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बैडमिंटन

भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम 73 साल में पहली बार थॉमस कप के फाइनल में पहुंची

भारतीय टीम जो की 1979 के बाद कभी भी सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ़ी थी, ने जबरदस्त प्रतिस्पर्था की भावना दिखाई

भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम 73 साल में पहली बार थॉमस कप के फाइनल में पहुंची
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The Bridge Desk

Updated: 13 May 2022 6:49 PM GMT

एचएस प्रणय ने निर्णायक पांचवें मैच में शेर जैसा दिल दिखाते हुए बहादुर प्रयास किया जिसकी वजह से भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने डेनमार्क पर 3-2 से जीत दर्ज की और इस जीत के साथ पहली बार थॉमस कप फाइनल के खिताबी मुकाबले में पहुंचकर इतिहास रच दिया।

भारतीय टीम जो की 1979 के बाद कभी भी सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ़ी थी, ने जबरदस्त प्रतिस्पर्था की भावना दिखाई। भारत ने 2016 की चैंपियन टीम को एक मैच से पिछड़ने के बाबजूद हरा दिया। विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता किदांबी श्रीकांत और विश्व की आठवें नंबर की युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की ने भारत को चुनौती में बनाये रखा, जबकि टाई 2-2 से बराबरी पर पहुंचने के बाद एक बार फिर एचएस प्रणय पर सारा दारोमदार आ गया था जिसपर वह बहुत खरे उतरे।

दुनिया के 13वें नंबर के रैसमस गेमके के खिलाफ खेलते समय प्रणय को फ्रंट कोर्ट पर फिसलने के बाद टखने में चोट लग गई थी, लेकिन मेडिकल टाइमआउट लेने के बाद भी इस बहादुर खिलाड़ी ने खेलना जारी रखा। लेकिन सभी बाधाओं के बावजूद, उन्होंने इतिहास की किताबों में भारत का नाम दर्ज करने के लिए 13-21 21-9 21-12 जीत के साथ सनसनीखेज प्रदर्शन किया।

भारत अब इतिहास की सबसे सफल टीम 14 बार की चैंपियन इंडोनेशिया से रविवार को भिड़ेगा। इंडोनेशिया ने सेमीफाइनल में जापान को 3-2 से मात दी। आज भारतीय टीम का प्रदर्शन विश्वसनीय था, जिसने गुरुवार को पांच बार के चैंपियन मलेशिया पर 3-2 से जीत के साथ सेमीफाइनल में पहुंचकर 43 साल के लंबे इंतजार को तोड़ दिया था, जो आखिरी बार 1979 में हासिल किया गया था।

विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता लक्ष्य सेन पर बहुत कुछ निर्भर था, लेकिन दुनिया के नंबर एक खिलाडी विक्टर एक्सेलसन ने डेनमार्क को 1-0 की बढ़त दिलाने के लिए 21-13, 21-13 से आसान जीत दर्ज की। रंकीरेड्डी और शेट्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच मैच पॉइंट गवाने पर भी अंतिम चरण में एस्ट्रुप और क्रिस्टियनसेन को 21-18 21-23 22-20 से हराकर भारत को प्रतियोगिता में वापस लेकर आये।

दुनिया के 11 वें नंबर के श्रीकांत और दुनिया के तीसरे नंबर के एंडर्स एंटोनसेन दूसरे पुरुष एकल में वर्चस्व की लड़ाई में लगे हुए थे, जिसमें श्रीकांत 21-18 12-21 21-15 के परिणाम के साथ शीर्ष पर रहे। भारत की 2-1 की बढ़त हो गयी। कृष्णा प्रसाद गरागा और विष्णुवर्धन गौड़ पंजाला का भारत का दूसरा युगल एंडर्स स्कारुप रासमुसेन और फ्रेडरिक सोगार्ड से आसानी से 14-21, 13-21 से हार गए।

टाई 2-2 से बराबर होने के बाद निर्णायक पांचवे मैच में अनुभवी प्रणय पहले गेम में हार गए लेकिन चोट के बावजूद दूसरे गेम में काफी अविश्वसनीय रूप से 11-1 की बढ़त बना ली। प्रणय ने बहुत आक्रामक खेल खेला जबकि जेमके भारतीय पर दबाव बनाने में विफल रहा। प्रणय ने फ्रंट कोर्ट पर अपना दबदबा बनाया और जल्द ही गेमके को बहुत सारी गलतियाँ करने के विवश कर दिया। प्रणय तीसरे गेम के इंटरवल पर 11-4 से आगे था। "एचएसपी" के नारों के साथ इम्पैक्ट एरिना गूंज रहा था। प्रणय ने सीधे लाइन स्मैश के साथ नौ मैच पॉइंट हासिल किए और दूसरे मौके पर मैच को सील कर दिया।

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