शुक्रवार, सितम्बर 25, 2020
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विमेंस वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप का ड्रॉ आया सामने, मैरी कॉम समेत कई भारतीय मुक्केबाज़ों को पहले दौर में मिला बाई

रूस के उलान उड़े में आज से शुरू होने वाली विमेंस वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के ड्रॉ की घोषणा हो गई है, जहां ज़्यादातर भारतीय मुक्केबाज़ों को पहले दौर में बाई मिला है। आपको बता दें कि इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक बार फिर देश की सबसे बड़ी उम्मीद 6 बार की वर्ल्ड चैंपियन एम सी मैरी कॉम हैं, मैरी कॉम 51 किग्रा वर्ग में हिस्सा ले रही हैं और वह अपने अभियान का आग़ाज़ 8 अक्टूबर को करेंगी। मैरी कॉम को इस चैंपियनशिप में तीसरी वरीयता हासिल है।

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विमेंस वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप की साइट से लिया हुआ शेड्यूल (समय रूस का दिया गया है जो IST से ढाई घंटे पहले है)

टूर्नामेंट 3 अक्टूबर से शुरू होकर 13 अक्टूबर तक चलेगा, जहां भारत के अभियान का आग़ाज़ 4 अक्टूबर को जमुना बोरो करेंगी, जमुना 54 किग्रा वर्ग में अपने पहले मैच में मंगोलिया की मिचिदमा एरदेनेदलाई से भिड़ेंगी। एक नज़र डाल लेते हैं भारत की सभी मुक्केबाज़ों पर और जानते हैं किसका मुक़ाबला कब और किसके साथ होना है।

विमेंस वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय मुक्केबाज़ों के कार्यक्रम:

4 अक्टूबर, 54 किग्रा, जमुना बोरो बनाम मिचिदमा एरदेनेदलाई (मंगोलिया)

5 अक्टूबर, 57 किग्रा, नीरज

5 अक्टूबर, 75 किग्रा, सविती बनाम म्यागमरजारगल मुंखबत, मंगोलिया

6 अक्टूबर, 60 किग्रा, सरिता देवी (सीडेड 4)

6 अक्टूबर, 81 किग्रा, नंदीनी बमाम निकोलेता इरीना, जर्मनी

7 अक्टूबर, 48 किग्रा, मंजू रानी

7 अक्टूबर, 64 किग्रा, मंजू बोमबोरिया

8 अक्टूबर, 51 किग्रा, एम सी मैरीकॉम (सीडेड 3)

9 अक्टूबर. 69 किग्रा, लवलीना बोरगोहाईन (सीडेड 3)

10 अक्टूबर, +81 किग्रा, कविता बनाम कातसियारिना कावालेवा, बेलारुस

6 बार की वर्ल्ड चैंपियन हैं एम सी मैरीकॉम

अब देखना है कि भारत की इन 10 उम्मीदों में से भारत के लिए पदक कौन कौन लेकर आती हैं, वैसे इनमें से सबसे ज़्यादा भरोसा मैरी कॉम पर ही है और उनपर ख़ुद भी दबाव होगा। क्योंकि मैरीकॉम बिना ट्रायल के इस चैंपियनशिप में गईं हैं जिसको लेकर विवाद भी हुआ था। अगर मैरीकॉम इस बार भी गोल्ड मेडल जीत जाती हैंं तो फिर बॉक्सिंग इतिहास में 7 बार वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली वह दुनिया की पहली और एकमात्र मुक्केबाज़ हो जाएंगी। पुरुष और महिला किसी ने भी आज तक 6 बार से ज़्यादा वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड नहीं जीता है।