शुक्रवार, सितम्बर 25, 2020
होम ताज़ा ख़बर सेमीफ़ाइनल्स में हारे साईं, कांस्य से करनी पड़ेगी संतुष्टि

सेमीफ़ाइनल्स में हारे साईं, कांस्य से करनी पड़ेगी संतुष्टि

शनिवार को खेले गए बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप के सेमीफ़ाइनल्स में साई परिनीत का मुकाबला वर्ल्ड नंबर 1 केंतो मोमोता के साथ था जिसमें जापान के शटलर ने परिनीत को 21 – 13 और 21 – 8 से हरा कर फाइनल्स में प्रवेश कर लिया|

इससे पहले दोनों खिलाड़ी एक दूसरे से 5 बार भिड़ें है जिसमें आखरी तीन बार मोमोता ने परिनीत को हराया था| इस बार इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी को हरा कर साई परिनीत ने सेमीफ़ाइनल्स में जगह बनाई जो अपने आप में भारतीय बैडमिंटन के इतिहास को देखते हुए बड़ी उपलब्धि है| मोमोता ने गेम की शुरुआत से परिनीत पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था|

मोमोता ने अपना गेम आक्रामक रखते हुए साई को बहुत कम मौके दिए| पर इंटरवल तक आते आते स्कोर काफी करीब आ गया और मोमोता ने केवल एक अंक से बढ़त ले कर 11 – 10 से हाफ टाइम में प्रवेश किया| इंटरवल के बाद मानो मोमोता ने ठान लिया था कि अब परिनीत को वह अपना गेम नहीं खेलने देंगे और देखते ही देखते 16 – 12 से बढ़त बना ली| उसके बाद परिनीत के पास वापसी करने का ज़्यादा मौका नहीं बचा और 25 वर्षीय जापानी शटलर ने परिनीत के नाक के नीचे से गेम 21 – 13 से मात्र 19 मिनटों में निकाल लिया|

दूसरे सेट की भी शुरुआत मोमोता ने लीड के साथ की और परिनीत के पास ज़्यादा कुछ करने के लिए नहीं बचा| धीरे -धीरे मोमोता ने अपने पॉइंट्स परिनीत की गलती से बटोरने शुरू कर दिए| इंटरवल तक लीड 11 – 4 से बढ़ चुकी थी और साई कोर्ट पर स्ट्रगल करते हुए दिख रहे थे| उसके बाद भी कुछ खासा फर्क नहीं पड़ा और मोमोता यह साबित करते रहे कि वह विश्व के नंबर 1 खिलाड़ी क्यों हैं| गेम जैसे जैसे अंत के करीब आ रहा था, मोमोता की लीड बढ़ती जा रही थी और आखिर में मोमोता ने 28 मिनट खेले गए इस गेम में परिनीत को 21 – 13 और 21 – 8 से हरा कर कांस्य के लिए संतुष्ट होने पर मजबूर कर दिया|

करीब 40 मिनटों तक चले इस मैच में पूरी तरह से मोमोता ने अपना कब्ज़ा जमाये रखा| कमाल की बात यह थी कि इससे पहले सिंधु ने भी चीन की चेन के खिलाफ 40 मिनट में ही जीत दर्ज की| बता दें की साई परिनीत, प्रकाश पादुकोण के बाद ऐसे पहले खिलाड़ी हैं जिसने BWF बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप में मेडल सुनिक्षित किया|