शनिवार, सितम्बर 19, 2020
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कोरिया ओपन 2019: कश्यप का सफ़र सेमीफ़ाइनल में थम गया, वर्ल्ड चैंपियन से हारकर कांस्य पदक से करना पड़ा संतोष

कोरिया ओपन 2019 में भारत की आख़िरी उम्मीद पारुपल्ली कश्यप का सफ़र भी आख़िरकार सेमीफ़ाइनल में जाकर थम गया, हालांकि उन्होंने भारत के लिए कोरिया ओपन से कांस्य पदक ज़रूर जीता। सेमीफ़ाइनल में उनके सामने मौजूदा वर्ल्ड चैंंपियन और वर्ल्ड नंबर एक केन्तो मोमोता थे, और उम्मीद के मुताबिक़ ही मोमोता ने कश्यप को सीधे गेम में 21-13 और 21-15 से शिकस्त दे दी।



कोरिया ओपन में कैसे वर्ल्ड चैंपियन पी वी सिन्धु ने भी टेक दिए थे घुटने

कोरिया ओपन के सेमीफ़ाइनल में पहुंचने वाले पारुपल्ली कश्यप सिर्फ़ तीसरे भारतीय हैं, इससे पहले 2017 में पी वी सिन्धु और 2015 में अजय जयराम ने इस टूर्नामेंट के सेमीफ़ाइनल में पहुंचे थे। हालांकि सिन्धु ने 2017 में कोरिया ओपन पर कब्ज़ा भी जमाया था, और ऐसा करने वाली वह एकमात्र भारतीय हैं। इस मैच की शुरुआत से ही लग गया था मुक़ाबला एकतरफ़ा हो जाएगा, पहला गेम कश्यप सिर्फ़ 18 मिनट में 13-21 से हाए गए थे।

कश्यप की पत्नी और पूर्व वर्ल्ड नंबर वन सायना नेहवाल भी पहले ही दौर में हो गईं थी बाहर

दूसरे गेम में भी कश्यप 3-9 से पीछे चल रहे थे और लग रहा था कि दूसरा गेम तो और भी आसानी से कश्यप के हाथों से निकल जाएगा। लेकिन 3-9 से पीछे चलने वाले कश्यप ने वापसी करते हुए स्कोर 12-12 तक ले आए थे और एक उम्मीद जगा दी थी। पर दुनिया के नंबर एक शटलर मोमोता ने अपने खेल में अचानक से रफ़्तार लाई और फिर उनके स्मैश का कोई जवाब कश्यप नहीं दे पा रहे थे। नतीजा ये हुआ कि कश्यप ने दूसरा गेम भी 15-21 से गंवाते हुए कांस्य पदक से ही संतोष किया।

कोरिया ओपन के सेमीफ़ाइनल में पहुंचने वाले कश्यप सिर्फ़ तीसरे भारतीय

कैसा रहा था पारुपल्ली कश्यप का सेमीफ़ाइनल का सफ़र

जापानी शटलर केन्तो मोमोता ने भी फ़ाइनल में जगह बनाते हुए इतिहास रच दिया है, वह जापान के पहले शटलर बन गए हैं जिन्होंने कोरिया ओपन के मेंस सिंगल्स के फ़ाइनल में प्रवेश किया है।

इससे पहले भारत की दो बड़ी स्टार पी वी सिन्धु और पूर्व वर्ल्ड नंबर एक सायना नेहवाल भी पहले ही दौर में हारकर बाहर हो चुकी थी। इस महीने भारत के लिए ये लगातार दूसरी निराशाजनक सीरीज़ जा रही थी, चाइना ओपन में भी भारत का कोई भी शटलर क्वार्टर फ़ाइनल से आगे नहीं जा पाया था और अब कोरिया ओपन में भी पारुपल्ली कश्यप के अलावा कोई और सेमीफ़ाइनल तक भी नहीं पहुंच पाया।