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भारतीय शटलरों के बुरे रवैये को बदलाव की जरुरत-फ्लैंडी लिम्पेले

भारतीय शटलरों के बुरे रवैये को बदलाव की जरुरत-फ्लैंडी लिम्पेले
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Ankit Pasbola

Published: 26 Dec 2019 12:23 PM GMT

भारतीय बैडमिंटन के डबल्स कोच फ्लैंडी लिम्पेले ने देश के कुछ खिलाड़ियों के बुरे रवैये की बात कही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह डबल्स में अनुशासन के दृष्टिकोण से बिलकुल भी अनुकूल नहीं है। पिछले कुछ कोच अपने अनुबंध समाप्त होने से पहले ही चले गये, जिसका जिम्मेदार उन्होंने खिलाड़ियों के स्वार्थी रवैये को ठहराया। हालांकि उन्होंने खिलाड़ियों के इस व्यवहार को बदलने की भी बात कही है।

लिम्पेले ने कहा, "मैं शायद महसूस कर सकता हूं कि पिछले कोचों को कैसा लगा होगा, क्योंकि यह रवैया भारत में बहुत अनोखा है। इसके अलावा ऐसा लगता है कि विदेशी कोच तेजी से अपने अनुबंध को समाप्त कर रहे हैं, यह एक आम परंपरा है, इसलिए यह मेरे लिए कोई नई बात नहीं होगी।"

इससे पहले तीन भारतीय कोच अपने कार्यकाल से पहले ही छोड़कर चले गये। इंडोनेशिया के मुलो हन्डोयो और कोरिया के किम जी ह्यून ने अपने अनुबंध समाप्त होने से पहले ही छोड़ दिया था। इंडोनेशि‍या की वेबसाइट को दिए एक इंटरव्यू में लिम्पले ने संकेत दिया थे कि उनके साथ भी ऐसा ही हो सकता है। उन्होंने कहा, "यह हो सकता है कि मैं कोच किम और मुलो जैसी चीजों का भी अनुभव करूंगा, पहले से ही इसके संकेत हैं। यह परंपरा है, इसलिए कोई भी 4-5 साल तक नहीं चाहता है।"

उन्होंने 'द इंडियन एक्सप्रेस' से कहा, "कुछ खिलाड़ी स्वार्थी होते हैं। यहाँ टीम वर्क की कमी देखने को मिलती है। वे केवल व्यक्तिगत खुद की परवाह करते हैं। डबल्स में, आप ऐसा नहीं कर सकते। मैं इस संस्कृति को बदलने की कोशिश कर रहा हूं क्योंकि युगल में व्यक्तिवादी खिलाड़ी होना अच्छा नहीं है। मैं इसे धीरे-धीरे बदलना चाहता हूं, उम्मीद है कि यह काम करेगा। लेकिन अगर वह ऐसा नहीं करता है , जिस तरह से वे चाहते हैं, तो कोई भी विदेशी कोच अधिक समय तक रहने के लिए तैयार नहीं होगा।"

हालांकि लिम्पेले ने संकेत दिया कि वह पूरे समूह से अनुशासन की उम्मीद करते हैं। उन्होंने आगे कहा, "यह सभी एशियाई देशों में काम करता है जहां खिलाड़ी व्यक्तिवादी नहीं हैं और सिस्टम का पालन करते हैं। लेकिन मैं उनके रवैये को बदलने और उन्हें बेहतर खिलाड़ी बनाने की कोशिश करूँगा।"

हैंडोयो को श्रीकांत, साई प्रणीत और एच एस प्रणय की सफलता का श्रेय दिया जाता है, जबकि किम उस समय कोर्ट में थे जब पी वी सिंधु ने इस साल की शुरुआत में अपना पहला विश्व चैम्पियनशिप फाइनल जीता था। इस समय लिम्पेले को सात्विकसाईराज-चिराग शेट्टी की उदयीमान जोड़ी को टोक्यो ओलंपिक में अच्छे प्रदर्शन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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