिवार, दिसम्बर 5, 2020
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वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप: अमित पंघल के बाद फ़ाइनल में पहुंचने से चूक गए मनीष कौषिक, कांस्य पदक जीता

रूस के एकाटेरिनबर्ग में चल रही वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में आज का दिन भारतीय इतिहास में बेहद सुनहरे अक्षरों में लिख दिया गया, सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में अमित पंघल ने जहां 52 किग्रा कैटेगिरी में कज़ाख़स्तान के साकेन बिबोसिनोव को 3-2 से हराते हुए फ़ाइनल में जगह बनाई। जो वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के इतिहास में फ़ाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष हैं। अमित के ठीक बाद मनीष कौषिक का 63 किग्रा वर्ग में सेमीफ़ाइनल मुक़ाबला था लेकिन मनीष इस लाइन को पार करते हुए एक और इतिहास बनाने से चूक गए।

63 किग्रा सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में मनीष के सामने वर्ल्ड नंबर-1 मुक्केबाज़ क्यूबा के एंडी क्रूज़ गोमेज़ थे, जिनको मनीष कौषिक ने शानदार टक्कर दी लेकिन क्यूबा के मुक्केबाज़ ने ये मुक़ाबला 5-0 से जीत लिया। हालांकि कांस्य पदक जीतने के बाद भी मनीष और अमित पंघल ने मिलकर इतिहास रच दिया है और पहली बार एक ही संस्करण में दो पदक भारत ने अपने नाम किए हैं।

फ़ाइनल में पहुंचने वाले पहले पुरुष भारतीय मुक्केबाज़ बने अमित पंघल

इससे पहले भारत के नाम वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कुल 4 पदक थे, और ये सभी के सभी कांस्य ही थे। पहली बार वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत को पदक विजेन्दर सिंह ने 2009 में दिलाया था। इसके बाद 2011 में विकास कृषणण, 2015 में शिवा थापा और आख़िरी बार 2017 में गौरव बिधुरी ने कांस्य पदक जीता था।

आपको ये भी बताते चलें कि पदक पक्का करते ही 23 वर्षीय अमित पंघल और 25 वर्षीय मनीष कौषिक चाइना में होने वाले ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स के लिए भी क्वालिफ़ाई कर चुके हैं, यानी मुक्केबाज़ी में रियो ओलंपिक में ख़ाली हाथ लौटने वाला भारत इस बार इन दोनों से टोक्यो में उम्मीद ज़रूर करेगा।

टोक्यो ओलंपिक के लिए अगले साल 2019 की फ़रवरी में चाइना में होने वाले ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स में अब अमित और मनीष जाएंगे। आपको बता दें कि वर्ल्ड चैंपियनशिप शुरू होने से पहले ही भारतीय मुक्केबाज़ी संघ ने ये बयान जारी किया था कि पदक लाने वाले मुक्केबाज़ों को चाइना में होने वाले ओलंपिर क्वालिफ़ायर्स के लिए सीधे एंट्री मिलेगी।