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Commonwealth Games 2022: एथलेटिक्स दल जीत सकता है देश के लिए सबसे ज्यादा पदक, ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा करेंगे दल का नेतृत्व

भारत के एथलेटिक्स दल में नीरज चोपड़ा, अनु रानी, अविनाश साबले, तेजस्विन शंकर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे

Neeraj Chopra Javelin Throw
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नीरज चोपड़ा 

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Amit Rajput

Published: 23 July 2022 4:30 PM GMT

28 जुलाई से बर्मिंघम में राष्ट्रमंडल खेल शुरू होने जा रहे हैं। यह राष्ट्रमंडल खेलों का 15वां संस्करण हैं। इस बार खेलों में भारत की ओर से अब तक दूसरा सबसे बड़ा दल उतारा जा रहा है। जहां इस बार भारत के 300 से अधिक खिलाड़ी देश के लिए पदक जीतने के लिए संघर्ष करने वाले हैं। भारत के सभी खिलाड़ी देश के लिए ज्यादा से ज्यादा पदक जीतना चाहेंगे।

भारत की ओर से सबसे ज्यादा पदक की उम्मीद देश को एथलेटिक्स दल से होगी। जहां भारत के एथलेटिक्स दल में नीरज चोपड़ा, अनु रानी, अविनाश साबले, तेजस्विन शंकर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस दल का नेतृत्व भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा करेंगे। देश को उनसे ओलंपिक की तरह यहां भी स्वर्ण पदक की उम्मीद होगी।

सबकी निगाहें टिकी होगी ओलंपिक चैंपियन पर

राष्ट्रमंडल खेलों में सबसे ज्यादा निगाहें पूरे भारत की ओलंपिक चैंपियंन नीरज चोपड़ा पर होगी। नीरज शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने ओलंपिक के बाद हाल ही में डायमंड लीग में शानदार प्रदर्शन कर देश के लिए रजत पदक जीता था। विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी है। इसके अलावा वें लगातार अपने ही अपने रिकार्ड को तोड़ रहे और देश के लिए पदक जीत रहे हैं। पूरे देश को उनसे राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक की उम्मीद होगी।

अनु रानी और रोहित से भी पदक की उम्मीदें

अनु रानी लगातार दूसरी बार विश्व चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंचने के बाद बर्मिंघम में अच्छा प्रदर्शन करने के लिये आत्मविश्वास से भरी होंगी। महिला चक्का फेंक स्पर्धा से भी भारत को सीमा अंतिल और नवजीत कौर ढिल्लों से दो पदक मिल सकते हैं जो 2018 चरण में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीतने में सफल रही थीं। जहां अंतिल अपने पांचवें पदक की ओर बढ़ रही हैं। वह राष्ट्रमंडल खेलों से कभी भी खाली हाथ नहीं आयी हैं, हालांकि इस सत्र में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 57.09 मीटर का ही रहा है।

साबले ला सकते हैं स्वर्ण पदक

साबले को 3000 मीटर स्टीपलचेज में शीर्ष स्थान के लिये फिर से कीनिया के विश्व चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता कोंसेसलस किप्रूतो और अब्राहम किबिवोट से चुनौती मिलेगी। भारत के तीन त्रिकूद एथलीट प्रवीण चित्रावेल, अब्दुल्ला अबूबाकर और एल्डोस पॉल भी इस सत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। वही मैराथन रेस में भारत के नितेंदर रावत हिस्सा लेंगे जो 30 जुलाई को होगी जबकि अन्य ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धायें दो से सात अगस्त को होंगी।

लंबी कूद में श्रीशंकर भी ला सकते हैं पदक

श्रीशंकर बर्मिंघम में पदक जीतने के प्रबल दावेदार हैं जो विश्व चैम्पियनशिप में दावेदारों में शामिल थे लेकिन 7.99 मीटर की कूद से सातवें स्थान पर रहे। विश्व चैम्पियनशिप की निराशा उन्हें राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने के लिये प्रेरित कर सकती है। वही अन्य लंबी कूद के भारतीय मोहम्मद अनीस याहिया भी पदक की दौड़ में हो सकते हैं, अगर वह 8 मीटर की कूद लगा लें जो वह इस सत्र में पांच बार कर चुके हैं जिसमें मार्च में उन्होंने 8.15 मीटर की सर्वश्रेष्ठ कूद लगायी।

ऐश्वर्या और लक्ष्मी के बाहर होने से लगा झटका

सेकर धनलक्ष्मी और ऐश्वर्या बाबू को डोपिंग जांच में विफल आने के बाद टीम से बाहर कर दिया गया। लेकिन धनलक्ष्मी की अनुपस्थिति से महिलाओं की चार गुणा 100 मीटर रिले टीम पर असर पड़ेगा, हालांकि इंग्लैंड, जमैका, कनाडा और आस्ट्रेलिया की मौजूदगी से भारत प्रबल दावेदारों में शामिल नहीं है। वही लंबी कूद की एथलीट ऐश्वर्या पदक (कांस्य पदक) दावेदारों में शामिल हो सकती थीं क्योंकि पिछले महीने राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैम्पियनशिप में उन्होंने 14.14 मीटर की कूद लगायी थी।

यदि वही अगर राष्ट्रमंडल खेलों में देश के एथलेटिक्स प्रदर्शन की बात करें एथलेटिक्स में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिल्ली 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में रहा है। जिसमें दो स्वर्ण, तीन रजत और सात कांस्य पदक ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धा के खाते में रहे थे। उस प्रदर्शन की बराबरी करना हालांकि निश्चित रूप से मुश्किल होगा लेकिन भारतीय दल अपना दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश में होंगे।

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